यह ब्लॉग खोजें

शनिवार, 21 नवंबर 2020

मिलकर निर्माण करें हम

मिलकर  निर्माण करें हम 

मेहनत करने से न डरे हम 

आशाओं के सुमन बिखेरें 

धरा पे स्वर्ग आह्वान करें हम 

@मीना गुलियानी  

बिना चाह के कुछ नहीं मिलता

 बिना चाह के कुछ नहीं मिलता 

चाह होने से ही सब मिलता है 

मानव किसी चाह होने पर ही 

उस ओर मुख़ातिब होता है 

उसे पाकर ही  वो दम लेता है 

@मीना गुलियानी 


रात बढ़ती हुई

रात बढ़ती हुई पैगाम देती है 

दिल दिमाग  को राहत देती है 

सबसे ग़ाफ़िल मंजिल पाती है 

@मीना गुलियानी 

कुछ छूट रहा है

कुछ छूट रहा है  इस जीवन पथ पर 

अपनों का प्यार दुलार सब भूल कर 

काम की तलाश में बहुत दूर जाकर 

अपना घर देश विदेश बन गया है 

चंद पैसों की खातिर छूट रहा है  

@मीना गुलियानी 

चश्मा उतार कर देखो

चश्मा उतार कर देखो 

दुनिया हसीन दिखेगी  

नहीं तो गमगीन है 

ये सारा ही संसार 

@मीना  गुलियानी 

गुरुवार, 19 नवंबर 2020

तेरी यादों के सहारे

तेरी यादों के सहारे जी रहे थे हम 

तुमने हमें किसी काबिल न समझा 

हमें सबके सामने रुसवा कर दिया 

@मीना गुलियानी  

वजह बताना

हर बात की वजह बताना जरूरी तो नहीं 

पर तुमसे कोई बात  छुपती भी नहीं 

@मीना गुलियानी 

पुरुष

तुम पुरुष होने का दम्भ भरते हो 

यह तो ईश्वर की ही देन है 

कुछ पुरुष जैसे काम भी करो 

सिर्फ नाम से ही काम मत करो 

@मीना गुलियानी  

महानता है काम से

महानता है काम से 

लोग सिर्फ नाम के लिए 

नाटक सा रच लेते हैं 

सब लोग वाकजाल में 

फँसकर तंज कसते हैं 

कभी बुध्दू भी बनते हैं  

तुमने वादा किया था

तुमने वादा किया था 

हमेशा साथ निभाने का 

एक ज़लज़ला क्या आया 

हाथ छुड़ाकर चल दिए

 @ मीना गुलियानी 

बुधवार, 18 नवंबर 2020

में खुश हूँ

में खुश हूँ मगर तुम उदास लगते हो 

किस ख़ता पर तुम खफा लगते हो 

 

तुझे हम कबसे चाहते थे

तुझे हम कबसे चाहते थे 

इस राज़ को छुपाना चाहा 

न जाने कैसे उजागर हुआ 

दुनिया ने कसूरवार कहा 

सबकी आँखों में नागवार था 

@मीना गुलियानी 

ख़्वाब नहीं देखा

ख़्वाब नहीं देखा तबसे जबसे तुम चले गए 

ऐसी भी क्या ख़ता मुझसे हुई क्यों जुदा हुए    

@ मीना गुलियानी 

सदा बेहतर होता है

 सदा बेहतर होता है 

जब भी प्रेम से देखें 

कटुता निकलती है 

प्रेम में विश्वास होता है 

जज्बात निखरते हैं 

दूरियाँ मिटती हैं जो 

दूर था वो करीब होता है 

@मीना गुलियानी 

दिल पर नज़र रखनी है

दिल  पर नज़र  रखनी है 

ये मुश्किल से मिला है 

कायनात में  सुंदर है 

 उपहार तुझसे मिला है  

@मीना गुलियानी 

नज़र रखना अपने दिल पर

नज़र रखना अपने दिल पर 

कहीं ये खो न जाए 

कहीं बेकाबू न हो जाए 

इतनी बड़ी दुनिया है 

किसी और का न हो जाए 

@मीना गुलियानी  

रविवार, 15 नवंबर 2020

एक दीया तेरे नाम का

 एक दीया तेरे नाम का हमने जलाया है 

तेरे प्यार की यादों से सुकूँ हमने पाया है 

जब भी दुःख भरी आँधियाँ बुझाने चली 

हमने उन सबसे अपने आँचल में छुपाया है 

सोमवार, 9 नवंबर 2020

इक दिया तेरी यादों का

इक दिया तेरी यादों का हम जलाते हैं 

तुम जब देखकर अनदेखा करती हो 

तुम्हारी दी हुई चोट को सहन करते हैं 

@मीना गुलियानी 


रविवार, 8 नवंबर 2020

मेरी कमनसीबी तो देखो

मेरी कमनसीबी तो देखो 

जिसके साथ चाय पीनी थी 

वो हाथ छुड़ाकर चला गया 

दुनिया में हमें रुसवा कर गया

@मीना गुलियानी  

 

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2020

तर्ज --कीर्तन (भेंट)

जी मेरी शेरां वाली दे आगे वंदना 

इक वारी वंदना हज़ार वारी वंदना 

--

मेरी मैया दे गल विच हार वे 

मैं तां आई मैया दे दरबार वे 

ओथों मुक्ति डा दान ऐसा मंगणा ----


मेरी मैया दे द्वारे जो कोई आवे 

मुओं मँगिया मुरादा ं पावे 

एदे दर तो सब कुछ मंगणा ---


मेरी मैया जहाज बनाया 

अपनी शक्ति दे नाल चलाया 

आवो आवो जिन्हां ने पार लंगणा --

@मीना गुलियानी