सोमवार, 8 अप्रैल 2024

bhent---13

 झण्डेवाली खोल द्वारे इक दुखिया पुकारे 

रो रो अर्ज गुज़ारे तेरा दास माँ 

ना जुदाई सही जाए साल सी ने कान्हू लाए 

आजा आजा मेरी माए तेरा दास माँ 


तेरी मैनू याद सतावे पलकां रो रो पकियाँ 

तू जिन्हा राहां तो आवे मैं विछावां अखियाँ 

आस पुजादे झण्डेवालिए 

दिल दी प्यास बुझावीं मेरा दिल एहो पुकारे 


एहो मेरी आस है माए दर्श तेरा ही पावां 

बणके तेरा दास मैं मैया तेरे ही गुण गावां 

विनती मेरी सुण झण्डेवालिए 

मैनू न भुलावीं मै तां तेरे ही सहारे 


तेरे दर्श दी खातिर मैया रोज़ मैं दर ते आवां 

हंजुआ दी मैं भेंटां लैके तेरे गल चढ़ावां 

शरणीं लगालै झण्डेवालिए 

पाके चरणां दी धूड़ी हो जाएँगे वारे न्यारे 

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