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मंगलवार, 24 नवंबर 2020

दर्द कम नहीं होता

दर्द कम नहीं होता  भूलने से 

यह ऐसा मर्ज़ है जो बढ़ता जाता 

जब वो दिन ज्यादा याद आते है 

हर बीते लम्हों से दर्द बढ़ता है 

समाधान हर मुश्किल का है

समाधान हर मुश्किल का है 

मुसीबत आये तो मत घबराना 

कहीं न कहीं तो सीखोगे सुलझाना 

धैर्य न छोडो वरना पड़ेगा पछताना  

आज का चाँद चमके

 आज का चाँद चमके 

काली घटाओं के बीच 

ऐसे में प्रियतमा का साथ 

और भी अच्छा लगा 

उसे देखूँ या चाँद देखूँ 

दोनों की रंगत एक है 

@मीना गुलियानी 

मन साफ रखो

मन साफ रखो किसी के प्रति भेद भाव न रखो 

चोरी, भेद भाव , दुराव ,दोस्ती के दुश्मन हैं 

भेद खुल जाने र तुम स्वयं नज़रों से गिरोगे 

जितना मन साफ़ होगा उतने ही करीब होंगे 

@मीना गुलियानी  

जिंदगी खूबसूरत है

जिंदगी खूबसूरत है जब तक तुम साथ हो 

तुम्हारे बिना ये सुनसान पड़ जाती है 

लगता हे इसे तुम्हारी लत पड़ गई है 

जो हर समय तुम्हें तलाशती रहती है 

@मीना गुलियानी 

अब भी वक्त है

अब भी वक्त है सम्भल जाओ 

नहीं तो सब तुम्हें ढूँढ़ते रहेंगे 

शराब के ठिकाने पर तम्हे 

सब हिकारत से देखेंगे 

मीना गुलियानी 

आज का चाँद

आज का चाँद चमका तो उसमें 

तुम्हारा ही रूप चमकने लगा 

 गगन तुम्हारी सुंदरता से शर्माया 

चाँद भी बादलों की ओट में छिपा  

मन साफ रखो

मन साफ रखो तभी अच्छे संस्कार पाओगे 

सर  नवाकर बड़ों के सामने आशीष पाओगे  

@मीना गुलियानी 

रविवार, 22 नवंबर 2020

अगर तुम चाहो तो

अगर तुम चाहो तो 

करीब आ सकते हो 

वरना  हमारे दरम्यां 

काफी समय से दूरी है 

जिसे मिटाना होगा 

फिर से रौनक होगी 

दिल भी झूम उठेगा 

@मीना गुलियानी 

दिल फूल है हमारा

 दिल फूल है हमारा 

अलग अलग रंगों से 

सजा है गुलशन हमारा 

हर फूल खुश है एहसास 

हमारे गम मिटाता है 

दिल में उतर जाते हैं लोग

दिल में उतर जाते हैं लोग 

कुछ आँखों में समाते हैं 

कुछ हसीन यादों में बसते हैं 

कुछ नीदें उड़ा देते हैं लोग 

@मीना गुलियानी  

शनिवार, 21 नवंबर 2020

आज का दिन

 आज का दिन मैं जी लूँ जी भर 

मनाऊँ छुट्टी न करूँ कल की फिक्र 

@मीना गुलियानी 

हासिल हो भी जाए तो क्या

हासिल हो भी जाए तो क्या 

जब सुरूर मिट गया आये साकी तो क्या 

बर्बाद तो हो ही चुके हम नशेमन से क्या 

बागबां लुट गया चंद फूलों से क्या 

@मीना गुलियानी  

बचपन के दोस्त

 बचपन के दोस्त दूर होकर भी याद आते हैं 

फूलों की तरह हमेशा खुशबु फैलाते हैं 

कभी वो  सितारा बनके जगमगाते हैं 

@मीना गुलियानी 

शुभ दीपावली

शुभ दीपावली तभी कहलाती है 

जब आसपास के गरीब लोग भी 

अपनी जरूरत पूरी कर सकें 

सबके घरों में उजाला हो सबके 

चेहरों पर हँसी झिलमिलाए

छल कपट से दूर होके मुस्कुराएं 

@मीना गुलियानी  

अंधेरों से कहदो

अंधेरों से कहदो  अब कहीं दूर जाएँ 

वक्त बदल चुका है प्रकाश को लाएं '

बदनसीबी की चादर की जगह 

प्रकाश को भीतर लाएं खुशहाली लाएं 

@मीना गुलियानी 

एक दिया तेरे नाम का

एक दिया तेरे नाम का मैंने भी जलाया है 

बाहर की सारी कटुता भूलकर तुझे पाया है  

अब तो रोज ही खुशियों की दिवाली होगी 

दिल इस बात पर कितना इतराया है 

@मीना गुलियानी 

अपनों का इंतज़ार

 अपनों का इंतज़ार हर किसी को रहता है 

बेटा अगर विदेश में हो माँ का दिल रोता है 

हर वक्त तो कोई साथ भी नहीं देता 

सिर्फ ऊपर वाले पे ही यकीं होता है 

क्यों दिल को भाये

क्यों दिल को भाये मुस्कुराना तेरा 

भंवरे ने भी सीखा गुनगुनाना तेरा 

मोर सरीखी मस्त  चाल है  ये तेरी 

तेरे दिल ने लूटा सारा खज़ाना मेरा 

दीपावली की हर खुशी तुमसे है

दीपावली  की हर खुशी  तुमसे है 

तुम पास नहीँ होते तो खुद बेमन से 

दीपावली मनाते हैं जो नागवार होती है 

गम के दरिया में डूब जाते हैं कहीं 

किनारा कहीं नहीं पाते हैं अब 

लौट आओ जिंदगी में रंग भरदो