बुधवार, 27 मार्च 2024

bhent --4

 ओ झण्डेवाली तुम बिन मेरा नहीं सहारा 

किश्ती मेरी बचाओ सूझे नहीं किनारा 


तेरे बिना तो मैया कोई नहीं है मेरा 

है रात ग़म की काली दिखता  नहीं सवेरा 

घबरा के सारे जग से तुमको ही है पुकारा 


दिल मेरा आज घायल दुनिया से टूटा नाता 

तुझ बिन ओ  मेरी माता कोई साथ न निभाता 

चमका दो मेरी किस्मत दे दो मुझे सहारा 


अब किसके द्वारे जाऊँ  मेरी कौन माँ सुनेगा 

तेरे दर के सिवा मैया कहाँ आसरा मिलेगा 

आया हूँ शरण तेरी दामन को है पसारा 

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