वो नज़रें हमसे ही चुराने लगे हैं
जिनको मिलाने में जमाने लगे हैं
किसी ने पाई हर ख़ुशी इस जहाँ में
हमें जिसको पाने में जमाने लगे हैं
अमावस की रातें कटें एक पल में
कभी पल बिताने में जमाने लगे हैं
खोजा जिसे वो मंजिल थी सामने
हमें उसको पाने में जमाने लगे हैं
न टूटे कभी भी दिल के ये रिश्ते
इनको बनाने में जमाने लगे हैं
@मीना गुलियानी
जिनको मिलाने में जमाने लगे हैं
किसी ने पाई हर ख़ुशी इस जहाँ में
हमें जिसको पाने में जमाने लगे हैं
अमावस की रातें कटें एक पल में
कभी पल बिताने में जमाने लगे हैं
खोजा जिसे वो मंजिल थी सामने
हमें उसको पाने में जमाने लगे हैं
न टूटे कभी भी दिल के ये रिश्ते
इनको बनाने में जमाने लगे हैं
@मीना गुलियानी