मन साफ रखो किसी के प्रति भेद भाव न रखो
चोरी, भेद भाव , दुराव ,दोस्ती के दुश्मन हैं
भेद खुल जाने र तुम स्वयं नज़रों से गिरोगे
जितना मन साफ़ होगा उतने ही करीब होंगे
@मीना गुलियानी
मन साफ रखो किसी के प्रति भेद भाव न रखो
चोरी, भेद भाव , दुराव ,दोस्ती के दुश्मन हैं
भेद खुल जाने र तुम स्वयं नज़रों से गिरोगे
जितना मन साफ़ होगा उतने ही करीब होंगे
@मीना गुलियानी
जिंदगी खूबसूरत है जब तक तुम साथ हो
तुम्हारे बिना ये सुनसान पड़ जाती है
लगता हे इसे तुम्हारी लत पड़ गई है
जो हर समय तुम्हें तलाशती रहती है
@मीना गुलियानी
अब भी वक्त है सम्भल जाओ
नहीं तो सब तुम्हें ढूँढ़ते रहेंगे
शराब के ठिकाने पर तम्हे
सब हिकारत से देखेंगे
मीना गुलियानी
आज का चाँद चमका तो उसमें
तुम्हारा ही रूप चमकने लगा
गगन तुम्हारी सुंदरता से शर्माया
चाँद भी बादलों की ओट में छिपा
अगर तुम चाहो तो
करीब आ सकते हो
वरना हमारे दरम्यां
काफी समय से दूरी है
जिसे मिटाना होगा
फिर से रौनक होगी
दिल भी झूम उठेगा
@मीना गुलियानी
दिल फूल है हमारा
अलग अलग रंगों से
सजा है गुलशन हमारा
हर फूल खुश है एहसास
हमारे गम मिटाता है
दिल में उतर जाते हैं लोग
कुछ आँखों में समाते हैं
कुछ हसीन यादों में बसते हैं
कुछ नीदें उड़ा देते हैं लोग
@मीना गुलियानी
हासिल हो भी जाए तो क्या
जब सुरूर मिट गया आये साकी तो क्या
बर्बाद तो हो ही चुके हम नशेमन से क्या
बागबां लुट गया चंद फूलों से क्या
@मीना गुलियानी
बचपन के दोस्त दूर होकर भी याद आते हैं
फूलों की तरह हमेशा खुशबु फैलाते हैं
कभी वो सितारा बनके जगमगाते हैं
@मीना गुलियानी
शुभ दीपावली तभी कहलाती है
जब आसपास के गरीब लोग भी
अपनी जरूरत पूरी कर सकें
सबके घरों में उजाला हो सबके
चेहरों पर हँसी झिलमिलाए
छल कपट से दूर होके मुस्कुराएं
@मीना गुलियानी
अंधेरों से कहदो अब कहीं दूर जाएँ
वक्त बदल चुका है प्रकाश को लाएं '
बदनसीबी की चादर की जगह
प्रकाश को भीतर लाएं खुशहाली लाएं
@मीना गुलियानी
एक दिया तेरे नाम का मैंने भी जलाया है
बाहर की सारी कटुता भूलकर तुझे पाया है
अब तो रोज ही खुशियों की दिवाली होगी
दिल इस बात पर कितना इतराया है
@मीना गुलियानी
अपनों का इंतज़ार हर किसी को रहता है
बेटा अगर विदेश में हो माँ का दिल रोता है
हर वक्त तो कोई साथ भी नहीं देता
सिर्फ ऊपर वाले पे ही यकीं होता है
क्यों दिल को भाये मुस्कुराना तेरा
भंवरे ने भी सीखा गुनगुनाना तेरा
मोर सरीखी मस्त चाल है ये तेरी
तेरे दिल ने लूटा सारा खज़ाना मेरा
दीपावली की हर खुशी तुमसे है
तुम पास नहीँ होते तो खुद बेमन से
दीपावली मनाते हैं जो नागवार होती है
गम के दरिया में डूब जाते हैं कहीं
किनारा कहीं नहीं पाते हैं अब
लौट आओ जिंदगी में रंग भरदो
मिलकर निर्माण करें हम
मेहनत करने से न डरे हम
आशाओं के सुमन बिखेरें
धरा पे स्वर्ग आह्वान करें हम
@मीना गुलियानी
बिना चाह के कुछ नहीं मिलता
चाह होने से ही सब मिलता है
मानव किसी चाह होने पर ही
उस ओर मुख़ातिब होता है
उसे पाकर ही वो दम लेता है
@मीना गुलियानी
रात बढ़ती हुई पैगाम देती है
दिल दिमाग को राहत देती है
सबसे ग़ाफ़िल मंजिल पाती है
@मीना गुलियानी
कुछ छूट रहा है इस जीवन पथ पर
अपनों का प्यार दुलार सब भूल कर
काम की तलाश में बहुत दूर जाकर
अपना घर देश विदेश बन गया है
चंद पैसों की खातिर छूट रहा है
@मीना गुलियानी
चश्मा उतार कर देखो
दुनिया हसीन दिखेगी
नहीं तो गमगीन है
ये सारा ही संसार
@मीना गुलियानी
तेरी यादों के सहारे जी रहे थे हम
तुमने हमें किसी काबिल न समझा
हमें सबके सामने रुसवा कर दिया
@मीना गुलियानी
तुम पुरुष होने का दम्भ भरते हो
यह तो ईश्वर की ही देन है
कुछ पुरुष जैसे काम भी करो
सिर्फ नाम से ही काम मत करो
@मीना गुलियानी
महानता है काम से
लोग सिर्फ नाम के लिए
नाटक सा रच लेते हैं
सब लोग वाकजाल में
फँसकर तंज कसते हैं
कभी बुध्दू भी बनते हैं
तुमने वादा किया था
हमेशा साथ निभाने का
एक ज़लज़ला क्या आया
हाथ छुड़ाकर चल दिए
@ मीना गुलियानी
तुझे हम कबसे चाहते थे
इस राज़ को छुपाना चाहा
न जाने कैसे उजागर हुआ
दुनिया ने कसूरवार कहा
सबकी आँखों में नागवार था
@मीना गुलियानी
ख़्वाब नहीं देखा तबसे जबसे तुम चले गए
ऐसी भी क्या ख़ता मुझसे हुई क्यों जुदा हुए
@ मीना गुलियानी
सदा बेहतर होता है
जब भी प्रेम से देखें
कटुता निकलती है
प्रेम में विश्वास होता है
जज्बात निखरते हैं
दूरियाँ मिटती हैं जो
दूर था वो करीब होता है
@मीना गुलियानी
दिल पर नज़र रखनी है
ये मुश्किल से मिला है
कायनात में सुंदर है
उपहार तुझसे मिला है
@मीना गुलियानी
नज़र रखना अपने दिल पर
कहीं ये खो न जाए
कहीं बेकाबू न हो जाए
इतनी बड़ी दुनिया है
किसी और का न हो जाए
@मीना गुलियानी
एक दीया तेरे नाम का हमने जलाया है
तेरे प्यार की यादों से सुकूँ हमने पाया है
जब भी दुःख भरी आँधियाँ बुझाने चली
हमने उन सबसे अपने आँचल में छुपाया है
इक दिया तेरी यादों का हम जलाते हैं
तुम जब देखकर अनदेखा करती हो
तुम्हारी दी हुई चोट को सहन करते हैं
@मीना गुलियानी
मेरी कमनसीबी तो देखो
जिसके साथ चाय पीनी थी
वो हाथ छुड़ाकर चला गया
दुनिया में हमें रुसवा कर गया
@मीना गुलियानी
जी मेरी शेरां वाली दे आगे वंदना
इक वारी वंदना हज़ार वारी वंदना
--
मेरी मैया दे गल विच हार वे
मैं तां आई मैया दे दरबार वे
ओथों मुक्ति डा दान ऐसा मंगणा ----
मेरी मैया दे द्वारे जो कोई आवे
मुओं मँगिया मुरादा ं पावे
एदे दर तो सब कुछ मंगणा ---
मेरी मैया जहाज बनाया
अपनी शक्ति दे नाल चलाया
आवो आवो जिन्हां ने पार लंगणा --
@मीना गुलियानी
आए हाँ द्वारे तेरे खाली न मोड़ माँ
दे दे दीदार दाती होर कुछ लोड़ ना
वैरी ते होया ऐ माँ ऐ जग सारा
जोतां वालिये माँ तेरा ही सहारा
पार लगा दे आ तरा दे नैया रोड़ ना --
नंगी नंगी पैरी मैया अकबर आया
सोने दा छत्र तेरी भेंट चढ़ाया
मान मिटाया सी ट्राय रखी थोड़ ना --
दासी पुकारे मैया दे दे हुलारे
माँ जगदम्बे तेरा बचडा पुकारे
मेरी वी बनादे आ तरा दे आशा तोड़ ना --
@मीना गुलियानी
तेरा मेरा साथ माँ पुराना है
नाता ये प्रेम का निभाना है
तू मेरी माँ जगत की जननी है
तेरे चरणों में ही ठिकाना है ----
तूने लाखों को भव से तारा है
खड़ा तेरे दर पे इक दीवाना है ------
मैया तेरा हमें सहारा है
दिल तुझे भेंट माँ चढ़ाना है -------
तेरी नज़रें खफ़ा कभी न हों
मुझको इनमें ही तो समाना है -------
@मीना गुलियानी
सिर को हमने आके झुकाया शरण तेरी पाने को (भेंट )
छोड़ तेरा दर न जायेंगे ठोकरें खाने को
याद में तेरी आंसू आये
गीत विरह के हमने गाये
अश्कों की माला है पिरोई
तुमको पहनाने को ----------
दुनिया ने मुँह मोड़ा हमसे
सबने नाता तोडा हमसे
मायाजाल को तोड़के आये
दर पे मिट जाने को --------------
भूलें हुईं नादाँ हैं हम तो
बच्चे बड़े अन्जान हैं हम तो
भूलों को बिसरा के आओ
हमको अपनाने को ------------
@मीना गुलियानी
जय जय हे जगदम्बे माता
द्वार तिहारे जो भी आता बिन मांगे सब कुछ पा जाता
तू चाहे तो जीवन दे दे चाहे तो पल में जीवन ले ले
जन्म मरण सब हाथ में तेरे हे शक्ति हे माता ------------
पापी हो या होये पुजारी राजा हो या कोई भिखारी
फिर भी तूने जोड़ा सबसे माँ बेटे का नाता ----------------
जब जब जिसने तुझको पुकारा तूने दिया हे बढ़के सहारा
हर भूले राही को तेरा प्यार ही राह दिखाता ----------------
@मीना गुलियानी
-एक बार आओ जी गुरुजी म्हारे आंगणा
म्हाने दर्शन दीज्यो महाराज थाने अर्ज़ करां
सारी दुनिया थांकी गुरूजी जय जयकार बुलावे
थांकी झांकी निहारुँ दिन रात
गुरूजी थाने अर्ज करां
सारी संगत गुरूजी कितनी दूर दूर सूं आवे
सबकी बिगड़ी बनावो महाराज
गुरूजी थाने अर्ज करां
गुरूजी थारी सेवा करबा में तो हूँ अज्ञानी
म्हारी विपदा मिटावो महाराज
गुरूजी थाने अर्ज करां
गुरूजी थे तो जाण ल्यो जी सबके मन की
सबकी सुण ल्योजी सारी बात
गुरूजी थाने अर्ज करां
सबकी विनती सुण लो गुरूजी ,सबके काज सवारो
सबकी सुन लो जी फरियाद
गुरूजी थाने अर्ज करां
@मीना गुलियानी
गुरूजी तेरे दर पे मैं तो आ गया
हाले दिल तुमको सुनाने आ गया
दुनिया ने लाखों सितम मुझ पर किये
दिल का दुखड़ा मैं बताने आ गया
सोचता था दास्ताँ तुझसे कहूँ
लगता है अब तो ठिकाने आ गया
सर पे मेरे अवगुणों की पोटली
सर झुकाके तेरे दर मैं आ गया
तेरी महिमा जबसे मैंने भी सुनी
तकदीर अपनी मैं जगाने आ गया
@मीना गुलियानी
मेरे गुरूजी दर्श दिखलाना तू जल्दी आना
प्यारा तेरा नाम रे तेरी राह निहारुँ सुबह शाम रे
हर पल तेरी गुरूजी राह निहारुँ दिल को मेरे न तरसाओ
बदल भी दो मेरी किस्मत की रेखा सोया भाग्य जगा जाओ
गुरूजी आओ दर्श दिखाना छोडो तुम तरसाना ----------
तेरी याद में नैन बावरे हर पल रोते रहते हैं
दर्शन के बिन व्याकुल नैना हर पल भीगे होते हैं
गुरूजी तेरे दर्शन चाहूँ और न कुछ भी मांगू
मेरी किस्मत को आप चमकाना दर्श दिखलाना
निराली तेरी शान रे बड़ा प्यारा लगे मुझे तेरा धाम रे -----
@मीना गुलियानी
गुरूजी तेरे नाम को रटते गुज़री रे उमरिया
इन नैनों की प्यास बुझाने आओ मेरी झोंपड़िया
दर्शन के बिन प्यासे नैना हर पल तुझको ध्याते हैं
कब सुध लोगे हम दीनन की व्याकुल हम हो जाते हैं
आओ मेघ बन बरसो गुरूजी हमारी भी अटरिया ----
तेरे दर्शन के प्यासे दिल को चैन कहीं नहीं आता है
दे दो भिक्षा प्रेम की हमको दिल ये बड़ा रुलाता है
आओ तन मन शीतल करदो दर्शन दो सांवरिया --
भूलें हमारी भूल भी जाओ हमको आस तुम्हारी है
रास्ता भूलकर भटक गए हम रहम की आस हमारी है
अपने प्रेम की भिक्षा दे दो दर्शन दो सांवरिया ------
@मीना गुलियानी
तेरे सिवा गुरूजी मेरा कोई नहीं है
आ जाओ दर्शन दो क्यों देर करी है
तेरी आस लेके आये तेरे दीवाने
तेरा ही सहारा हमको तुझको मनाने
तू जो मिल जाए तो किनारा भी करीब है ----
रहमो कर्म की गुरूजी वर्षा बरसाना
तुझ पर भरोसा हमको न ठुकराना
आये हैं सहारे तेरे हम खुशनसीब हैं --------
ढूंढ लिया है तुमको तुम न भुलाना
गुरूजी हमे तुम चरणी लगाना
पार लगाना तुम बचाना हमारा नसीब है ------
@मीना गुलियानी
सोढ़ाला में तूने भवन बनाया ,तेरे दर्शन करने को आज आया
करो कृपा आज गुरूजी
अष्टमी की घड़ी शुभ है आई, माँ शेरों वाली दर्शन देने आई
सबको माता ने दर्श दिखाया ------------------------------
पूरे होते सबके काम सारे ,दुखियारों की यहाँ लगीँ कतारें
माँगा वरदान किसी ने वो पाया ----------------------------
भूले भटके तेरे धाम जो आये , उनको गुरूजी पार लगायें
सफल हो गई इच्छा जो लाया ----------------------------
कृपा से संवरी किस्मत की रेखा ,जब जब भक्तों ने द्वारे मत्था टेका ,
गुरूजी का आर्शीवाद पाया ---------------------------------
@मीना गुलियानी
गुरूजी तेरे दर पे आया , यूँ न तू ठुकरा मुझे
तेरे दर दामन पसारा ,चरणों से तू लगा मुझे
तेरे द्वारे आ गया , गुरूजी मैं घबरा गया
अपने कर्मों को देखकर ,गुरूजी मैं शर्मा गया
माफ़ कर देना तू मुझको समझकर नादाँ मुझे -------
गुरूजी मैं नहीं पास हूँ ,फिर भी तेरा ही दास हूँ
विषयों ने भरमा दिया,मैं तो अब घबरा गया
तेरे चरणों में गिरा हूँ, गुरूजी तू अपना मुझे --------
@मीना गुलियानी
तेरा सुमिरन मैं करती हूँ तेरा नाम ही मेरा सहारा है
इसी नाम को जपके लाखों ने पाया वरदान तुम्हारा है
लाखों को पार लगाते हो हर संकट से बचाते हो ,
नैया को तुम्हीं बचाते हो, पतवार से पार उतारा है ----
रक्षा करते हो सबकी तुम मुक्तिपथ तुम्हीं बताते हो
निर्बल का सहारा हो तुम ही तेरे नाम पे सब कुछ वारा है ---
द्वारे पे मेले लगते हैं यहाँ ढोल नगाड़े बजते हैं
दुखिया सुख पा जाता है मिलता जब उसे सहारा है ---
तुम सबकी लाज बचाते हो हर दुखिया को अपनाते हो
तेरे चरणों से बहती गंगा जो अमृत की इक धारा है ----
@मीना गुलियानी
नाम लगन दिल में जागी
मन मेरा हुआ अनुरागी
सत्संग से जोड़ा नाता
जग से तोडा हर नाता
गुरु चरणन से प्रीत लागी ----
सच से प्रीत जुडी ऐसे
मन वैरागी बना ऐसे
झूठ से हर तृष्णा भागी ---
गुरूजी ने ऐसा ज्ञान दिया
जीवन हमारा संवार दिया
नाम की जोत दिल में जागी ----
@मीना गुलियानी
गुरु जी तुम्हारे दर का मैं सेवादार था
आज भी हूँ और कल भी रहूँगा
तुम बहुत दयालु हो सबसे प्रेम करते हो
जो कोई हो दीन दुखी उसका गम दूर करते हो
सदा करें याद तुमको दिल बेकरार था ---------
इस दिल को मिलता है करार दर पे आने से
नैया को मिले पतवार फ़िक्र न अब ज़माने से
भंवर में अटकी नैया करो भव से पार है -------
मैं तो हूँ अज्ञानी मुझे हर ज्ञान तुम दे दो
मेरे नैना हैं तरसें इन्हें दर्शन ज़रा दे दो
दिल को मेरे तेरे दर्शन की आस है ------
@मीना गुलियानी
चलो चलो रे गुरूजी धाम जय जय बोले
गुरूजी के भवन पे काहे मन डोले
सोडाला में धाम गुरूजी का देखो शोभा न्यारी
गुरूजी दर्शन की खातिर आवे संगत सारी -----
गुरु जी का तू नाम सुमिर ले छोड़ आसरा दूजा
मन में तू विश्वास जमा ले करले इनकी पूजा ----
तू भी नाम सुमिर ले भाई काहे ढूँढे मक्का
गुरूजी तेरे मन में रहता क्यों है हक्का बक्का ----
काहे न सुमिरे नाम तूने सारी उम्र गुज़ारी
क्या जाने करनी पड़ जाए चलने की तैयारी -----
@मीना गुलियानी
तेरे दर पे आ गई हूँ , झोली को मैं फैलाऊँ
भरदे जो झोली खाली वो दुआ कहाँ से लाऊँ
तुझे तो पूजते हैं सारे जहान वाले
खोले हैं तूने लाखों किस्मत के बंद ताले
हों मुरादें सबकी पूरी वो सदा कहाँ से लाऊँ -------
तेरे बिन जहान में तो मेरा न और दूजा
करती हूँ रात दिन मैं सिर्फ तेरी पूजा
जो बहार बनके बरसे वो घटा कहाँ से लाऊँ -------
@मीना गुलियानी
गुरूजी तुम कृपा करो तेरे दर पर आऊँ मैं
मेरे सिर पर हाथ धरो तो भव तर जाऊँ मैं
तेरे सिवा न कोई मेरा
झूठा जग ये सारा है
तेरी कृपा से पाया
इक तेरा ये द्वारा है
तुम पार करो भव से
उस पार उतर जाऊँ मैं ----------------------
जिस पर कृपा होती
वो बन जाता है मोती
इस जग में वो चमके
जैसे हीरे की ज्योति
सच्चाई समझ आये तो
पल में ही उबर जाऊँ मैं -------------------
@मीना गुलियानी