बुधवार, 3 अप्रैल 2024

bhent----11

 कितनी बार पुकारा तुमको सुनलो मेरी पुकार 

ओ मेरी झण्डेवाली आई हूँ मैं तेरे द्वार 


तेरी सूरत सबसे प्यारी लगती  है 

जगमग जगमग जोत तुम्हारी जलती है 

आई हूँ मैं शरण तिहारी मैया करो उद्धार 


दिल में अरमानों की माला लाया हूँ 

तुझे भेंट करने को माता आई हूँ 

गाती हूँ मैं गीत तुम्हारे करलो मैया स्वीकार 


प्रेम के आँसू आँख से हरदम बहते हैं 

तेरे सिवा न कोई दर्द हम सहते हैं 

मैया आके हमें बचालो भव से करदो पार 


तेरे सिवा न मेरा कोई ठिकाना है 

तुझे छोड़कर मुझे कहीं न जाना है 

चरणों में पड़ा हूँ तेरे दे दो अपना दुलार 


माँ बेटे का जन्म जन्म का नाता है 

बेटा कपूत माँ न बने कुमाता है 

प्यार के इस रिश्ते से मैया बँधा हुआ संसार 


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