मंगलवार, 12 मई 2015

गुरुदेव के भजन-268(Gurudev Ke Bhajan268)



हाथ जोड़के तुझे मै मनाऊँ , कैसे बाबा तुझे रिझाऊँ 

दिल ने बाबा तुझको पुकारा तूने बढ़के दिया सहारा 
उसी रूप  के मै दर्शन पाऊँ 

भीर पड़े जब तुझे पुकारूँ  आना बाबा पंथ निहारूँ 
दिल में प्रीत की जोत जगाऊँ 

नाम की ज्योति दिल में जला दो अपनी जोगन मुझे बना दो 
चरणकमल पे शीश नवाऊँ 

मेहर की नज़रें मुझपे करदो अपने नाम से झोली भरदो 
भव सागर से मै तर जाऊँ



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