सोमवार, 8 अप्रैल 2024

bhent--14

आओ माँ ---------------------------- झण्डेवाली माँ 
मैं तो कबसे रही पुकार 
मेरी माँ खोलो अब तो द्वार 

 तेरे दर्श की अखियाँ प्यासी 
रहें तड़पती चैन न पाती 
आके मिटा तू मेरी उदासी -----------

तुझ बिन व्याकुल जियरा मोरा 
तू चंदा मैं चकवा तोरा 
क्यों तूने मेरा दिल को तोड़ा ----------

तड़प तड़प कर रैन बिताऊँ 
हाले दिल अब किसको सुनाऊँ 
किसके दर पर पलड़ा बिछाऊँ ----------

सुनलो दाती अर्ज हमारी 
दर पर आई हूँ दुखियारी 
दुनिया ने मुझे ठोकर मारी ---------------

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