मिलकर निर्माण करें हम
मेहनत करने से न डरे हम
आशाओं के सुमन बिखेरें
धरा पे स्वर्ग आह्वान करें हम
@मीना गुलियानी
मिलकर निर्माण करें हम
मेहनत करने से न डरे हम
आशाओं के सुमन बिखेरें
धरा पे स्वर्ग आह्वान करें हम
@मीना गुलियानी
बिना चाह के कुछ नहीं मिलता
चाह होने से ही सब मिलता है
मानव किसी चाह होने पर ही
उस ओर मुख़ातिब होता है
उसे पाकर ही वो दम लेता है
@मीना गुलियानी
रात बढ़ती हुई पैगाम देती है
दिल दिमाग को राहत देती है
सबसे ग़ाफ़िल मंजिल पाती है
@मीना गुलियानी
कुछ छूट रहा है इस जीवन पथ पर
अपनों का प्यार दुलार सब भूल कर
काम की तलाश में बहुत दूर जाकर
अपना घर देश विदेश बन गया है
चंद पैसों की खातिर छूट रहा है
@मीना गुलियानी
चश्मा उतार कर देखो
दुनिया हसीन दिखेगी
नहीं तो गमगीन है
ये सारा ही संसार
@मीना गुलियानी
तेरी यादों के सहारे जी रहे थे हम
तुमने हमें किसी काबिल न समझा
हमें सबके सामने रुसवा कर दिया
@मीना गुलियानी
तुम पुरुष होने का दम्भ भरते हो
यह तो ईश्वर की ही देन है
कुछ पुरुष जैसे काम भी करो
सिर्फ नाम से ही काम मत करो
@मीना गुलियानी
महानता है काम से
लोग सिर्फ नाम के लिए
नाटक सा रच लेते हैं
सब लोग वाकजाल में
फँसकर तंज कसते हैं
कभी बुध्दू भी बनते हैं
तुमने वादा किया था
हमेशा साथ निभाने का
एक ज़लज़ला क्या आया
हाथ छुड़ाकर चल दिए
@ मीना गुलियानी
तुझे हम कबसे चाहते थे
इस राज़ को छुपाना चाहा
न जाने कैसे उजागर हुआ
दुनिया ने कसूरवार कहा
सबकी आँखों में नागवार था
@मीना गुलियानी
ख़्वाब नहीं देखा तबसे जबसे तुम चले गए
ऐसी भी क्या ख़ता मुझसे हुई क्यों जुदा हुए
@ मीना गुलियानी
सदा बेहतर होता है
जब भी प्रेम से देखें
कटुता निकलती है
प्रेम में विश्वास होता है
जज्बात निखरते हैं
दूरियाँ मिटती हैं जो
दूर था वो करीब होता है
@मीना गुलियानी
दिल पर नज़र रखनी है
ये मुश्किल से मिला है
कायनात में सुंदर है
उपहार तुझसे मिला है
@मीना गुलियानी
नज़र रखना अपने दिल पर
कहीं ये खो न जाए
कहीं बेकाबू न हो जाए
इतनी बड़ी दुनिया है
किसी और का न हो जाए
@मीना गुलियानी
एक दीया तेरे नाम का हमने जलाया है
तेरे प्यार की यादों से सुकूँ हमने पाया है
जब भी दुःख भरी आँधियाँ बुझाने चली
हमने उन सबसे अपने आँचल में छुपाया है
इक दिया तेरी यादों का हम जलाते हैं
तुम जब देखकर अनदेखा करती हो
तुम्हारी दी हुई चोट को सहन करते हैं
@मीना गुलियानी
मेरी कमनसीबी तो देखो
जिसके साथ चाय पीनी थी
वो हाथ छुड़ाकर चला गया
दुनिया में हमें रुसवा कर गया
@मीना गुलियानी
जी मेरी शेरां वाली दे आगे वंदना
इक वारी वंदना हज़ार वारी वंदना
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मेरी मैया दे गल विच हार वे
मैं तां आई मैया दे दरबार वे
ओथों मुक्ति डा दान ऐसा मंगणा ----
मेरी मैया दे द्वारे जो कोई आवे
मुओं मँगिया मुरादा ं पावे
एदे दर तो सब कुछ मंगणा ---
मेरी मैया जहाज बनाया
अपनी शक्ति दे नाल चलाया
आवो आवो जिन्हां ने पार लंगणा --
@मीना गुलियानी