मेरी मेरी विच जन्म गवाया कि भुलके न नाम जपया
तैनू विषया ने आन फंसाया कि भुलके न नाम जपया
क्यों करना ऐ तू मेरी मेरी , जीवन इक खाक दी ढेरी
तेरे नाल न कुछ वी जाणा कि भुलके न नाम जपया
अजे वि वक्त है नाम सुमिर ले सच्चे दिल नाल तू पाठ करले
तेरे नाल ऐहो कुछ जाणा कि भुलके न नाम जपया
ऐ माया है आणि जानी दुनिया सारी दुःख दी खानी
तैनू माया ने आन फंसाया कि भुलके न नाम जपया
_____________________****_______________________
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें