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शनिवार, 27 फ़रवरी 2021

साथ तेरा मेरा

 तेरा मेरा  साथ माँ पुराना है 

नाता ये प्रेम का निभाना हे 

तू मेरी माँ जगत की जननी है 

तेरे चरणों में ही ठिकाना है 


तूने लाखोँ को भव से तारा है 

खड़ा तेरे दर पे इक दीवाना है 

मैया तेरा ह्मे सहारा है 

दिल तुझे भेंट में चढ़ाना है 


तेरी नज़रें खफा कभी  न हों 

मुझको इनमें ही तो समाना है 






तर्ज - आपकी नज़रो ने समझा

माता तेरा बाल हूँ मैंयूँ न तू ठुकरा मुझे 

दर पे तेरे आ गया माँ फिर गले से लगा मुझे 


गम से मैँ घबरा गया द्वार तेरे आ गया 

अपने कर्मो को देखकर माता मैं घबरा गया 

पार करना भव से माता समझकर नादाँ मुझे 


माता मैं मजबूर हूँ तुमसे मैं जो दूर हूँ 

दिल लुभाया विषयों ने फिर भी क्यों मगरूर हूँ 

दुनिया से घबरा के माता दल ने दी है सदा तुझे 


मुझको न बिसराओ तुम अब तो माँ  जाओ तुम 

बाल तेरा हूँ मैया मुझको गले से लगाओ तुम 

तेरे चरणों में पड़ा हूँ माता तू अपना मुझे 




तर्ज - आपकी नज़रो ने समझा 

तर्ज तुम बिन जीक्न

मैं हूँ माता बाल तुम्हारा , शरण तेरी आया --माँ 

तेरे द्वार पे हाथ पसारा , शरण तेरी आया - माँ 


काम,क्रोध भटकाए लोभ भी बढ़ता जाए 

तृष्णा की अग्नि में सब कुछ जलता जाए 

मुझे आसरा माता तुम्हारा -------शरण 


गम के अँधेरे साये  छाये चारों  तरफ से छाये 

  तुम बिन मेरी माता  मुझको कौन बचाये 

  डोले नैया दूर किनारा -----------शरण 


 मनवा मोरा गाये तेरे गीत सुनाये 

तुम बिन मेरी माता कौन मुझे अपनाये 

सिर पे है माता हाथ तुम्हारा --------शरण 

शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2021

तेरी याद में आँसु बहते रहेँगे

 तेरी याद में आँसु बहते रहेँगे 

मुँह से कुछ भी बयां हम करेंगे


दिल भर आता है चुप रह कर 

हम फिर भी चुप ही रहते हैं 

तुम मैहर करो हथ सर पे धरो वरना 

आँसुओ से हम भर देंगे 


हे कितने भोले हो तुम कितने दयावान हो 

सबकी विनती को सुन लेते हो करुणनिषि 

हे करुणाकर  तेरा ही ध्यान हम कर 


तेरे चरणों और गु नेरा ध्याब गई 

सगाहे सुबहही या शान गई 

गए जॉयनकर 

तुझे हम ा भूले तेरा गुणगान हो 

प्रीत चरणों से रमा रहेगी 

तर्ज वो जब याद आए



तेरे दर पे आऊँ फूल चढाऊँ 

सूने मन के आँगन ने दीव जलाऊँ 


दिल ने सजदे किये आँसुओ को लिए 

दे दो दीदार तुम क्यों हो रूठे हुए 

कभी कभी सोचूँ हुई क्या खतायें 

किस बात पर हमको दी हैं सजाएँ 


तेरे नाम का मतवाला दिल हो गया 

मैं टी बेखुदी में जाने क्यों खो गया 

चरणों में रख्कर सर अपने को 

कभी तो तरस खाओ कभी मुस्कुराओ 


अब रूठोगे तुम हमसे वादा करो 

माफ़ करदो हमे अब न रूठा करो 

दिल को तसल्ली मिलेगी तबही 

हाथ तेरा नेरे सर और आए 

@मीना गुलियानी