दिल करता ओ महानंद बाबा मेरा दिल करता
दर तेरे पे आऊँ श्रद्धा से शीश झुकाऊं फूलों की माला पहनाऊँ
ओ ----खाली है झोली बाबा भरने को आया ------दिल करता ------
सुन्दर प्यारा तेरा भवन रंगीला है
खुशियो के मेले सजें अद्भुत लीला है
ओ -----अजब निराला घाटगेट है बसाया --------दिल करता ---
सुनलो बाबा जी तेरे दर के भिखारी है
माया और मोह में लिपटे नर नारी है
ओ --------आज तेरे दर पे हमने डेरा है लगाया ----दिल करता ---
मेहर के खज़ाने खोलो करदो निहाल तुम
शरण में आये बाबा करलो सम्भाल तुम
ओ --------विनती को सुनलो बाबा दर तेरे आया ---दिल करता ---
सारा जग वैरी बाबा कैसे हम ध्याये
हमे न भुलाना बाबा गुण तेरे गाये
ओ -----चरणो की भक्ति देना आस लेके आया ----दिल करता ---
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