मैं तो माटी का दिया हूँ
तुम ही इसकी बाती हो
साँसे मेरी तब ही चलेंगी
जब तक दिया और बाती है
बिन बाती के मोल नहीं कुछ
बाती से ही दीप हो रोशन
ऐसे ही तुम जीवन को मेरे
अपने प्रेम से करते रोशन
मन मेरा इक अँधा कुँआ है
तुमसे ही फैला उजियारा
तुम ही तो जीवन धन मेरे
तुम ही मेरे प्राण आधारा
@मीना गुलियानी
तुम ही इसकी बाती हो
साँसे मेरी तब ही चलेंगी
जब तक दिया और बाती है
बिन बाती के मोल नहीं कुछ
बाती से ही दीप हो रोशन
ऐसे ही तुम जीवन को मेरे
अपने प्रेम से करते रोशन
मन मेरा इक अँधा कुँआ है
तुमसे ही फैला उजियारा
तुम ही तो जीवन धन मेरे
तुम ही मेरे प्राण आधारा
@मीना गुलियानी