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शुक्रवार, 30 सितंबर 2016

माता की भेंट -----14

आया दर तेरे ते चल नी माँ 
मेरी करदे मुश्किल हल नी माँ 

सुहे शेरां दे उते सवारी तेरी 
महिमा गांवदे ने नर नारी तेरी 
जाए सुक न उम्मीदां दी वल नी माँ -----------मेरी करदे --------

तू ते शक्ति आद  भवानी है 
तू ते जगदम्बे महारानी है 
लया तेरा द्वारा मैं मल नी माँ ---------------मेरी करदे -----------

किसे सोने दा छत्र चढाया ऐ 
कोई हंजुआं दी भेंट लियाया ऐ 
निश्चा तेरे ते रखके अटल नी  माँ ----------मेरी करदे ------------
@मीना गुलियानी 

माता की भेंट -----13

अब देर न कर मेरी माता, तेरा बेटा है तुझको बुलाता 
आकर विपदा दूर करो माँ , तेरी ही महिमा गाता रे 

तेरे इन भक्तन पर माता भीर पड़ी बड़ी भारी है 
आकर दुखड़े हर लो माता दर पे खड़े दुखारी हैं 
तुझ बिन माता कौन है इनका दुखड़ा आन मिटाता रे 

आजा मइया शेरों वाली जगदम्बा माँ शक्ति है 
हर पल तेरी जोत को पूजें करते तेरी भक्ति हैं 
तेरे बिना माँ कौन सुनेगा गाथा जिसे सुनाता रे 

माँ बेटे का पावन नाता तूने क्यों बिसराया है 
बेटा तेरे दर पे रोये क्यों न गले लगाया है 
रो रो के दिल तुझे पुकारे तुझको तरस न आता रे 
@मीना गुलियानी 

गुरुवार, 29 सितंबर 2016

माता की भेंट ------12

बेकार सोचना है तेरे सोचने से क्या है 
होता वही है जो कि तेरे भाग्य में लिखा है 

तेरे रास्ते अगरचे हैं मुसीबतों ने घेरे 
माता का आसरा ले जब तक है स्वांस तेरे 
उसका ही नाम केवल हर रोग की दवा है 

उसका पता जो पूछे कटड़े से हो रवाना 
जो सामने है पर्वत उसपे तू चढ़ते जाना 
दरबार पर पहुँच जा माता की वो गुफा है 

दुनिया की दौलतों का झूठा  है ये खज़ाना 
ये महल और बंगले कुछ भी न साथ जाना 
मत खेल जिंदगी से बेकार का जुआ है 

गर चाहते हो मुक्ति माँ के चरण पकड़ लो 
जीवन की नाव उसकी शक्ति से पार करलो 
उसकी कृपा से जलता तूफ़ान में दिया है 
@मीना गुलियानी 

हमें दुनिया भर से क्या

महलों में रहने वाले तू खुश हो या खफा
अपना तो कूचा प्यारा हमे तेरे दर से क्या

हमने तो वफ़ा की है और ऐसा ही करेंगे
झोली में गर तू गम दे ख़ुशी से वो भरेंगे
हर चीज़ तेरी प्यारी हमें शिकवा तुमसे क्या

हीरे ,मोती,लाल-ओ-जवाहर भी हम न लें
ज़िल्लत से जो मिले तो मुहब्बत भी हम न लें
इज़्ज़त की रोटी प्यारी हमें दुनिया भर से क्या
@मीना गुलियानी 

बुधवार, 28 सितंबर 2016

नही तो मर जाऊँगी

मैंने जीवन की सोंपी तुझे डोर, तेरे संग मैं तो आऊँगी
सैंया हाथ मेरा कभी भी न छोड़ना, नही तो मर जाऊँगी

इस संसार की हर वस्तु से नाता मैंने तोडा
तुझको अपना मान लिया जब ये जग मैंने छोड़ा
मेरा साथ कभी न तुम छोड़ना मैं कैसे जी पाऊँगी

तेरे कारण दुनिया ने जीना दुश्वार किया है
हर मुश्किल में साजन तुमने मेरा साथ दिया है
कभी भूलके नज़र तू न फेरना मैं कैसे सह पाऊँगी
@मीना गुलियानी 

निकसे हैं प्राण ---सैंया

बादल झूमके गावत आज
चन्दा भी छुप छुपके देखत आज
 देखो जी मुझको आवत लाज ---सैंया

तुमको बनाया है मनमीत
देखो हमारी हो गई जीत
अब तुमसे जो हो गई प्रीत
कैसे निभाओगे तुम प्रीत ----सैंया

बाँधी है प्रीत की डोरी जो आज
देखके तुमको आवत लाज
नज़रें झुकाकर करलो जी बात
कहदो अपने जिया की बात ----सैंया

दिल ने उठाये हैं सौ तूफ़ान
काबू में कैसे हों अरमान
तुम ही हो मेरे जीवन प्राण
देखूँ न तुमको निकसे हैं प्राण ---सैंया
@मीना गुलियानी 

मंगलवार, 27 सितंबर 2016

माता की भेंट ----11

आज मइया शेरां वालिये , भगतों ने तुमको पुकारा 
आज मइया जोतां वालिये ,तेरा ही है माँ सहारा 

माँ अब तो आ जाओ,मेरे दिल ने सदा दी  है 
मेरी बिगड़ी बना जाओ, क्यों देर लगा दी है 

माँ दर्श दिखा जाओ, भगतों ने पुकारा है 
माँ पर लगा जाओ, आसरा ही तुम्हारा है 

नैया डोले मेरी, मत देर लगाओ माँ 
मैं बुझता दीपक हूँ ,तुम आके बचा लो माँ 

मेरे नैन प्यासे हैं ,माँ प्यास बुझा जाओ 
मेरी विनती सुनलो माँ, ऐसे न ठुकराओ 
@मीना गुलियानी 

प्यार का राग सुनो

मन की लगन करे पुकार 
दिल की बात सुनो 
प्यार का राग सुनो रे --------------------

बातों की गहराई 
प्यार की ऊँचाई 
दिल ने ली अंगड़ाई 
मस्त घटा छाई 
दिल गुनगुनाने लगा रे ---------------------

ऐसे यूँ न जाओ 
कुछ तो मुस्कुराओ 
कुछ तो मुँह से बोलो 
यूँ न दिल जलाओ 
दिल ने तेरे छू लिया रे --------------------------

नज़रों का झुक जाना 
तेरा यूँ शरमाना 
पलकों को गिराना 
आँचल सरकाना 
होश मेरा गया रे --------------------------------
@मीना गुलियानी 

माता की भेंट ----10

माँ हाथ जुड़े हैं तेरे दरबार के आगे 
न झुकेगा सर मेरा इस संसार के आगे 

दिल में सदा गूँजे तेरे ही नाम की रटन
हर पल तेरे ही नाम को रटता रहे ये मन 
माँ तेरी लगन के कभी टूटे न ये धागे 

सांसों की डोरी को किया माँ तेरे हवाले 
दे दे मुझे अँधियारे या तू करदे उजाले 
रखना तू मेरी लाज कोई दाग न लागे 
@मीना गुलियानी 

माता की भेंट -----9

खोलो ज़रा भवनां दा द्वार माँ 
जय अम्बे जय अम्बे दीवाने तेरे बोलदे 

तेरियां उडीकां विच अखां गइयाँ पक माँ 
कदे ता दयाल होके बचयाँ नूँ तक माँ 
करदे हाँ असी इंतज़ार ----------------जय अम्बे जय अम्बे --------

बचयाँ तो दस होया केहड़ा कसूर माँ 
नोहां नालो मांस अज होया किवें दूर माँ 
बागां कोलों रुसी ऐ बहार --------------जय अम्बे जय अम्बे -------

मांवां बिना पुतराँ नूँ कोई वि न झलदा 
ताइयो तां जहान सारा बुआ तेरा मलदा 
तुइयो लावें डुबदे नूँ पार ---------------जय अम्बे जय अम्बे ---------

भक्तां ने रखियां माँ तेरे उते डोरियां  
तकदे ने जिवें तके चन नूँ चकोरियां 
दर खड़े पलड़ा पसार -------------------जय अम्बे जय अम्बे ----------
@मीना गुलियानी 

सोमवार, 26 सितंबर 2016

माता की भेंट -----8

तुझे छोड़ कहाँ जाऊँ माँ , मैंने ढूँढा ये सारा जहान है
अब तो ये सारा जीवन , मैंने लिख दिया तेरे नाम है 

तेरे बिना मैं चैन न पाऊँ , रोते रोते वक्त कटे 
हर पल तेरी याद में गुज़रे दिन बीते यूं ही रात कटे 
यूं ही जीवन बिताऊं सुबो -शाम है ,तेरे बिन कहाँ आराम है 

जाने कौन सी गलती पर तू ,रूठ गई है अब मुझसे 
हूँ नादान तेरा बच्चा माँ, अब तो मान जा माँ मुझसे 
तेरे चरणों में मेरा प्रणाम है ,यही विनती करूँ आठों याम है 

माँ-बेटे का पावन नाता, हर नाता अब झूठा  है 
तुझको अपना माना मैंने , हर नाता अब झूठा है 
दुनिया स्वार्थ का नाम है , सबको पैसे से काम है 
@मीना गुलियानी 

पनिया भरन की बेला में

सर पे गगरिया  क्यों छलके , पनिया भरन की बेला में
सर से चुनरिया क्यों सरके , पनिया भरन की बेला में

पायलिया मत शोर मचाना , पिया जब होंगे साथ रे
दिल की बातें कर  ही लेंगे , दोनों ही चुपचाप रे
हँस लेंगे हम जी भरके -------------------------

ओ रे पपीहे तू कुछ कहदे, अपने मन की बात रे ,
दिल की बातें जान ही लेंगे ,साजन अपने आप रे
नैनों से कहदो न बरसे -------------------------

जीवन में सब मिल जाए, जब प्रीतम का हो साथ रे
कुछ न बचे कहने सुनने को , दिल से हो दिल की बात रे
मिलने को फिर मन तरसे --------------------------
@मीना गुलियानी 

रविवार, 25 सितंबर 2016

माता की भेंट ------7

माँ जगदम्बे जी के  द्वार , जो भी करता है पुकार 
आस पुजाए, माँ अम्बे , सुन लेती है पुकार 

माँ जगदम्बे की शान निराली 
लौटा  न खाली कोई यहाँ से सवाली 
सुनके करुणा भरी पुकार शेरों पे होके सवार 
आके अम्बा हर लेती ,सबके दुखड़े अपार ----------------------   माँ जगदम्बे

जो भी मइया जी की आस लगाए 
मइया  जी उसकी आस पुजाए 
माँ की महिमा अपरम्पार ,प्रेम की शीतल चले फुहार 
मइया अम्बे जगदम्बे ,कर देती  भव से पार------------------------ माँ जगदम्बे

राजा हो या कोई भिखारी 
सब हैं बराबर यहाँ नरनारी 
माँ के भरे हुए भण्डार ,लेवे  नाम जो होवे पार 
माँ जगदम्बे जी भक्तो का करती हे उद्धार ---------------------------माँ जगदम्बे
@मीना गुलियानी 

माता की भेंट -----6

सुन मइया सुन मेरी विनती को सुन 
हमसे जो भूल हुई माफ़ करो तुम 

दूर करो सारे भरम दास पे करदो करम 
बिगड़ी बनादो मेरी मिट जाए मन का भरम 
तेरे द्वारे आऊँगा शीश झुकाऊँगा 
शीश झुकाके तेरी महिमा मैं गाऊँगा 
दर्श दिखादे मेरा तरसे है मन ---------------------सुन मइया सुन

 मैं गुनहगार मइया  बिगड़ी सँवार तो दो 
दर पे खड़ा हूँ तेरे थोड़ा मुझे प्यार दो 
तेरे द्वारे आऊँगा जोत जलाऊँगा 
जोत जलाके तेरे गुण मइया गाऊँगा 
मुझको लगी है तेरे नाम की लगन -----------------सुन मइया सुन

चंचल है मेरा मन करदे तू थोड़ा करम 
जीवन बनादो मेरा हो जाएं दूर माँ गम 
चरणों में आऊँगा शीश झुकाऊँगा 
बनके दीवाना तेरी महिमा मैं गाऊँगा 
चरणों में तेरे सदा बीते ये जीवन -------------------सुन मइया सुन
@मीना गुलियानी 

माता की भेंट -----5

 जगदम्बे शेरां वाली, बिगड़ी सँवार दे 
नैया भँवर में मेरी , सागर से तार दे 

मैं अज्ञानी मैया ,कुछ भी न जानू 
दुनिया के झूठे नाते ,अपना मैं जानू 
आके बचालो नैया ,भव से उबार दे 

लाखों की तूने मैया , बिगड़ी बनाई 
फिर क्यों हुई है मैया, मेरी रुसवाई 
लाज बचाले माता ,दुखड़े निवार दे 

जपूँ तेरा नाम मैया ,ऐसा मुझे ज्ञान दे 
नाम न तेरा भूलूँ ,ऐसा वरदान दे 
आशा की जोत , मेरे दिल में उतार दे 
@मीना गुलियानी 

शनिवार, 24 सितंबर 2016

मन की किताब

मैं अपने मन की किताब का एक पन्ना पलटता हूँ

देखता हूँ एक नया फूल उग आया है

जैसे कि वसन्त आ गया है मुझमे

रंग बिरंगे सपने बुनने  लगा है मन

बारिश की बूँद भी फूल पर पड़ती है

मन उपवन की दूब पर ओस पड़ती है

खुशबु गुनगुनाती है जाने क्या गाती है

कुछ तन्हाई के नगमे कुछ मिलन के गीत

तन्हा रातो में अकेलेपन की यादें

आँसुओं में पिघलती हैं मेरा मन तलाशता है

एक आसमान को उसे सहेजने के लिए

मेरी अँगुलियाँ धीरे धीरे सागर की रेत पर

तुम्हारा चित्र उकेरती हैं जिन्हें लहरें मिटा देती हैं

मैं भय से भर जाता हूँ सोचता हूँ

क्या हमारा अस्तित्व भी ऐसे ही मिट जाएगा

क्या हम भी इन्हीं लहरों में विलीन हो जाएंगे

सपने तो सपने ही हैं मन की परछाईयाँ

कभी भय बनकर कभी सत्य बनकर

सामने आती हैं नदी,पत्थर और डालियाँ

सभी अपने अपने रंग ढूँढती हैं

एक लय में एक धुन धड़कती है

एक तूफ़ान की खामोशी सी

तुम्हारे होंठो पर आकर ठहर जाती है

अनगिनत रंगों का गुबार बरसता है

चेतना की सतह पर लगातार

शाम  की उदास हवा में तुम्हारे गीत

दम तोड़ते हैं एक के बाद एक खामोशी में
@मीना गुलियानी

हम हैं बड़े दीवाने

देख हमें आवाज़ न देना, हम हैं बड़े दीवाने
आज न देखेंगे मुड़के , दुनिया को मस्ताने

दूर कहीँ इक पंछी गाये , क्या बतलाये
कल जो बीत गया है , वो फिर लौट न आये
दिल की बातें रखो दिल में , लोग उन्हें क्यों जाने

अरमाँ दिल के मचल रहे हैं , क्या समझाएं
प्रेम में जब दिल मिलते हैं , तो जग तड़पाये
दिल की लगी को दिल ही जाने , या जाने परवाने
@मीना गुलियानी 

माता की भेंट ---4

मेरी अखियाँ च शेराँ वाली माँ वस गई , नैन खोलां किवें 
मेरे दिल विच ओदी तस्वीर बस गई ,भेद खोला किवें

 लोकी पुछदे तू मुहों क्यों नहीँ बोलदी 
तक दुनियां नू अखां क्यों नहीँ खोलदी 
ऐ सुनके मैं आँख ज़रा होर कस लई 

मैं डरदी हाँ सुरमा वि न पांवदी 
ऐहो गल दिन रात मेनु खावदि 
किदे मइया नू सुरमे दी सलाई लग गई 

मेरे अपने बेगाने ताने मारदे 
ताने मार लेन मेरा की बिगाड़दे 
जान मेरी ता जाणी जान नाल लग गई 

मैं दीवानी गुलाम ओदे दर दी 
नौकरानी हाँ मइया जी दे घर दी 
मेरे नैना च मइया जी दी जोत जग गई 
@मीना गुलियानी 

माता की भेंट ------3

माँ मेरी विपदा दूर करो , माँ मेरी विपदा दूर करो 
तेरी शरण मैं आया हूँ , आकर मेरे कष्ट हरो 

तू ही अम्बे  काली है 
दुखड़े हरने वाली है 
माँ मेरे दुखड़े दूर करो 
आकर सारे कष्ट हरो ------माँ---------

भक्तों ने तुझे पुकारा है 
तूने दिया सहारा है 
विनती पे मेरी ध्यान धरो 
चरण पड़े की लाज रखो ------माँ ----------

शरण तुम्हारी आये हैं 
इस जग के ठुकराए हैं 
दुविधा सबकी दूर करो 
पाप ताप सन्ताप हरो ------माँ-------------
@मीना गुलियानी 

शुक्रवार, 23 सितंबर 2016

माता की भेंट ---2

तू जाणे मेरी माँ तेरियां तू जाणे 

कण्डया विच तू ही हसदी, फुलां दे विच तू ही वसदी 
महिमा तेरी महान तेरियां --------------------------

तू है सारे जग दी दाता , जोड़्या तेरे नाल मैं नाता 
दे दो भक्तिदान ,तेरियां --------------------------

सो जाणे जिस खेड रचाई ,की आखाँ उसदी वडियाई 
हारे वेद पुराण , तेरियां --------------------------------

ऐ जग है सब तेरी माया, कण कण दे विच आप समाई 
मैं बालक अन्ज़ान , तेरियां --------------------------
@मीना गुलियानी