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मंगलवार, 24 नवंबर 2020

मन साफ रखो

मन साफ रखो किसी के प्रति भेद भाव न रखो 

चोरी, भेद भाव , दुराव ,दोस्ती के दुश्मन हैं 

भेद खुल जाने र तुम स्वयं नज़रों से गिरोगे 

जितना मन साफ़ होगा उतने ही करीब होंगे 

@मीना गुलियानी  

जिंदगी खूबसूरत है

जिंदगी खूबसूरत है जब तक तुम साथ हो 

तुम्हारे बिना ये सुनसान पड़ जाती है 

लगता हे इसे तुम्हारी लत पड़ गई है 

जो हर समय तुम्हें तलाशती रहती है 

@मीना गुलियानी 

अब भी वक्त है

अब भी वक्त है सम्भल जाओ 

नहीं तो सब तुम्हें ढूँढ़ते रहेंगे 

शराब के ठिकाने पर तम्हे 

सब हिकारत से देखेंगे 

मीना गुलियानी 

आज का चाँद

आज का चाँद चमका तो उसमें 

तुम्हारा ही रूप चमकने लगा 

 गगन तुम्हारी सुंदरता से शर्माया 

चाँद भी बादलों की ओट में छिपा  

मन साफ रखो

मन साफ रखो तभी अच्छे संस्कार पाओगे 

सर  नवाकर बड़ों के सामने आशीष पाओगे  

@मीना गुलियानी 

रविवार, 22 नवंबर 2020

अगर तुम चाहो तो

अगर तुम चाहो तो 

करीब आ सकते हो 

वरना  हमारे दरम्यां 

काफी समय से दूरी है 

जिसे मिटाना होगा 

फिर से रौनक होगी 

दिल भी झूम उठेगा 

@मीना गुलियानी 

दिल फूल है हमारा

 दिल फूल है हमारा 

अलग अलग रंगों से 

सजा है गुलशन हमारा 

हर फूल खुश है एहसास 

हमारे गम मिटाता है 

दिल में उतर जाते हैं लोग

दिल में उतर जाते हैं लोग 

कुछ आँखों में समाते हैं 

कुछ हसीन यादों में बसते हैं 

कुछ नीदें उड़ा देते हैं लोग 

@मीना गुलियानी  

शनिवार, 21 नवंबर 2020

आज का दिन

 आज का दिन मैं जी लूँ जी भर 

मनाऊँ छुट्टी न करूँ कल की फिक्र 

@मीना गुलियानी 

हासिल हो भी जाए तो क्या

हासिल हो भी जाए तो क्या 

जब सुरूर मिट गया आये साकी तो क्या 

बर्बाद तो हो ही चुके हम नशेमन से क्या 

बागबां लुट गया चंद फूलों से क्या 

@मीना गुलियानी  

बचपन के दोस्त

 बचपन के दोस्त दूर होकर भी याद आते हैं 

फूलों की तरह हमेशा खुशबु फैलाते हैं 

कभी वो  सितारा बनके जगमगाते हैं 

@मीना गुलियानी 

शुभ दीपावली

शुभ दीपावली तभी कहलाती है 

जब आसपास के गरीब लोग भी 

अपनी जरूरत पूरी कर सकें 

सबके घरों में उजाला हो सबके 

चेहरों पर हँसी झिलमिलाए

छल कपट से दूर होके मुस्कुराएं 

@मीना गुलियानी  

अंधेरों से कहदो

अंधेरों से कहदो  अब कहीं दूर जाएँ 

वक्त बदल चुका है प्रकाश को लाएं '

बदनसीबी की चादर की जगह 

प्रकाश को भीतर लाएं खुशहाली लाएं 

@मीना गुलियानी 

एक दिया तेरे नाम का

एक दिया तेरे नाम का मैंने भी जलाया है 

बाहर की सारी कटुता भूलकर तुझे पाया है  

अब तो रोज ही खुशियों की दिवाली होगी 

दिल इस बात पर कितना इतराया है 

@मीना गुलियानी 

अपनों का इंतज़ार

 अपनों का इंतज़ार हर किसी को रहता है 

बेटा अगर विदेश में हो माँ का दिल रोता है 

हर वक्त तो कोई साथ भी नहीं देता 

सिर्फ ऊपर वाले पे ही यकीं होता है 

क्यों दिल को भाये

क्यों दिल को भाये मुस्कुराना तेरा 

भंवरे ने भी सीखा गुनगुनाना तेरा 

मोर सरीखी मस्त  चाल है  ये तेरी 

तेरे दिल ने लूटा सारा खज़ाना मेरा 

दीपावली की हर खुशी तुमसे है

दीपावली  की हर खुशी  तुमसे है 

तुम पास नहीँ होते तो खुद बेमन से 

दीपावली मनाते हैं जो नागवार होती है 

गम के दरिया में डूब जाते हैं कहीं 

किनारा कहीं नहीं पाते हैं अब 

लौट आओ जिंदगी में रंग भरदो  

मिलकर निर्माण करें हम

मिलकर  निर्माण करें हम 

मेहनत करने से न डरे हम 

आशाओं के सुमन बिखेरें 

धरा पे स्वर्ग आह्वान करें हम 

@मीना गुलियानी  

बिना चाह के कुछ नहीं मिलता

 बिना चाह के कुछ नहीं मिलता 

चाह होने से ही सब मिलता है 

मानव किसी चाह होने पर ही 

उस ओर मुख़ातिब होता है 

उसे पाकर ही  वो दम लेता है 

@मीना गुलियानी 


रात बढ़ती हुई

रात बढ़ती हुई पैगाम देती है 

दिल दिमाग  को राहत देती है 

सबसे ग़ाफ़िल मंजिल पाती है 

@मीना गुलियानी 

कुछ छूट रहा है

कुछ छूट रहा है  इस जीवन पथ पर 

अपनों का प्यार दुलार सब भूल कर 

काम की तलाश में बहुत दूर जाकर 

अपना घर देश विदेश बन गया है 

चंद पैसों की खातिर छूट रहा है  

@मीना गुलियानी 

चश्मा उतार कर देखो

चश्मा उतार कर देखो 

दुनिया हसीन दिखेगी  

नहीं तो गमगीन है 

ये सारा ही संसार 

@मीना  गुलियानी 

गुरुवार, 19 नवंबर 2020

तेरी यादों के सहारे

तेरी यादों के सहारे जी रहे थे हम 

तुमने हमें किसी काबिल न समझा 

हमें सबके सामने रुसवा कर दिया 

@मीना गुलियानी  

वजह बताना

हर बात की वजह बताना जरूरी तो नहीं 

पर तुमसे कोई बात  छुपती भी नहीं 

@मीना गुलियानी 

पुरुष

तुम पुरुष होने का दम्भ भरते हो 

यह तो ईश्वर की ही देन है 

कुछ पुरुष जैसे काम भी करो 

सिर्फ नाम से ही काम मत करो 

@मीना गुलियानी  

महानता है काम से

महानता है काम से 

लोग सिर्फ नाम के लिए 

नाटक सा रच लेते हैं 

सब लोग वाकजाल में 

फँसकर तंज कसते हैं 

कभी बुध्दू भी बनते हैं  

तुमने वादा किया था

तुमने वादा किया था 

हमेशा साथ निभाने का 

एक ज़लज़ला क्या आया 

हाथ छुड़ाकर चल दिए

 @ मीना गुलियानी 

बुधवार, 18 नवंबर 2020

में खुश हूँ

में खुश हूँ मगर तुम उदास लगते हो 

किस ख़ता पर तुम खफा लगते हो 

 

तुझे हम कबसे चाहते थे

तुझे हम कबसे चाहते थे 

इस राज़ को छुपाना चाहा 

न जाने कैसे उजागर हुआ 

दुनिया ने कसूरवार कहा 

सबकी आँखों में नागवार था 

@मीना गुलियानी 

ख़्वाब नहीं देखा

ख़्वाब नहीं देखा तबसे जबसे तुम चले गए 

ऐसी भी क्या ख़ता मुझसे हुई क्यों जुदा हुए    

@ मीना गुलियानी 

सदा बेहतर होता है

 सदा बेहतर होता है 

जब भी प्रेम से देखें 

कटुता निकलती है 

प्रेम में विश्वास होता है 

जज्बात निखरते हैं 

दूरियाँ मिटती हैं जो 

दूर था वो करीब होता है 

@मीना गुलियानी 

दिल पर नज़र रखनी है

दिल  पर नज़र  रखनी है 

ये मुश्किल से मिला है 

कायनात में  सुंदर है 

 उपहार तुझसे मिला है  

@मीना गुलियानी 

नज़र रखना अपने दिल पर

नज़र रखना अपने दिल पर 

कहीं ये खो न जाए 

कहीं बेकाबू न हो जाए 

इतनी बड़ी दुनिया है 

किसी और का न हो जाए 

@मीना गुलियानी  

रविवार, 15 नवंबर 2020

एक दीया तेरे नाम का

 एक दीया तेरे नाम का हमने जलाया है 

तेरे प्यार की यादों से सुकूँ हमने पाया है 

जब भी दुःख भरी आँधियाँ बुझाने चली 

हमने उन सबसे अपने आँचल में छुपाया है 

सोमवार, 9 नवंबर 2020

इक दिया तेरी यादों का

इक दिया तेरी यादों का हम जलाते हैं 

तुम जब देखकर अनदेखा करती हो 

तुम्हारी दी हुई चोट को सहन करते हैं 

@मीना गुलियानी 


रविवार, 8 नवंबर 2020

मेरी कमनसीबी तो देखो

मेरी कमनसीबी तो देखो 

जिसके साथ चाय पीनी थी 

वो हाथ छुड़ाकर चला गया 

दुनिया में हमें रुसवा कर गया

@मीना गुलियानी  

 

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2020

तर्ज --कीर्तन (भेंट)

जी मेरी शेरां वाली दे आगे वंदना 

इक वारी वंदना हज़ार वारी वंदना 

--

मेरी मैया दे गल विच हार वे 

मैं तां आई मैया दे दरबार वे 

ओथों मुक्ति डा दान ऐसा मंगणा ----


मेरी मैया दे द्वारे जो कोई आवे 

मुओं मँगिया मुरादा ं पावे 

एदे दर तो सब कुछ मंगणा ---


मेरी मैया जहाज बनाया 

अपनी शक्ति दे नाल चलाया 

आवो आवो जिन्हां ने पार लंगणा --

@मीना गुलियानी 

तर्ज़ --दुनिया में ऐसा कहाँ (भेंट)

आए हाँ द्वारे तेरे खाली न मोड़ माँ 

दे दे दीदार दाती होर कुछ लोड़ ना 


वैरी ते होया ऐ माँ ऐ जग सारा 

जोतां वालिये माँ तेरा ही सहारा 

पार लगा दे आ तरा दे नैया रोड़ ना --


नंगी नंगी पैरी मैया अकबर आया 

सोने दा  छत्र तेरी भेंट चढ़ाया 

मान मिटाया सी ट्राय रखी थोड़ ना --


दासी पुकारे मैया दे दे हुलारे 

माँ जगदम्बे तेरा बचडा पुकारे 

मेरी वी बनादे आ तरा दे आशा तोड़ ना --

@मीना गुलियानी 

बुधवार, 21 अक्टूबर 2020

तर्ज़ --ये वादा करो (भेंट )

ज़माना दिए जा रहा ग़म पे ग़म 
सम्भालो ऐ माँ न निकल जाए दम 

सताया गया हूँ मैं संसार से 
उठा लो मुझे माँ ज़रा प्यार से 
बड़ा होगा मुझपे तुम्हारा कर्म ------

मेरी नाव है डूबती जा रही 
किनारा कहीं भी नहीं पा रही 
खत्म होने को है मेरा ये जन्म ----

मुसीबत में हूँ माँ मैं लाचार हूँ 
तुम्हारी दया का तलबग़ार हूँ 
उठा लो मुझे गोद में कम से कम ----

मेरा दिल मैया आज घायल हुआ 
नहीं रास आई कोई भी दवा 
लगाओ मेरे जख्मों पे तुम मरहम 
@मीना गुलियानी 

तर्ज़ --ये मुलाक़ात इक बहाना है (भेंट )

तेरा मेरा साथ माँ पुराना है    

नाता ये प्रेम का निभाना है 


तू मेरी माँ जगत की जननी है 

तेरे चरणों में ही ठिकाना है ----


तूने लाखों को भव से तारा है 

खड़ा तेरे दर पे इक दीवाना है ------


मैया तेरा हमें सहारा है 

दिल तुझे भेंट माँ चढ़ाना है -------


तेरी नज़रें खफ़ा कभी न हों 

मुझको इनमें ही तो समाना है -------

@मीना गुलियानी  

मंगलवार, 20 अक्टूबर 2020

तर्ज़ हमने अपना सब कुछ खोया

सिर को हमने आके झुकाया शरण तेरी पाने को (भेंट )

छोड़ तेरा दर न जायेंगे ठोकरें खाने को 


याद में तेरी आंसू आये 

गीत विरह के हमने गाये 

अश्कों की माला है पिरोई 

तुमको पहनाने को ----------


दुनिया ने मुँह मोड़ा हमसे 

सबने नाता तोडा हमसे 

मायाजाल को तोड़के आये 

दर पे मिट जाने को --------------


भूलें हुईं नादाँ हैं हम तो 

बच्चे बड़े अन्जान हैं हम तो 

भूलों को बिसरा के आओ 

हमको अपनाने को ------------

@मीना गुलियानी 

शनिवार, 17 अक्टूबर 2020

तर्ज़ - दुनिया में ऐसा कहाँ (भेंट )

आये हाँ द्वारे तेरे खाली ना मोड़ माँ 
दे दे दीदार दाती होर कुछ लोड़ ना 

वैरी ते होया ऐ  माँ ऐ जग सारा 
जोतां वालिये माँ तेरा ही सहारा  
पार लगा दे आ तरा दे नैया रोड़ ना -----

नंगी नंगी पैरी मैया अकबर आया 
सोने दा छत्र तेरी भेंट चढ़ाया 
मान मिटाया सी तराया रखी थोड़ ना ------

दासी पुकारे मैया दे दे हुलारे 
माँ जगदम्बे तेरा बचड़ा पुकारे 
मेरी वी बनादे आ तरा  दे आशा तोड़ ना -----
@मीना गुलियानी 

माता की भेंट

पार करो मेरा बेडा भवानी पार करो मेरा बेड़ा 

मोहमाया के बंधन काटो 
चौरासी का घेरा भवानी -----------------

सबकी मुरादें पूरी करदो 
मुझे आसरा तेरा भवानी ---------------

नैया मेरी पार लगादो 
बीच भंवर में बेड़ा भवानी --------------

अन्धकार में जी घबराये 
करदो आज सवेरा भवानी --------------
@मीना गुलियानी 

शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2020

तर्ज़ ---कीर्तन

भुला माफ़ करी माँ भुला माफ़ करी माँ 

मैया मैं हाँ ओगणहार तेनू कहंदे बक्शनहार 
मैं तां डोल रह्या मझधार मेनु तार देवी माँ 

मैया बगियाँ शेरां वाली तेरी जगदी जोत निराली 
तेरी जग तो शान निराली मेनू तार देवी माँ 

न मैं मंगदी चाँदी सोना मेनू दौलत दा  नहीं रोना
मैं तां पापां नू ऐ  धोना  मेनू तार देवी माँ 
@मीना गुलियानी 
 

  

माता की भेंट

रहमतां करदी ऐ झोलियाँ भरदी ऐ 
पीरां दी पीर मेरी शाही फकीरे शेरां वाली माँ 

जो आन डिगे दर तेरे ओ होंदे मालो माल 
लुट लो लुट लो लोगो माँ होई ऐ दीन दयाल 
भरे भंडारे ने खुले द्वारे ने -----------------------

दूरों संगता चलके आवन तेरे दर ते डेरे लावण 
कर दर्शन ध्वजा नरेला तेरी पहलड़ी भेंट चढ़ावन
भक्तां दी प्यारी ऐ लगे प्यारी ऐ -----------------

जो कोई वी आये सवाली ओ मुड़या कदी न खाली 
माँ आशा पूर्ण करदी ओ आस पूजावण वाली 
महिमा भारी ऐ शेर सवारी ऐ --------------------

तेरा बाग़ देख मन डोले जिथे मोर पपीहा बोले 
ठंडा जल ओ बाण गंगा दा जेहड़ा मन दी कुण्डी खोले 
शेर सवारी ऐ लगे प्यारी ऐ ---------------------
@मीना गुलियानी  

आरती जगदम्बे की

जय जय हे जगदम्बे माता        

द्वार तिहारे जो भी आता बिन मांगे सब कुछ पा जाता 


तू चाहे तो जीवन दे दे चाहे तो पल में जीवन ले ले 

जन्म मरण सब हाथ में तेरे हे शक्ति हे माता ------------


पापी हो या होये पुजारी राजा हो या कोई भिखारी 

फिर भी तूने जोड़ा सबसे  माँ बेटे का नाता ----------------


जब जब जिसने तुझको पुकारा तूने दिया हे बढ़के सहारा 

हर भूले राही को तेरा प्यार ही राह दिखाता ----------------

@मीना गुलियानी 

तर्ज़ ---कीर्तन ----- भेंट

पार करो मेरा बेडा भवानी पार करो मेरा बेडा     

मोहमाया के बंधन काटो 
चौरासी का घेरा भवानी----------------------

मन की मुरादें पूरी करदो 
मुझे आसरा तेरा भवानी ---------------------

नैया मेरी पार लगा दो 
बीच भंवर में बेडा भवानी---------------------

अन्धकार में जी घबराये 
करदो आज सवेरा भवानी -------------------
@मीना गुलियानी 

तर्ज़ --दिल के अरमां -- भेंट

दिल का दुखड़ा माँ सुनाने आ गया         
हाले  दिल तुमको बताने आ गया 

चर्चे तेरे नाम के दोनों जहाँ 
सुनके तेरे मैं तराने आ गया -----

दुनिया ने मुझपे सितम लाखों किये 
खुद को अब तो मैं मिटाने आ गया -----

सर पे पापों की गठरिया को लिए 
लगता है अब तो ठिकाने आ गया -------
@मीना गुलियानी 

बुधवार, 7 अक्टूबर 2020

तर्ज़ --छुप गया कोई रे

ओ मेरे गुरूजी , कष्ट निवार दो 
शरण तेरी हम आये ,भव से उबार दो 

आस तेरी हम लाये , दुनिया के सताये 
हमें है भरोसा तुम पर ,हैं घबराये 
नैया भंवर में मेरी, पार उतार दो ----

माया ने हमें भरमाया ,शरण तेरी आया 
गुरूजी मुझे बचालो,दुःख का सताया ,
हाथ मेहर का रखो ,जिंदगी संवार दो -----

हम अज्ञानी तेरी, शरण में आये 
गुरु जी देना सहारा, दिल घबराये 
है आसरा तुम्हारा ,भव से उबार दो -----
@मीना गुलियानी 

तर्ज़ --तुम बिन जीवन कैसे बीता

मैं हूँ माता बाल तुम्हारा शरण तेरी आया माँ   (bhent )
तेरे द्वार पे हाथ पसारा शरण तेरी आया माँ 

काम क्रोध भटकाए 
लोभ भी बढ़ता जाए 
तृष्णा की अग्नि में 
सब कुछ जलता जाए 
मुझे आसरा माता तुम्हारा --------------

गम  के अँधेरे साये 
चारों तरफ से छाये 
तुम बिन मेरी माता 
मुझको कौन बचाये 
डोले नैया दूर किनारा ------------------

मनवा मोरा गाये 
तेरे गीत सुनाये 
तुम बिन  मेरी माता 
कौन मुझे अपनाये 
सर पे है मैया हाथ तुम्हारा --------------
@मीना गुलियानी 

तर्ज --आपकी नज़रों ने समझा

माता तेरा बाल हूँ मैं यूं न तू ठुकरा मुझे    (bhent)
दर पे तेरे आ गया माँ फिर गले से लगा मुझे 

गम से मैं घबरा गया द्वार तेरे आ गया 
अपने कर्मों को देखकर माता मैं शर्मा गया 
पार करना भव से माता समझकर नादां मुझे ---

माता मैं मजबूर हूँ तुझसे जो मैं जो दूर हूँ 
दिल लुभाया विषयों ने फिर क्यों मगरूर हूँ 
दुनिया से घबरा के माता दिल ने दी है सदा तुझे ----

मुझको न बिसराओ तुम अब तो माँ आ जाओ तुम 
बाळ तेरा हूँ मैया मुझको गले से लगाओ तुम 
तेरे चरणों में पड़ा हूँ माता तू अपना मुझे -----
@मीना गुलियानी 

सोमवार, 5 अक्टूबर 2020

तर्ज --हरि ओम जपो

जीवन का इक पल बिरथा न खो 
गुरु जी जपो गुरूजी जपो 

चोला मिला शुभ कर्म का 
करने को सौदा धर्म का 
फिर मानुष जन्म हो कि न हो ----

मन में बसा ले उनका नाम 
उनको सुमिर ले सुबो शाम 
नर तन फिर आवन हो कि न हो ----

साँसों की कीमत जान तू
 हर पल यों ही भरमाये तू 
जीवन के पापों को तू धो ---------
@मीना गुलियानी 


तर्ज़ --कीर्तन

करो गुरु नाम का सुमिरन अगर मुक्ति को पाना है 

ये पल पल श्वास जाती है 
खबर तुझको न आती है
जग सारा सपना है 
न कोई भी अपना है  
अवस्था जा रही ऐसे कि 
पल न लौट आना है ---------------

बनाये तूने जो बंगले 
न तेरे काम आयेंगे 
जहाँ वाले तो तुझको
 एक पल में फूँक आयेंगे 
बचा ले नाम का धन जो 
तेरे संग लौट जाना है ----------

अच्छा कर किसी से 
तू अच्छा फल ही पायेगा 
बुरा फल साथ में तेरे 
बुराई को ही लाएगा 
कमा कुछ नेकी तू बंदे 
जहाँ से लौट जाना है ------------
@मीना गुलियानी

शनिवार, 3 अक्टूबर 2020

तर्ज --कीर्तन

सोढ़ाला में धाम तेरो गुरूजी है नाम तेरो 
चरणा में आ गया नाथ बेडा पार करो 

आ गया तेरे दर पे गुरूजी खाली हाथ न जाऊँगा 
कर्म कटाने आया गुरूजी कर्म कटाके जाऊँगा 
दुखिया पर थे ध्यान धरो सबका दुखड़ा दूर करो 
दे दो भक्तां का साथ ------ बेडा पार करो ------

भाल पे टीका गले में माला भाव की धूनी रमावे हैं 
भूत भूतनी गुरूजी के नाम से डरकर भागे है 
चिन्ता सबकी हरते हो दुखड़े दूर करते हो 
राखो भक्तां री लाज ------- बेडा पार करो ------

सारी दुनिया थांकी गुरूजी करती जय जयकार है 
थारी  पूजा करे ये दुनिया पहुंचे थारे  द्वार है 
चमकी किस्मत म्हारी है आई मेरी बारी है 
सुनलो सबकी पुकार ------ बेडा पार करो -----
-@मीना गुलियानी 

तर्ज़ --तुम अगर साथ देने का

मेरे  गुरू जी सुनलो पुकार दिल की 
तेरे चरणों में ध्यान लगाया करूँ 
करूँ पूजा तेरी पावन गंगा में 
गुणगान मैं तेरे ही गाया करूँ 

है ख्वाहिश मेरी नित सुमिरन करूँ 
तेरी पूजा में मन को रमाया करूँ 
तेरी भक्ति करूँ श्रद्धा से सदा 
तेरे चरणों में सर को झुकाया करूँ 

तुमने सबको ही अमृत पिलाया सदा 
छवि तेरी  निहारूँ मैं दिल में सदा 
भक्ति भाव से तुझे पूजते हैं सदा 
जीवन को मैं सफल बनाया करूँ 

तेरा हाथ मेरे सिर पे हो सदा 
तेरा गुणगान हो जिह्वा पे सदा 
तेरे नाम की माला फेरूँ सदा 
तेरे चरणों में ध्यान लगाया करूँ 
@मीना गुलियानी  

 

तर्ज़ --मुहब्बत की झूठी कहानी पे रोये

तेरे  बिना गुरूजी मैं कहाँ जाऊँ 
हाले  दिल मैं किसको सुनाऊ

कर्मो के भोगों ने मुझको सताया 
जहाँ भी गया मैं उसने ठुकराया 
सारे जहाँ से ठोकर मैं खाऊँ -------

होके लाचार गुरूजी तेरे दरबार आया 
मेरी अर्जी सुनलो मैं फरियाद लाया 
मेरी न सुनोगे तो किस दर जाऊँ ----

तुम्ही मेरे बंधु  और सखा  हो 
यही मेरी दुनिया है तुम्हीं आसरा हो 
दर दर ठोकर खाना न चाहूँ-----------
@मीना गुलियानी 
 

तर्ज़--बड़ी दूर से आये हैं

बड़ी दूर से आये हैं गुरूजी आस ये लाये हैं 
सबकी सदा सुन लो गुरूजी आशा लाये हैं 

तुमको ही माना है जमाना लगे झूठा 
तुम ही अपने हो जग लागे मुझे  झूठा 
ये बंधन - तोड़ के आये हैं --------गुरु जी 

ढूँढा ये सारा जहाँ है कोई नहीं अपना 
झूठी प्रीत इनकी ये जग इक सपना 
ये नाते --तुमने निभाए हैं --------गुरूजी 

गुरूजी मेरी नाव पड़ेगी तुम्हें खेनी 
तुम्ही तो पालनहार सुरक्षा तुम्हें देनी 
भव पार ---तूने कराये हैं -----------गुरूजी 
@मीना गुलियानी 

शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2020

तर्ज़ -पल्लो लटके

देख रटके रे भैया देख रटके 
गुरूजी का प्यारा प्यारा नाम भैया देख रटके 

घणी  देर से आके बैठ्यो गुरूजी थारे द्वार 
अब तो गुरूजी म्हारो बेड़ो करदो भव से पार 

गुरूजी थारी महिमा सारी दुनिया खूब जाणे 
दूर दूर सूं दर्शन खातिर आवे लोग सयाने 

गुरु नाम की माला फेरो बन जाओ उसके प्यारे 
आवागमन को चक्कर  छूटे हो जाएँ वारे न्यारे 

या नाम है प्यारो भैया  करले तू भी भक्ति 
प्रेम से जो भी  ध्यान लगावे पा जावे वो मुक्ति 
@मीना गुलियानी 

तर्ज़ --एक बार आओ जी जवाई जी पावणा

-एक बार आओ जी गुरुजी म्हारे आंगणा 

म्हाने दर्शन दीज्यो महाराज थाने अर्ज़ करां 


सारी  दुनिया थांकी गुरूजी जय जयकार बुलावे 

थांकी झांकी निहारुँ दिन रात 

गुरूजी थाने अर्ज करां   


सारी संगत गुरूजी कितनी दूर दूर सूं आवे 

सबकी बिगड़ी बनावो महाराज 

गुरूजी थाने अर्ज करां 


गुरूजी थारी सेवा करबा में तो हूँ अज्ञानी 

म्हारी विपदा मिटावो महाराज 

गुरूजी थाने अर्ज करां 


गुरूजी थे तो जाण ल्यो जी सबके मन की 

सबकी सुण ल्योजी सारी बात 

गुरूजी थाने अर्ज करां 


सबकी विनती सुण लो गुरूजी ,सबके काज सवारो 

सबकी सुन लो जी फरियाद 

गुरूजी थाने अर्ज करां 

@मीना गुलियानी 


तर्ज़ --चिरमी

आई गुरूजी थारे द्वार पे , म्हारी बिगड़ी बात बना 
गुरूजी थाने अर्ज करां 

गुरूजी म्हारी बेनती , म्हारो बेड़ो पार लगा
गुरूजी थाने अर्ज करां 

गुरूजी महिमा थारी जी , म्हाने अपणो नाम जपा 
गुरूजी थाने अर्ज करां 

मेवा मिश्री ल्याई जी ,म्हारी भेंट करो स्वीकार 
गुरूजी थाने अर्ज करां 

थांके चरणा में म्हारी बेनती ,देवो आवागमन निवार 
गुरूजी थाने अर्ज करां 

माया मोह के जाल सूं ,म्हारो पीछा देवो छुड़ाए 
गुरूजी थाने अर्ज करां 
@मीना गुलियानी 

बुधवार, 30 सितंबर 2020

तर्ज़ --जादूगर सैंया

ओ मेरे गुरूजी पडूँ मैं तोरे पैयां 
हो गई है प्रभात अब मत देर करो 

ढल गई रैना आये न चैना 
राह निहारी बड़ी देर से 
दर्शन व्याकुल भये मोरे नैना 
आओगे कब खड़ी देर से 
कर जोड़ खड़ी तेरे द्वार ---------

दर्श की प्यासी अखियाँ मोरी 
छम छम निशदिन बरसें 
आओ गुरूजी मोरे अंगना 
राह निहारूं मैं कबसे 
आ जाओ मैं जाऊँ बलिहार --------
@मीना गुलियानी 


तर्ज़ --आवाज़ देके हमें तुम बुलाओ

गुरूजी मुझे तुम दर्श दिखाओ ,नैया भंवर में है पार लगाओ 

मैं कबसे लिए आस दरबार आया 
गुरूजी न अब तक दर्श दिखाया 
सवालों में उलझा हूँ उलझन मिटाओ ------------------

है कठिन डगर और राह न जानू 
धरूँ पाँव आगे तो मुड़ना न जानू 
गुरूजी मुझे सत्यपथ दिखलाओ -----------------------

तेरा धाम सबसे है कितना अनोखा 
ये दुनिया सदा हमको देती है धोखा 
मायामोह से मुक्ति दिलाओ -----------------------------
@मीना गुलियानी 

तर्ज़--तुम बिन जीवन कैसे बीता

सारे जग से नाता टूटा द्वार तेरे आया 
गुरूजी -द्वार तेरे आया 
तेरे ही द्वारे दामन पसारा द्वार तेरे आया 
गुरूजी --द्वार तेरे आया 

सारे जहाँ ने लूटा , मोहमाया ने घेरा 
आशा और तृष्णा ने ,हाल किया ये मेरा 
तुमको बताने आया गुरूजी----------

मन में अँधेरा छाया ,कपटजाल ने घेरा 
विषयों ने भरमाया , लिया आसरा तेरा 
तेरे आसरे सबकुछ छोड़ा द्वार ---------
@मीना गुलियानी 

मंगलवार, 29 सितंबर 2020

तर्ज़ --जिया बेकरार है

गुरूजी तेरे दर्शन का तो मुझे इंतज़ार है 
आओ गुरूजी आस तेरी है कबसे इकरार है 

भक्त खड़े हैं राह में तेरी नैनों को बिछाए हैं 
पल पल देखें रास्ता तेरा पलकों को बिछायें हैं 

आशा पूर्ण करते हो तुम बोलो कब तुम आओगे 
प्यासे नैना दर्शन के बिन कितना और तरसाओगे 

गुरूजी तेरे दर्शन खातिर बैठी दुनिया सारी है 
तेरी राहें देख रहे हैं कितना संकट भारी है 

करी न कोई नेक कमाई खोटे  धंधे खूब किये 
तेरे दर पे आये हैं हम तुझसे कितनी आस लिए 
@मीना गुलियानी 

तर्ज --यहाँ कोई नहीँ है

मेरा कोई नहीं है तेरे सिवा मेरी बारी मत देर लगा 
तुम सुनके सदा मेरी आ जाओ आ जाओ आ जाओ 

मेरी दिल की धड़कनें तेरा नाम ले रही हैं 
ये सारी कायनात तुझे याद कर रही  है 
कबसे गुरूजी तुमको आवाज़ मैंने दी है 

जिसका न कोई जग में तू उसका हो गया है 
यही जानती हूँ मैं भी सबसे यही सुना है 
हमपे तरस खाओ सुनो दिल की ये सदा है 

जीवन की बागडोर तेरे हाथ सौंप दी है 
मेरी  सांसों की डोरी तेरा नाम ले रही है 
सुनलो सदायें सबकी यही तुझसे इल्तज़ा है 
@मीना गुलियानी 

तर्ज़ --लेके पहला पहला प्यार

गुरूजी आये तेरे द्वार लेके आशाएँ हज़ार 
सफल बना दो पार करदो होये खुशी बेशुमार 

किस्मत जगा दो है फरियाद मेरी 
दर्शन दिखादो गुरूजी करना न देरी 
मन में उमंगों हैं अपार बहाओ  प्रेम की फुहार 

चाहे तू कितनी भी देर लगा दे 
बदलेंगे न हम अपने इरादे 
दिल में आशाएँ हज़ार तेरा करते इंतज़ार 

लाखों को तूने भव से उबारा 
बताओ हमें  क्यों मन से विसारा 
बहाओ प्रेम की निर्मल धार करदो हमको भव से पार 
@मीना गुलियानी 

तर्ज़ --कीर्तन

मेरे गुरूजी आके दर्श दिखा दे 
प्यासे नैनों की प्यास मिटा दे 

कबसे खड़ा हूँ द्वार पे तेरे 
मैंने लगाए तेरे दर पर डेरे 
मुक्ति का ज्ञान दे दे अमृत पिलादे 

दर्शन सिवा कुछ भी न मैं मांगू 
आशा पूर्ण करदो यही मैं मांगू 
दर्शन देके जीवन सफल बना दे 

तेरा आसरा मैंने जबसे लिया है 
जीने का तबसे सहारा मिला है 
मेरी तकदीर गुरूजी आके जगा दे 

बदली है मेरी किस्मत की रेखा  
पाई है जबसे दर पे मत्था टेका 
सोई  तकदीर मेरी फिर से बना दे 
@मीना गुलियानी 

तर्ज़ - माँ मुझे अपने आँचल में

गुरूजी मोहजाल से तू मुझको छुडाले 
चरणों से लगा ले कि और मेरा कोई नहीं 

दुनिया के रास्ते की धूल हूँ गुरूजी 
कैसे आऊँ तुझ तक है ये तेरी मर्जी 
धूल में न मिल जाऊँ तू मुझको बचाले 

तेरे दर पे आके मैंने दामन पसारा 
क्या होगा मेरा ये कुछ भी न विचारा 
सोई  तकदीर मेरी उसको जगा दे 

फरियाद कैसे करूं आती शर्म है 
मेरे हाथों से हुए उल्टे कर्म हैं 
बक्श दो गुरूजी मुझे पास बिठाले 
@मीना गुलियानी 

तर्ज़ --दिल के अरमां

गुरूजी तेरे दर पे मैं तो आ गया 

हाले  दिल तुमको सुनाने आ गया 


दुनिया ने लाखों सितम मुझ पर किये 

दिल का दुखड़ा मैं बताने आ गया 


सोचता था दास्ताँ तुझसे कहूँ 

लगता है अब तो ठिकाने आ गया 


सर पे मेरे  अवगुणों की पोटली 

सर झुकाके तेरे दर मैं आ गया 


तेरी महिमा जबसे मैंने भी सुनी 

तकदीर अपनी मैं जगाने आ गया 

@मीना गुलियानी 




तर्ज़ --इक प्यार का नगमा है

गुरूजी तेरा सहारा है  तुझे मैंने पुकारा है 
हर दुखी को यहाँ मिलता गुरूजी साथ तुम्हारा है 

रोता हुआ जो आये हँसता हुआ वो जाए 
दिल के सारे अरमां पूरे करके वो जाए 
दुखियारे को मिलता वरदान तुम्हारा है 

ये जीवन सपना है न कोई अपना है 
झूठे हैं सब रिश्ते इक तू ही अपना है 
मिल जाएँ सभी खुशियाँ मिले साथ तुम्हारा है 

तेरा धाम न्यारा है मुक्ति का द्वारा है 
हर दुखिया को मिलता गुरूजी तेरा सहारा है 
तेरे धाम से मिल जाए खुशियों का भंडारा है 
@मीना गुलियानी 

सोमवार, 28 सितंबर 2020

तर्ज़ --ओ फिरकी वाली तू कल फिर आना

 मेरे गुरूजी दर्श दिखलाना तू जल्दी आना 

प्यारा तेरा नाम रे तेरी राह निहारुँ सुबह शाम रे 


हर पल तेरी गुरूजी राह निहारुँ दिल को मेरे न तरसाओ 

बदल भी दो मेरी किस्मत की रेखा सोया भाग्य जगा जाओ 

गुरूजी आओ दर्श दिखाना छोडो तुम तरसाना ----------


तेरी याद में नैन बावरे हर पल रोते रहते हैं 

दर्शन के बिन व्याकुल नैना हर पल भीगे होते हैं 

गुरूजी तेरे दर्शन चाहूँ और न कुछ भी मांगू 

मेरी किस्मत को आप चमकाना दर्श दिखलाना 

निराली तेरी शान रे बड़ा प्यारा लगे मुझे तेरा धाम रे -----

@मीना गुलियानी 

तर्ज --आजा रे परदेसी

आ जाओ मेरे गुरूजी 
मैं तो कबसे खड़ी इस पार 
तेरा पथ कबसे रही निहार 

किसी हे उलझन हमको बता जा 
दिल को मेरे धीर बंधा जा 
व्याकुल मन को भी समझा जा ----

इक पल चैन न तुझ बिन पाऊँ 
हर पल पथ निहारती जाऊँ 
कब सुध लोगे समझ न पाऊँ -----

नैनन की तुम प्यास मिटा दो 
इक पल तुम बस दर्श दिखा दो 
इतनी भी ज्यादा तुम न सज़ा दो --
@मीना गुलियानी 

तर्ज़ --रामा रामा रटते रटते बीती रे उमरिया

गुरूजी तेरे नाम को रटते गुज़री रे उमरिया 

इन नैनों की प्यास बुझाने आओ मेरी झोंपड़िया 


दर्शन के बिन प्यासे  नैना हर पल तुझको ध्याते हैं 

कब सुध लोगे हम दीनन की व्याकुल हम हो जाते हैं 

आओ मेघ बन बरसो गुरूजी हमारी भी अटरिया ----


तेरे दर्शन के प्यासे दिल को चैन कहीं नहीं आता है 

दे दो भिक्षा प्रेम की हमको दिल ये बड़ा रुलाता है 

आओ तन मन शीतल करदो दर्शन दो सांवरिया --


भूलें हमारी भूल भी जाओ हमको आस तुम्हारी है 

रास्ता भूलकर भटक गए हम रहम की आस हमारी है 

अपने प्रेम की भिक्षा दे दो  दर्शन दो सांवरिया ------

@मीना गुलियानी 

तर्ज़ --दुनिया में ऐसा कहाँ सबका नसीब है

तेरे सिवा गुरूजी मेरा कोई नहीं है 

आ जाओ दर्शन दो क्यों देर करी है  


तेरी आस लेके आये  तेरे दीवाने 

तेरा ही सहारा हमको तुझको मनाने 

तू जो मिल जाए तो किनारा भी करीब है ----


रहमो कर्म की  गुरूजी वर्षा बरसाना

तुझ पर भरोसा हमको न ठुकराना 

आये हैं सहारे तेरे हम खुशनसीब हैं --------


ढूंढ लिया है तुमको तुम न भुलाना 

गुरूजी हमे तुम चरणी लगाना 

पार लगाना तुम बचाना हमारा नसीब है ------

@मीना गुलियानी 

तर्ज़ --वो दिल कहाँ से लाऊँ

तेरे द्वार कैसे आऊँ गुरूजी ज़रा बता दे 
तुमको मैं कैसे पाऊँ भव पार तू लगा दे 

दुनिया ने मुझको लूटा विषयों ने मुझे घेरा 
कैसे छुड़ाऊँ पीछा तू ही रास्ता बता दे ------

लाखों उबर गए हैं तेरे नाम के सहारे 
गुरूजी हमें बचाओ  हैं हम तेरे सहारे -------

गर भूल है हमारी माफ़ कर  भी दो खतायें 
तेरे सिवा न दूजा पल भर भी जो पनाह दे --------

भूलों को तुम भुलाना हमको न आज़माना 
तेरी शरण हैं आये, हमको भी आसरा दे ----------
@मीना गुलियानी 

तर्ज --बागी कोयला बोल रहियाँ

बाग़ में कोयल बोल रही सुन्दर ये मोर भी बोले 
गुरूजी दर्श दिखाजा , गुरूजी अब आजा 

द्वारे गुरूजी के सुंदर झंडे झूल रहे 
दर्शन के दीवाने भक्त भी झूम रहे ,
भक्ति की गंगा बहती प्रेमी जयकारे बुलाएं -----

कितने सवाली धाम पे रोज़ आते हैं 
दर्शन की अभिलाषा मन में लाते हैं 
फ़ूलों की वर्षा हो रही है संगत भी दर्शन पाए -----

गुरूजी तेरा द्वारा बहुत ही प्यारा है 
भक्तों की खातिर खुला हुआ भंडारा है 
गुरूजी की महिमा गाते जीवन को सफल बनाएं ---
@मीना गुलियानी 

तर्ज़ --चली चली रे पतंग

मैं तो चली आज गुरु धाम चली रे 
लेके गुरु जी का नाम और आशाएँ तमाम 
चली गुरु दर्शन को चली रे 

गुरु जी का धाम बड़ा प्यारा 
नवरात्रों में भरें भन्ड़ारा 
जो दर्शन को आये आशा पूरी हो जाए 
कोई बात किसी की न टली रे ----------

धाम गुरु जी का सुंदर सलोना 
भक्ति भाव से भरा हर कोना 
आये दूर से जो प्राणी बोले मीठी मीठी वाणी 
वरदानो से भरी खाली झोली रे --------------
@मीना गुलियानी 

तर्ज़ --कंकरिया मार के जगाया

सोढ़ाला में तूने भवन बनाया ,तेरे दर्शन करने को आज आया 

करो कृपा  आज गुरूजी 


अष्टमी की घड़ी शुभ है आई, माँ शेरों वाली दर्शन देने आई 

सबको माता ने दर्श दिखाया ------------------------------


पूरे होते सबके काम सारे ,दुखियारों की यहाँ लगीँ कतारें 

माँगा वरदान किसी ने वो पाया ----------------------------


भूले भटके तेरे धाम जो आये , उनको गुरूजी पार लगायें 

सफल हो गई इच्छा जो लाया ----------------------------


 कृपा से संवरी किस्मत की रेखा ,जब जब भक्तों ने द्वारे मत्था टेका ,

गुरूजी का आर्शीवाद पाया ---------------------------------

@मीना गुलियानी 

शनिवार, 26 सितंबर 2020

तर्ज़ --वादा न तोड़

मनवा रे बोल जय गुरूजी बोल 
तेरा जीवन ओ  बंदे अनमोल               

पैसे को पाके काहे तू इतराये 
गुरूजी नैया तेरी पार लगाए 
अपनी वाणी में रस ज़रा घोल --------

काम,क्रोध,लोभ,मोह ,अहंकार छोड़ो 
गुरूजी बतायें झूठी बातों को छोड़ो 
अपने जीवन को विषयों में न रोल -----

झूठे हैं नाते जग के झूठी प्रीत सारी 
तोड़ो भ्रमजाल सारे काहे होशियारी 
मन को पक्का बनाके रख न डोल ------
@मीना गुलियानी 

तर्ज़ --ना मुँह छिपाके जियो

लगन  लगा के रखो , दिल में तुम बसा के रखो 
जैसे भी निभ पाए तुमसे , सबसे बनाके रखो 

गुरूजी सबकी मुरादों को ,पूरी करते हैं 
आते सवाली जो वो , सबकी झोली भरते हैं 
उनके दरबार में न भेद को छुपाके रखो --------

कहो  न कुछ भी गर , वो तो जान लेते हैं 
सबकी इच्छाओं को वो , पूरा मान देते हैं 
छुपाये छुप न सकेगा, न तुम छुपाके रखो ---------

गुरूजी का दर तो , सारे जग से न्यारा है 
जिसका न कोई यहाँ , वो गुरूजी का प्यारा है 
उनसे ये रिश्ता अपना ,तुम भी बनाके रखो -------
@मीना गुलियानी 

तर्ज़ --कजरा मुहब्बत वाला

तेरा दरबार है आला, सारे जग से निराला 
जग से निराली इसकी शान
 गुरूजी को माने ये जहान ---------------

आई है संगत सारी , दिल में अरमान लेके 
करते हैं सारे पूजा, सौ सौ तूफ़ान लेके 
करते मुरादें पूरी रहती न आस अधूरी 
करते हो पूरे सबके काम ----------------

सबके दिलों में गुरूजी, तेरा हे नाम निराला 
तू  ही सबकी विपदा को, पल में मिटाने वाला 
बिगड़ी बनाते हो तुम, शरण में लेते हो तुम 
जो भी आये होते पूरे काम --------------------

सोढ़ाला में है गुरूजी, तेरा द्वारा अनोखा 
ये सारी  दुनिया वाले ,देते हैं हमको धोखा 
किस्मत चमकाते हो तुम , अपना बनाते हो तुम 
जग से निराली तेरी शान ---------------------
@मीना गुलियानी 

तर्ज़ --आपकी नज़रों ने समझा

गुरूजी तेरे दर पे आया , यूँ न तू ठुकरा मुझे 

तेरे दर दामन पसारा ,चरणों से तू लगा मुझे 


तेरे द्वारे आ गया , गुरूजी मैं घबरा गया  

अपने कर्मों को देखकर ,गुरूजी मैं शर्मा गया 

माफ़ कर  देना तू मुझको समझकर नादाँ मुझे -------


गुरूजी मैं नहीं पास हूँ ,फिर भी तेरा ही दास हूँ 

विषयों ने भरमा दिया,मैं तो अब घबरा गया 

तेरे चरणों में गिरा हूँ, गुरूजी तू अपना मुझे --------

@मीना गुलियानी 

तर्ज़ --पंजाबी टप्पे

बदरी में रंग कोई ना 
नाम जैसा रंग बन्दया और कोई भी रंग कोई ना 

रुत बड़ी मस्तानी है 
कृपा जो तेरी हुई बदली जिंदगानी है 

चम्पे दा फूल होवे 
गुरूजी तुम्हारे नूर का हरसू सुरूर होवे 

चढ़ी कैसी  खुमारी ऐ 
तेरे ही नाम की उतरे ना खुमारी ऐ 

कभी फेरा लगाया करो 
नैनों की प्यास गुरूजी दर्शन देके मिटाया करो 

तेरी अमृत बाणी ऐ 
गुरूजी तेरी कृपा से मिटी दुःख की कहानी  ऐ 

रहमत का साया है 
गुरूजी तेरे दर से मैंने हर सुख पाया है 
@मीना गुलियानी 

तर्ज़ --इक प्यार का नगमा है

तेरा नाम प्यारा है तुझे मैंने पुकारा है 
हर दुखी आत्मा को मिलता सहारा है

जो भी दर पे आते हैं रक्षा वो पाते हैं 
सोई  हुई किस्मत को वो जगाके जाते हैं 
करते हो रखवाली पाया उसने सहारा है 

दुखियारा जो आये मुक्तपथ पा जाए 
हर मुसीबत उसकी तो इक पल में टल जाए 
रोता हुआ जो आये हँसता हुआ जाता है 

तकदीर बदल जाती किस्मत संवर जाती 
गुरूजी तेरी कृपा से दुनिया ही बदल जाती 
गुरुवर जिसके सर पर रखा हाथ तुम्हारा है 
@मीना गुलियानी 

शुक्रवार, 25 सितंबर 2020

तर्ज़ --दिल लूटने वाले जादूगर

तेरा सुमिरन मैं करती हूँ तेरा नाम ही मेरा सहारा है 

इसी नाम को जपके लाखों  ने पाया वरदान तुम्हारा है 


लाखों को पार लगाते हो हर संकट से बचाते हो ,

नैया को तुम्हीं  बचाते हो, पतवार से पार उतारा है ----


रक्षा करते हो सबकी तुम मुक्तिपथ तुम्हीं बताते हो 

निर्बल का सहारा हो तुम ही तेरे नाम पे सब कुछ वारा है ---


द्वारे पे मेले लगते हैं यहाँ  ढोल  नगाड़े बजते हैं 

 दुखिया सुख पा जाता है मिलता जब उसे सहारा है ---


तुम सबकी लाज बचाते हो हर दुखिया को अपनाते हो 

तेरे चरणों से बहती गंगा जो अमृत की इक धारा है ----

@मीना गुलियानी 


तर्ज़ --इक परदेसी मेरा दिल ले गया

जपा जिसने नाम तेरा वो तर गया 
दुनिया के मोहजाल से उबर गया 

लाखों तूने तारे भव से उबारे 
कितने अनाथों के बने तुम सहारे 
तेरा नाम जपके भंवर से तर गया ---

तेरे दर  पे जो भी आये सवाली 
कितने दुखियारों की करी रखवाली 
सुना जिसने नाम तेरा वो तर गया ---

मिला है सहारा पाया तेरा द्वारा 
सबके लिए है मुक्ति का द्वारा 
अलख निरंजन नाम मिल गया ----
@मीना गुलियानी 

तर्ज़ - काला डोरिया कुंडे नाल अड्या

क्या कहिए जब सत्संग रंग चढ़या ओये       
दिल भी भीग गया इतना गहरा चढ़या ओये 

सत्संग रंग की इक यही निशानी है 
गहरे रंग में डूबा सर ऊपर पानी है ---

कैसे उबरें हम इतना रंग गहरा ओये 
सतगुरु कृपा बिना न उतरे गहरा ओये ----

उनकी कृपा की बस यही निशानी ओये 
सर पे हाथ उनका बड़ी मेहरबानी ओये ---
@मीना गुलियानी 

तर्ज़ -परदेसियों से न अखियाँ मिलाना

छोड़के जग को है इक दिन जाना 
भूल न जाना बंदे भूल न जाना 

रात भर का है तेरा बसेरा 
काहे तू न समझा डाला डेरा 
विषयों में तू मन न लगाना ----

पंछी सा बन छोड़ बसेरा 
मोह में न फंस हुआ सवेरा 
पिंजरे से तू मोह न लगाना ----

झूठी है दुनिया झूठे हैं नाते 
कब तक ये निभाएंगे नाते 
इन रिश्तों में न मन भरमाना ----
@मीना गुलियानी 

तर्ज़ -- घर आया मेरा परदेसी

नाम लगन दिल में जागी 

मन मेरा हुआ अनुरागी 


सत्संग  से जोड़ा नाता 

जग से तोडा हर नाता 

गुरु चरणन से प्रीत लागी ----


सच से प्रीत जुडी ऐसे 

मन वैरागी बना ऐसे 

झूठ से हर तृष्णा भागी ---


गुरूजी ने ऐसा ज्ञान दिया 

जीवन हमारा संवार दिया 

नाम की जोत  दिल में जागी ----

@मीना गुलियानी 

तर्ज़ - बेकरार करके हमें यूँ न जाइये

दिल में गुरु जी को हर पल ध्याईये 
दिन ये जिंदगी के न यूँ गंवाईये 

जिंदगी का यह पड़ाव जीत लो 
प्रेम से तुम नाम ध्याना सीख लो 
अपने कदमों को न यूँ बहकाइये 

गुरु जी से तुम नाता जोड़ लो 
दुनिया के रिश्ते नाते तोड़ लो 
रहमत मिलेगी इसे मत भुलाईये 

जिंदगी फिर आसां हो जायेगी 
किस्मत  तेरो संवर भी जायेगी 
सर को गुरू चरणों में नवाइये 
@मीना गुलियानी 

तर्ज़ - सौ साल पहले मुझे तुमसे प्यार था

 गुरु जी तुम्हारे दर का मैं सेवादार था 

आज भी हूँ और कल भी रहूँगा 


तुम बहुत दयालु हो सबसे प्रेम करते हो 

जो कोई हो दीन दुखी उसका गम दूर करते हो 

सदा करें याद तुमको दिल बेकरार था ---------


इस दिल को मिलता है करार दर पे आने से 

नैया को मिले पतवार फ़िक्र न अब ज़माने से 

भंवर में अटकी नैया करो भव से पार है -------


मैं तो हूँ अज्ञानी मुझे हर ज्ञान तुम दे दो 

मेरे नैना हैं तरसें इन्हें दर्शन ज़रा दे दो 

दिल को मेरे  तेरे दर्शन की आस है ------

@मीना गुलियानी 


तर्ज़ - चला चला रे ड्राइवर गाड़ी होले होले

चलो चलो रे गुरूजी धाम जय जय बोले 

गुरूजी के भवन पे काहे मन डोले 


सोडाला में धाम गुरूजी का देखो शोभा न्यारी 

गुरूजी  दर्शन की खातिर आवे संगत सारी -----


गुरु जी का तू नाम सुमिर ले छोड़ आसरा दूजा 

मन में तू विश्वास जमा ले करले इनकी पूजा ----


तू भी नाम सुमिर ले भाई काहे ढूँढे मक्का 

गुरूजी तेरे मन में रहता क्यों है हक्का बक्का ----


काहे न सुमिरे नाम तूने सारी उम्र गुज़ारी 

क्या जाने करनी पड़ जाए चलने की तैयारी -----

@मीना गुलियानी 

गुरुवार, 24 सितंबर 2020

तर्ज़ - सजन रे झूठ मत बोलो

भक्तो जप लो गुरूजी का नाम 
संकट से बचाता है 
जो श्रद्धा और सबूरी से 
गुरूजी को ध्याता है 

तेरे ये महल चौबारे नहीं किसी काम आयेंगे 
काहे अभिमान रे प्यारे गुरूजी को ध्या बंदे 
यही तो साथ जाना है ------------------------

न खोना पल जिंदगी के नहीं फिर हाथ आयेंगे 
जपो तुम नाम को हरदम फ़िक्र किस बात की प्यारे 
ये मुक्ति का ठिकाना है ----------------------

भला सोचो भला होगा बुरा सोचो बुरा होगा 
गुरूजी देख लेते हैं करो शुभ कर्म मन से तुम
 यही तो साथ जाना है ------------------------
@मीना गुलियानी 

तर्ज़ -ये दो दीवाने दिल के

आये भक्त सारे मिलके 
तराने गाएँ मिलके 
चले हैं चले हैं गुरूजी के द्वार 

गुरूजी के द्वार की शोभा निराली 
लौटा ना  दर से कोई भी सवाली 
होती मुरादें पूरी न कामना अधूरी 

रोते  हुए जो आते हँसते वो जाते 
गुरूजी भंडारे भरते खुशियाँ लुटाते 
खाली झोली वो भरते आशाएँ पूर्ण करते 

देखो गुरु जी का धाम कितना है न्यारा 
हर पल खुला रहता है उनका भंडारा 
खजाने देते मन के गुरूजी लगन  के 
@मीना गुलियानी 

तर्ज़ - लागी छूटे

लागी  छूटे ना आएँ तेरे दर पे हम 
चाहे दुनिया छूट जाए न कोई है गम 

तुमको मनायें तेरे दर पे आएँ 
न माने ये जिया 
दिल को लुभाएं हर पल  सदायें 
न बस में जिया 
रटता है हरदम तेरे ही नाम को 
न माने रे जिया -------------

हर पल गायें तेरे तराने 
न माने ये जिया 
 कब सुध लोगे दिल की मेरे 
सुनो मन बसिया 
लेते तेरा नाम सुबह और शाम 
न माने ये जिया --------------------
@मीना गुलियानी 

तर्ज -जिसे तू कबूल करले

तेरे दर पे  आ गई हूँ , झोली को मैं फैलाऊँ 

भरदे जो झोली खाली वो दुआ कहाँ से लाऊँ 


तुझे तो पूजते हैं सारे जहान वाले 

खोले हैं तूने लाखों  किस्मत के बंद ताले 

हों मुरादें सबकी पूरी वो सदा कहाँ से लाऊँ -------


तेरे बिन जहान में तो मेरा न और दूजा 

करती हूँ रात दिन मैं सिर्फ तेरी पूजा 

जो बहार  बनके बरसे वो घटा कहाँ से लाऊँ -------

@मीना गुलियानी 

 

तर्ज --दिल लूटने वाले जादूगर

जबसे पाया है तेरा दर  जो सारे  जहाँ  से न्यारा है 
हर दुखिया को मिलता है यहाँ 
सुख चैन और सहारा है 

तेरे भक्त यहाँ जो आते हैं 
सब झोली भरके जाते हैं 
ख़ुशियों के खज़ाने भरते हो 
जिसने भी तुम्हें पुकारा है ----------------

तुमसे न जहाँ में अपना है 
ये जग तो झूठा सपना है 
माया के बंधन तोड़ते तुम 
तेरा दर तो मुक्तिद्वारा है ------------------

कोई भक्ति तुमसे पाता है 
कोई मुक्तिफल को पाता है 
इच्छा सबकी पूरी हो जाती 
तुमसे तो सबको सहारा है --------------------
@मीना गुलियानी 

तर्ज - गरीबों की सुनो

गुरूजी तुम सुनो तुम्हीं हो रखवाले 
तेरे सिवा न दूजा 
है कौन हमें संभाले 

हम तो पूरे निश्चय से दर पर तेरे आये हैं 
देखो हमारी मजबूरी सब कुछ हम सह  पाए हैं 
तेरे सिवा कोई दूजा नहीं है 
हमारी बागडोर अब तुझे सौंप दी है 
हम सब बेसहारों की किस्मत अब तेरे हाथ रे ------

हम तो लक्ष्य पे चलते चलते कभी भटक भी जाते हैं 
लेकिन तुम हो बहुत दयालु फिर भी समझ न पाते हैं 
तेरे सिवा कोई सहारा नहीं है 
और कोई तुमसे भी प्यारा नहीं है 
हम किस्मत  के मारों की तकदीर तुम्हारे हाथ रे -----
@मीना गुलियानी 

तर्ज -बनवारी रे

ओ मेरे गुरूजी जग से निराला तेरा धाम रे 
मुझे प्यारा लागे तेरा नाम रे 

जग की झूठी मोहमाया ने 
हमको जी भर लूटा 
हर पल भटकते रहे जीवन में 
भव बंधन न टूटा 
मेरी नाव तुम्हारे हाथ रे --------------

इस जिंदगी का न कोई भरोसा 
कुछ भी समझ न आये 
पता चला न कुछ भी हमको 
अब हैं बहुत पछताए 
पतवार सौंपी तुम्हें आज रे --------------

जीने का कुछ नियम नहीं है 
आके तुम समझाना 
कितनी ही मुश्किल से पाया है 
गुरुवर तेरा ठिकाना
अब किस्मत तुम्हारे हाथ रे -------------------
@मीना गुलियानी 

तर्ज - होठों से छू लो तुम

 गुरूजी तुम कृपा करो तेरे दर पर आऊँ मैं 

मेरे सिर पर हाथ  धरो तो भव तर जाऊँ मैं 


तेरे सिवा न कोई मेरा 

झूठा जग ये सारा है 

तेरी कृपा से पाया 

इक तेरा ये द्वारा है 

तुम पार करो भव से 

उस पार उतर जाऊँ मैं ----------------------


जिस पर कृपा होती 

वो बन जाता है मोती 

इस जग में वो चमके 

जैसे हीरे की  ज्योति 

सच्चाई समझ आये तो 

पल में ही उबर जाऊँ मैं -------------------

@मीना गुलियानी