ऐ आलस्य
तुम मुझसे दूर ही रहो
मुझे तुमसे यही है कहना
लोगों की बातों में न आना
मुझे तुममें कोई दिलचस्पी नहीं
आलस्य से तो कई रोग लग जाते हैं
शरीर भी रोगी हो जाता है मन की स्थिति
डावांडोल सी होकर शिथिल हो जाती है अनिच्छा
उत्पन्न हो जाती है मन इन्द्रियों का दास बन जाता है
मेरी तो प्रभु जी से यही प्रार्थना है हमारा मार्गदर्शन करें
@मीना गुलियानी
तुम मुझसे दूर ही रहो
मुझे तुमसे यही है कहना
लोगों की बातों में न आना
मुझे तुममें कोई दिलचस्पी नहीं
आलस्य से तो कई रोग लग जाते हैं
शरीर भी रोगी हो जाता है मन की स्थिति
डावांडोल सी होकर शिथिल हो जाती है अनिच्छा
उत्पन्न हो जाती है मन इन्द्रियों का दास बन जाता है
मेरी तो प्रभु जी से यही प्रार्थना है हमारा मार्गदर्शन करें
@मीना गुलियानी
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