बाबा जी तेरे दर आई सुनले मेरी पुकार
शरण पड़ी हूँ भव से देना उबार
भूल चूक कोई हमसे हो तो माफ़ करो
बच्चे तेरे है थोड़ा इंसाफ करो
हमको न ठुकराना बाबा आये तेरे द्वार
बाबा जी तुम बहुत दयालु भोले हो
भक्तों की खातिर खज़ाने खोले हो
सीधा साधा रूप तुम्हारा प्रेम भरा व्यवहार
डगमग डगमग डोले मेरी नैया है
तुम बिन बाबा कोई नही खिवैया है
पार करो भवसागर से जो आन फंसी मंझधार
बाबा दुनिया ये दो दिन का मेला है
विषयों और विकारों का सारा झमेला है
आके पाप हरो तुम मेरे करदो मेरा उध्दार
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