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Tuesday, 31 May 2016

तुम्हारी आहट

मैने सोचा कि बुलाऊँ तुमको 
आई तुम्हारी आहट आये हो तुम 
तुम न आते तो भी सहर आ जाती 
रात गुजरी तेरी याद में बदलते करवटें 

आँखों में नशा हसरतों का बाकी रहा 
प्यास दिल की अधूरी ही रह गई 
दिल को हासिल हुई कुछ तल्खियाँ 
और बिस्तर में बाकी रही सलवटें 

किश्ती किनारे से न लग पाई 
रह गई मौजो की अधूरी हसरतें 
दफन हुए हमारे अरमा भी आज 
मिल न पाई तुम्हे कभी फुरसतें 
@मीना गुलियानी 

समय

समय का कोई इतिहास नहीं है
अपितु स्वयं इतिहास की समीक्षा है
समय ही भविष्य ,वर्तमान ,अतीत दृष्टा है
समय ही शह और मात है
समय ही प्रलय हे, स्वर्ग का सोपान है
समय से ही है जड़ और चेतन
समय ही यम और नियम है
समय है तो  सांस को आस है
समय ही पानी और प्यास है
समय ही प्रायश्चित और पश्चाताप है
समय ने ही मेरा हाथ थामा
मुझसे लिखवाया भजन,कविताएँ
समय ही आस्था,विश्वास है
मेरी भक्ति है और शक्ति है
समय ही आसक्ति और विरक्ति है
@मीना  गुलियानी 

मेरे सपने

मेरे सपने मेरी आँखों में लहराते है
पर वो बाहर बह नहीं पाते है
मेरे सपने होठों पर थरथराते है
पर कुछ कह नहीं पाते है
मेरे सपने छोरहीन नदी के समान है
मन ही इसका महासागर है
मेरे सपनों में संवेदना का पुल है
जो मुझे दुनिया से जोड़ता है
कभी सपनों में अाक्रांत कभी अशांत होता हूँ
मेरे सपने मेरी यथास्थिति का आभास है
मेरे सपनो में क्षितिज का विस्तार है
शब्दों की मार्मिक पीड़ा का संसार है
मेरे सपनो में है एक आकृति एक स्मृति
एक अभिव्यक्ति एक स्पर्श की अनुभूति
मेरी मुट्ठी में बंद है मेरे सपनो का अवशेष
जिनको बड़े यत्न से मैने संजो रखा है
@मीना गुलियानी  

भजनमाला ------23

बीती भजन बिन तेरी जिंदगानी
होने को आई खत्म कहानी

वचन गर्भ में किया उसे भूल गया वादा  तोड़ दिया
बहुत करली तूने ये मनमानी

पैसे पे गुमान किया नुक्सान किया अभिमान किया
अब न चलेगी चाल पुरानी

रिश्तों से प्यार किया ऐतबार किया अहंकार किया
बिसर गई सब प्रीत पुरानी

विषयों ने दास किया मोह ने घेर लिया मजबूर किया
कैसी हठ थी ये अनजानी

जीवन बेकार किया न भजन किया न सुधार किया
अब  टपकाए आंख से पानी

डोली में सवार किया  नाता तोड़ लिया मुख मोड़ लिया
जिंदगी की यही रीत पुरानी
@मीना गुलियान

भजनमाला -----22

तन कोई छूता नहीं चेतन निकल जाने के बाद 
फेंक देते फूल को खुशबु निकल जाने के  बाद 

आज जो करते किलोलें खेलते है साथ में 
कल डरेंगे देखकर तन निर्जीव हो जाने के बाद 

बोलते जब तक सगे है चार पैसे पास में 
नाम भी पूछे नहीं पैसा निकल जाने के बाद 

स्वार्थ प्यारा रह गया असली मुहब्ब्त उठ गई 
भूल जाता माँ को बच्चा पर निकल  जाने के बाद 

इस अस्थिर संसार में तू क्यों घमंडी हो रहा 
देख फिर पछतायेगा  समय निकल जाने के बाद 

कैसे  सुखिया होवेगा जो नहीं करता भजन 
नर्क में जाना पड़ेगा पुण्य निकल जाने के बाद 
@मीना गुलियानी 

Monday, 30 May 2016

मेरे करीब आ रही हो

आज तुम्हारी खिड़की  छनकर रोशनी  आ रही है 
लगता है जैसे तुम अभी नहाकर बाहर आ रही हो 

अलसाई सी बाहों को उठाकर गिराना 
समुन्द्र की लहरों सा उठना मचलना 
लगता है तुम यूँ ही कुछ शर्मा रही हो 

सुर्ख आँचल का कोना मुँह में दबाना 
आँखों को झुकाना उठाना फिर शर्माना 
पलकों की चिलमन उठाकर करीब आ रही हो 

न जाना दूर कभी भी तू मुझसे खफा होकर 
टूट जाऊँगा मै तुमसे जुदा  होकर बिखरकर 
दिल मेरा तुम रह रहकर क्यों धड़का रही हो 
@मीना गुलियानी 

याद बहुत आओगे

तुम फिर अपने  गाँव लौट जाओगे
जाने वाले तुम मुझे याद बहुत आओगे 

वो सुहाने पल आँखों में कटी रातें 
वो सपने सुहाने वो प्यार भरी बातें 

नित संजोते थे ख्वाबों की दुनिया वो मुलाकातें
वो  नदी की तरह उफनती साँसों की बातें

आँखों के अनदेखे सपनों से छलके मधु के प्याले
वो मदभरे होठों तक आते आते क्यों रीत गए

तुम जाओगे गाँव नए और गाओगे गीत नए
ये मधुर सुहाने पल क्यों इतनी जल्दी बीत गए
@मीना गुलियानी

भजनमाला -----21

वेला अमृत गया आलसी सो रहा बन अभागा 
साथी सारे  जगे मै न जागा 

झोलियाँ भर रहे भाग्य वाले लाखों पतितों ने जीवन सम्भाले 
रंक राजा बने भक्ति रस में सने कष्ट भागा 

कर्म उत्तम से नर तन जो पाया आलसी बनके हीरा गंवाया 
सौदा घाटे का कर हाथ माथे पे धर रोने लागा 

बन्दे तूने न कुछ भी विचारा प्यारा जीवन गया न संवारा 
हंस का रूप था गंदला पानी पिया बनके कागा 
@मीना गुलियानी 

Sunday, 29 May 2016

भजनमाला --20

मन गए ले प्रभु के गीत 
हरि से प्रीत लगा ले 
तेरा जीवन हुए सुरजीत 
हरि से प्रीत लगा ले 

माया लगन किया तुझको मगन 
तृष्णा की अगन को बढ़ाया 
जीवन भर में कपट किये तूने 
नाम प्रभु का न गाया 
जप नाम होए तब जीत 

जगत है सपना भी न अपना 
जाना यहाँ से अकेला 
तेरी जवानी है बुलबुला पानी 
दुनिया है दो दिन का मेला 
ये  जीवन न जाए बीत 
@मीना गुलियानी 

मौत भी नहीं आती

साँस लेना भी जुर्म है शायद
जिंदगी ऐसे भी जी नहीं जाती

एक टूटा हुआ ख़्वाब सा हूँ मै
यह गली अब कहीं नहीं जाती

रात भर दिल मेरा जलाती है
चांदनी घर क्यों नहीं जाती

एक अादत सी बन गई है तू
बदलूँ तो भी बदली नहीं जाती

इस तरह जिऊँ भी तो कैसे जिऊँ
मॉँगने से मौत भी नहीं आती
@मीना गुलियानी 

दिल को फिर तड़पा रही है

तेरी याद क्यों रह रह कर आ रही है
क्यों ये मेरे दिल को फिर तड़पा रही है

दिन ढल गया मुझको सोना है अब
मगर तेरी तस्वीर  क्यों गुनगुना रही है

जिंदगी की मैने तो एक  नई राह चुनी
वो  भी तेरे नज़दीक मुझे लेके आ  रही है

सूरज  ने चाँद से कुछ ऐसा कहा क्या
रोशनी उसकी वापिस लौटकर जा रही है

तूने क्या छुपके मुझे उस पार से सदा दी
तेरी आवाज़ क्यों मुझको  बहका रही है
@मीना गुलियानी

भजनमाला ------19

उठ जाग   मुसाफिर भोर भई अब  रैन  कहाँ जो सोवत है 
जो  सोवत है  खोवत है जो जागत है सो पावत है 

 उठ नींद से अखिया खोल ज़रा और अपने प्रभु से ध्यान लगा 
ये प्रीत करन  की रीत नहीं रब रब जागत है तू सोवत है 

जो काल  करें सो आज करले  जो आज करें सो अब करले 
जब चिड़ियन खेती चुग  डारी फिर पछताए क्या  होवत है 

नादान भुगत करनी अपनी ओ पापी पाप से चैन कहाँ 
जब पाप की गठरी सीस धरि फिर सीस पकड़ क्यों रोवत है 
@मीना गुलियानी 

Saturday, 28 May 2016

भजनमाला---18

कर भजन तू रे बन्दे कि इक दिन छोड़  ये जग है जाना 

तोड़ दे इस झूठी नगरी को  क्यों  इनमें भरमाया 
छोड़ दे इस झूठी नगरी को क्यों संसार बसाया 
क्यों तू मोह में भूल गया रे साथ न कुछ भी जाना 

विषयों की भूल भुलैया में तू वचन गर्भ का   भूला 
ईशवर सुमिरन कर  न पाया यौवन में तू फूला 
तन पर कर अभिमान हे बन्दे अब है पड़ा पछताना 

ये जग है इक पंछी का डेरा छोड़के इक दिन उड़ना 
नाम प्रभु का जप ले तू जो भव से पार उतरना 
 छोड़के झूठे धंधे  जग के प्रभु की शरण में आना 

प्रभु का नाम पतितपावन है तर गए पापी सारे 
गौतमी और अहिल्याबाई  जो थे शाप के मारे 
है मेरा प्रभु दयालु ऐसा पल में मिले ठिकाना 
@मीना गुलियानी  

मेरी खता क्या है

ऐ मेरे दोस्त तू खफा सा है
साफ़ कहदे मेरी खता क्या है

क्यों तुम मुझसे बात करते  नहीं
दिल जलाते हो ऐसा करते नहीं
मान जाओ  बताओ हुआ क्या है

दिल पे यूं बोझ नहीं रखते है
खुलके आपस में बात  करते है
कुछ बताओ तुम्हें हुआ क्या है

हुई मुझसे जो भूल माफ़ करो
हम तो नादाँ है दिल साफ़ करो
कैसे समझें कि माज़रा क्या है
@मीना गुलियानी


भजनमाला ------17

सताते जो गरीबों को उन्हें ईशवर सताएगा 
रुलाते जो  अनाथों को उन्हें ईशवर रुलाएगा 

भलाई का भला फल है बुराई का बुरा फल है 
बुराई जो करेगा वो बुरा फल क्यों न पाएगा 

दया दीनो पे कर लीजे किसी को दुःख नहीं दीजे 
तुम्हारी नाव को मालिक किनारे   से लगाएगा 

करो रक्षा अनाथो  की दो जो कुछ बन सके भाई 
न दौलत में से पैसा भी तुम्हारे  साथ जाएगा 

फिर किस ऐंठ में भूला भजन कर अपने ईशवर का 
अरे नादान फिर ये दम नहीं नर तन में आएगा 
@मीना गुलियानी 

भजनमाला ----16

 मगन ईशवर  की भक्ति में अरे मन क्यों नहीं होता 
पड़ा आलस्य में मूर्ख रहेगा कब तलक सोता 

जो इच्छा है तेरे कट  जाएँ सारे  मैल पापों के 
प्रभु के प्रेम जल में क्यो नहीं  अपने को तू धोता 

विषय और भोग में फंसकर न कर बरबाद जीवन को 
दमन कर चित्त की वृत्ति लगा ले योग में गोता 

नहीं संसार की  वस्तु  कोई भी सुख की हेतु है 
वृथा इनके लिए फिर क्यों समय अनमोल तू खोता 

धर्म ही एक ऐसा है जो होगा अंत का साथी 
न जोरू काम आएगी न बेटा और पोता 

भटकता जा बजा नाहक फिरे सुख के लिए तू क्यों 
तेरे तन के ही  भीतर तो भी बहे आनंद का सोता 
@मीना गुलियानी 

तुम परेशां न करो

मै  ख्यालों में हूँ गुम तुम परेशां न करो

 जिंदगी मेरी उजालों में रहा करती है
तेरे  साये में  पली रोज़ ये ये निखरती है
तुम कहीं छोड़के  मुझको यूँ जाया न करो

जबसे पाया है तुम्हे हर पल सोचा मैने
मेरी दुनिया है तुम्हीं से तुझे चाहा मैने
मेरे संग जिंदगी बिताने का वादा तो करो

तुम बिन एक भी पल जीना गंवारा ही नहीं
तुम बिन मेरा कोई और सहारा भी नहीं
मुझसे तुम रूठके इस तरह तो जाया न  करो
@मीना गुलियानी

सुनाती है तुमको ये दास्तां

खुली वादियाँ सुहाना समा
सुनाती है तुमको ये दास्तां

छाई है देखो हरसू बहार
गुलों पे  देखो आया निखार
होने लगी अब उमंगे जवां

बागों में पंछी घूम रहे है
भँवरे गुलों संग झूम रहे है
खुशियाँ लुटाती  हुई वादियाँ

झरनों का पानी लगा आज बहने
सुनो आज मेरी लगी हूँ मै कहने
करो माफ़  मेरी गुस्ताखियाँ

उठाओ लुत्फ़ तुम इस जिंदगी का
मिलेगा न मौका तुम्हें  इस ख़ुशी का
करें न  ज़माना  तुम्हें बदगुमाँ
@मीना गुलियानी 

Friday, 27 May 2016

भजनमाला ------15

तेरे पिछे रेहनगियां तेरियां कहानियाँ 
नेकियाँ ते बदिया ऐहो दो निशानियाँ 

घर वाले रोवणगे कमाके ले आंदा सी 
सुख असी भोगदे दुःख ओ उठान्दा सी 
सुखकर याद सबने अखा  नी वहानियां 

चुक के मोड्या ते जदो ले जावणगे 
गुण  अवगुण तेरे  पिछे पिछे गावांगे 
 शुरू तो ऐ जग दीया रस्मा पुरानिया 

कोई तेनू भला कहके  गुण तेरे गावेगा 
कोई तेनू  बुरा कहके अखा मटकाएगा 
करनगिया गल्लां  बहके यारा दिया ढाणियां 

चिता विच रखके जदो  दाह तेनू लावनगे 
 तोड़ तोड़ तिनके जदो घरां नू आंवनगे 
फिर किसे तेरियां ओसियां न पानिया 

चार दिन जिंदगी नाम जपके बिताई जा 
राम नाम जपि जा ते  वक्त लंघाई जा 
 गल्लां ने जग विच  याद रह जाणिया 
@मीना गुलियानी 


  

Thursday, 26 May 2016

भजनमाला ---14

ऐ मानव अपना दिल पत्थर न बना लेना 
अपने जीवन को तू फिर सफल बना  लेना 

परदेसी   न इतराना यहाँ चंद रोज़ रहना 
अपने सा समझ सबको किसी को दुःख न देना 


मिली दौलत जो तुमको  भलाई  ही करना 
साँसों की वीणा से प्रभु गीत तू गा  लेना 


तेरे हित की सुनाते है तू मान ज़रा कहना 
तू ज़रूर सुखी होगा दुखी दिल  की दुआ लेना 
@मीना गुलियानी 

ज़रा आहिस्ता चल

दर्द सीने में है कुछ  कम
ज़रा आहिस्ता चल
तेरे  आने की सुनके मची हलचल
ज़रा आहिस्ता चल

तू है मसरूफ वहाँ मै हूँ बेताब यहाँ
तेरे पास आने के न दिखे कोई निशाँ
कैसे  टुकड़ो में जिए जाएँ हम ------------ज़रा आहिस्ता चल

दिल मेरे बस में नहीं तू मेरे पास  नहीं
कैसे कहदूँ तुमको कि मै उदास नहीं
तू जो आ जाए तो दुःख होगा कम----------- ज़रा आहिस्ता चल

जिंदगी सूनी मेरी है अधूरी तेरे बिन
तू है खुशियों से भरा हो जाए सुहाना दिन
मिले जो तू सब पा जाएँ हम----------------- ज़रा आहिस्ता चल
@मीना गुलियानी 

तू मेरे करीब है





तू मेरा नसीब है तू मेरे करीब है
तू  दिल जान  मेरी तू मेरा हबीब है

तू है मेरे  दिल में बसा
मेरी रूह तक पहुंचा
कैसे करूँ दूर तुझे -तू मेरा रकीब भी है

नेकी और बदी से बंधा
अजब इक रिश्ता है तू
क्या कहूँ कैसे कहूँ - तू मेरे करीब भी है

तुझे हर पल चाहा
तुझे हर पल  पूजा
दुनिया के ताने सहे -तू मेरा नसीब भी है
@ मीना गुलियानी

भजनमाला -------13

तेरे दर को छोड़कर किस दर जाऊँ मै 
सुनता मेरी कौन है किसे सुनाऊँ मै 

जबसे याद भुलाई तेरी  लाखों कष्ट उठाये है 
न जाने इस दिल के अंदर कितने पाप कमाए है 
हूँ शर्मिंदा अापसे क्या बतलाऊँ मै -------------

मेरे पाप कर्म जो तुमसे प्रीत न करने देते है 
जब चाहूँ मै मिलूँ आपसे रोक मुझे ये लेते है 
कैसे स्वामी आपका दर्शन पाऊँ मै -------------

तुम हो नाथ वरों के दाता तुमसे सब वर पाते है 
ऋषि मुनि और योगी सारे  तेरा ध्यान लगाते है 
दे दो छींटा ज्ञान का होश में आऊं मै -------------
@मीना गुलियानी 

जहाँ रहेंगे हम तुम

आओ उस पार चलें करलें बसेरा हम
नदिया  के पार चलें जहाँ रहेंगे हम तुम

ठंडी ठंडी वादी में झरनों के पानी में
फूलों के मौसम में प्यार की रवानी में
ढूँढे हमे सारा जहाँ हो जाएँ हम कहीं गुम

तेरे मेरे दिल में बस प्यार की  छाँव रहे
दुःख का  न नामोनिशाँ  खुदा मेहरबां रहे
प्यार ही बरसता हो वो जहाँ बसाएं हम

तेरे मेरे  दिल के बीच न हो नफ़रतों का  जहाँ
प्यार भरे रिश्तों से महकता  रहे गुलिस्ताँ
दिल से दिल मिल जाएँ फासले हो जाएँ गुम

धरती बिछौना हो आसमान छत हो मेरी
न किसी से शिकवा करें न शिकायत तेरी
हाथों में हाथ रहे वक्त बिताएं हम तुम
@मीना गुलियानी






चुपके चुपके चोरी चोरी

छेड़ दिया फिर मन वीणा का तार
किसी ने चुपके चुपके चोरी  चोरी

बात  अधूरी हो गई पूरी
 सारे सपने हुए सिन्दूरी
रात को फिर से सपने सुहाने
भोर आई है हम को जगाने -----------चुपके चुपके चोरी  चोरी

दिल की वीणा ने गीत है गाया
प्रीतम प्यारा आन मिलाया
बजने लगे फिर घुंघरू ऐसे
नृत्य की ताल पे छमछम जैसे ----------चुपके चुपके चोरी  चोरी

आंचल फैला और  लहराया
हो गई बेसुध कंचन काया
ऐसा मद है किसने पिलाया
दीवाना दिल उसने बनाया ----------------चुपके चुपके चोरी  चोरी
@मीना गुलियानी



Wednesday, 25 May 2016

भजनमाला ----12

मेरे देवता मुझको देना सहारा 
कहीं छूट जाए न  दामन तुम्हारा 

तेरे रास्ते से हटाती है दुनिया 
इशारे से मुझको बुलाती है दुनिया 
न देखूँ मै दुनिया का झूठा इशारा 

सिवा तेरे दिल में समाए न कोई 
 यह आशा का दीपक बुझाए न कोई 
तुम्हीं मेरी नैया तुम्ही हो किनारा 

सुबह शाम तेरे ही गीत मै गाऊं 
यह मोहनी मूरत मन  में बसाऊं 
तेरा नाम सारे जगत से है न्यारा 
@मीना गुलियानी 

दिल ये दीवाना है

दिल ये दीवाना है सबसे बेगाना है 
दीवाना दिल है ये दिल बेगाना 

बेचैन रहता है चुपके से कहता है 
मुझको धड़कने दो अरमा  बहकने दो 
काँटों में कलियों में फूलों  की गलियों में 
फेरा लगाने दो छोडो जी जाने दो 
खो न मै जाऊँगा मै लौट आऊंगा 
तुमने तो सोचा ये अच्छा बहाना है 

चुपके चिनारों में मस्त बहारों में 
बैठे रहें गुमसुम खोये हुए हम तुम 
बागों बगीचों में इन दर दरीचों में 
दिलकश नज़ारों में ठंडी फुहारों   में 
मुझको बुलाओ न यूं तुम सताओ न 
बेचैन करके  फिर कहते हो जाना है 
@मीना गुलियानी  

दूर ठिकाने बना लिए

 जाने क्यों हमसे दूर ठिकाने बना लिए
कितने खूबसूरत से बहाने बना लिए

दिल को हमारे ठेस लगाकर जो तुम चले
हमने तो लाख रोका  लेकिन न तुम रुके
जो दर्द तुमसे  पाये  ख़ज़ाने बना लिए

रुखसत के वक्त भी तो तुमने न कुछ कहा
न मुझसे ये बताए कि क्या है मेरी ख़ता
दिल को सताया  तुमने फ़साने बना लिए

तेरी तलाश में हम भटके थे दर बदर
तुमने न अब तलक दी अपनी भी कुछ खबर
दिल तोड़ने के तुमने खूब निशाने बना लिए
@मीना गुलियानी

Tuesday, 24 May 2016

न छूटेगा ये हाथ

जिंदगी भर  के लिए माँगा मैने तेरा ही साथ
अब चाहे जान चली जाए  न छूटेगा ये हाथ

उसने जब आँखों ही आँखों  में इज़हार किया
दिल मेरा डूब गया इतना मुझे प्यार किया
 गम न  याद आये कभी ऐसी थी वो हालात की रात

सुर्ख आँचल  था वो उसका जो लहराता गया
मेरे जिस्म और रूह को भी महकाता गया
शोख नज़रों से थी बिजली गिराने की वो रात

नरम नाजुक वो फूलों की तरह कोमल वो हाथ
पंखुड़ी जैसे कंपकपाते हुए धड़कते दिल का साथ
डूबते राही को मंजिल मिली पाया उसका साथ
@मीना गुलियानी 

Monday, 23 May 2016

भजनमाला ---11

जब तेरी डोली निकाली जायेगी 
बिन मुहूर्त ही उठा ली जायेगी 

उन हकीमों से  कहो  यूँ बोलकर 
करते थे दावा किताबें खोलकर 
ये दवा हरगिज़ न खाली जायेगी 

ज़र सिकंदर का पड़ा सब रह गया 
मरते दम लुकमान से यूँ कह गया 
ये घड़ी हरगिज़ न टाली जायेगी 

क्यों चमन पर हो रही बुलबुल निसार 
है बड़ा माली शिकारी होशियार 
मारकर  गोली गिरा ली जायेगी 

क्यों मुसाफिर तू अकड़ता है यहाँ 
ये किराए का मिला तुझको मकां 
कोठरी खाली करा ली जायेगी 
@मीना गुलियानी 

भजनमाला -------10

जीवन की घड़ियाँ बिरथा न खो हरि ओम जपो- हरि ओम  जपो 

हरि ओम ही सुख का सार  है ,जीवन इसके आधार है 
माया की प्रीति मन से तजो --------- हरि ओम  जपो 

चोला मिला है कर्म का ,करने को सौदा धर्म का 
कोड़ी के बदले हीरा न खो ------------- हरि ओम  जपो 

मन में बसा ले हरि ओम को ,साथी बना ले हरि को 
चादर लम्बी न तान के सो --------- हरि ओम  जपो 

मन की गति को सम्भालिए ,ईश्वर ओर इसे डालिए 
जीना जो चाहे जीवन धो ---------- हरि ओम  जपो 

हर में हरि पहचान ले ,सांसो की कीमत जान ले 
नर तन का आवन हो कि न हो ------ हरि ओम  जपो 
@मीना गुलियानी

ओढ़नी

तेरे बागों की मै मोरनी
छमछम नाच दिखाती आऊं
हवा में बिजली सी लहराऊँ
चमक मै अपनी  चमकाऊँ
दिखाऊँ सुंदर  पंखो की ओढ़नी

ये मेरा मुकुट सुहाना है
गले में है मोतियन माला
पग में पायलिया छमछम
बजाती आई वृन्दबाला
लहराए  हवा में अपनी ओढ़नी

बालों में सुंदर गजरा है
नैन में उसके  कजरा है
घटा से गेसू है काले
है जैसे घन हो मतवाले
तारों भरी  है उसकी ओढ़नी
@मीना गुलियानी

भजनमाला ---9

सब तरफ से हटाकर दिल दे दिया है तुझको 
अब मुर्दतन पड़ा  हूँ फिर क्या बताऊँ तुमको 

आका अगर बनाऊँ  खिदमत न जानू  कुछ भी 
जब काम कुछ बताओ उज्र सुनाऊँ तुमको 

मादर पिदर बिरादर का रिश्ता गर लगाऊँ 
बेरिश्ता लोग कहते कैसे मै पाऊँ तुमको 

गर दोस्त तुमको कहदूँ चढ़ जावें  त्योरियाँ झट 
तुम शाह हो गदा से  कैसे मिलाऊँ तुमको 

गर पीर मै बनाऊँ लायक मुरीद  कब हूँ 
 नालायकी मै अपनी कितनी जताऊँ तुमको 

सब तौर से बुरा हूँ पर हूँ तुम्हारा साहिब 
तुम मेरे दिल जिगर हो कैसे हटाऊँ  तुमको 
@मीना गुलियानी 

भजनमाला ---8

राम न विसार  बन्दे राम न विसार 

खाली आना  खाली जाना धन यौवन का नहीं ठिकाना 
इसमें न  कुछ सार है बन्दे --------------राम न विसार

ये दुनिया दो दिन का मेला  न तू किसी  का न कोई तेरा 
जीवन है दिन चार ओ बन्दे --------------राम न विसार

जग में फूल खिले  रंगीले सुन्दर प्यारे और रसीले 
मत करना कोई प्यार ओ बन्दे --------राम न विसार

भूले राही सुनते जाना झूठे जग में न  भरमाना 
तेरी मंजिल उस पार है बन्दे -------------राम न विसार
@मीना गुलियानी 

Sunday, 22 May 2016

रुत ये बदल जायेगी

पास आओ तो रुत ये बदल जायेगी
मौत भी आएगी तो  वो टल जायेगी 

दांतों  से न लबों को दबाया करो
थोड़ा खुलके ज़रा मुस्कुराया करो
कली  दिल की हँसी से ही खिल जायेगी

गेसुओं में न मुखड़ा छिपाया करो
चिलमन को भी थोड़ा हटाया करो
वरना दिन में ही ये रात ढल जायेगी

तेरे सुर्ख आँचल में खो  जाने दो
मुझको कांधे पे अपने सो जाने दो
दिल की बुझती हुई शमा जल जायेगी
@मीना गुलियानी 

कोई रोक सके तो रोक ले

हम तुमको सनम चाहेंगे कोई रोक सके तो रोक ले

चाहे ये दुनिया दीवार बने
या मौत गले का हार बने
हम फिर  भी तुम्हें चाहेंगे ---------------------कोई रोक सके तो रोक ले

फ़िक्र हमको नहीं है ज़माने की
तुमसे नज़रें मिली तो मिली ही रहीं
मंजिल के करीब आयेंगे -----------------------कोई रोक सके तो रोक ले

चाहे दुश्मन ये सारा ज़माना रहे
तेरा मेरा अमर ये  फ़साना रहे
दिल जुड़ते नज़र आयेंगे ----------------------कोई रोक सके तो रोक ले
@मीना गुलियानी 

भजनमाला ------ 7

हमको तुम्हारा आसरा तुम ही हमारे ईश हो 
जिह्वा  पे तेरा नाम हो ये ही हमें आशीश दो 

सर्वेश हो सर्वेश्वर तुम हर जगह परमेशवर 
हर इक  इन्सां के अन्दर मौजूद तुम जगदीश हो 

जैसा कर्म जो कर्म कर रहा  वैसा ही फल तू दे रहा 
तेरे घर में तो रिशवत नहीं तुम तो करूणाधीश हो 

 इतनी कृपा मुझ पर करो औगुण चित्त न धरो 
चरणों में तेरे पड़ी रहूँ इतनी मुझे बख्शीश दो 
@मीना गुलियानी 

Saturday, 21 May 2016

हम तुम्हारे हमेशा रहेंगे

न चन्दा रहेगा न तारे रहेंगे
मगर हम तुम्हारे हमेशा रहेंगे

जो हो  जाए हमसे खफा ये ज़माना
तुम्हारी कसम होगा मुश्किल भुलाना
तुम्हारे लिए हम   तुम्हारे रहेंगे

कभी रूठकर तुम जुदा हो न जाना
है आसां नहीं तुमको यूँ भी मनाना
कसम लो कि फिर से जुदा हम न होंगे

बहुत देर करदी है आने में तुमने
मेरी जान ले ली सताने में तुमने
कहाँ अब मुहब्ब्त के मारे रहेंगे
@मीना गुलियानी 

तू दुआएँ दिए जा

तू उठाए जा ये सितम और जिए जा
आँसु भी आँख के अब तू पिए जा

सताए गर ज़माना सितम ढाए दुनिया
उसी की मुहब्ब्त की तमन्ना किये जा

यही है मुहब्ब्त का दस्तूर ऐ दिल
मिले गम भी अगर तू दुआएँ दिए जा

न डर तू किसी से जो हो जाए रूसवा
इक  उसकी लगन में अब तू जिए जा
@मीना गुलियानी 

मिल गई मंजिल मुझे

ऐ  मेरे दिल तू सम्भल जा मिल गई मंजिल मुझे
यूं न रह रह तड़प अब है सुकूँ हासिल मुझे

गम है तो हमराह भी किश्ती है मल्लाह भी
क्यों मै लहरों से डरूँ मेरे संग है नाखुदा भी
अब किनारे लाज़मी है पहुँचना उस पार मुझे

भंवर न कोई राह में रोड़ा अब  बन पाएगी
किश्ती प्यार की  अपनी तो चलती  चली जायेगी
अब समुन्द्र का ये पानी कर सके न गाफिल मुझे
@मीना गुलयानी

भजनमाला -----6



ओ मुसाफिर इक दिन तुझको चलना 

चुन चुन जो  तूने महल बनाया 
कितने दिन सोये रहना 
मात-पिता और भ्राता भगिनी 

कोई नहीं तेरा अपना 

दुनिया है दो दिन का मेला 
जीवन है दो दिन का खेला 
दुनिया में जो देख रहा तू 
सब रंग रंगीला सपना 

कब तक पगले भटक रहा तू 
घोर नींद से जाग ज़रा तू 
सुन रे मन मत  बावरे 
अपने पथ पर चलना 
@मीना गुलियानी 

बता दे कि हम किधर जाएँ

छोड़के तुमको  ऐ मेरे हमदम ये बता दे कि हम किधर जाएँ
हम खड़े है तेरी राहों में तू जिधर बोले हम उधर जाएँ

तू ही मेरी अब तो मंजिल है तेरे ही पास  मेरा दिल है
मेरी जन्नत है तेरे क़दमों में  मेरा आज साहिल है
इतनी प्यारी है  हँसी तेरी वक्त से कहदो यहीं ठहर जाए

मै तो अपनी हर ख़ुशी दे दूँ तू जो  मांगे तो जिंदगी दे दूँ
तू न रूठे कभी खुदा के लिए अपनी जां भी तुझे नज़र करदूँ
तुझसे बढ़कर न कोई प्यारा हमे तू जो कहदे यहीं ठहर जाएँ
@मीना गुलियानी 

तुम बिन कैसे पाऊँ किनारा

तुम बिन कैसे पाऊँ किनारा
हर किसी को तुम जैसा मिले न सहारा

ऐसी कोई मौज नहीं जिसको कोई खोज नहीं
कोई न कोई  किसी को लगता है प्यारा

जैसे  सूरज से धरती मिले तारों से जैसे चन्दा मिले
कभी न कभी  तो मिलन  होगा  तुमसे हमारा

हम तुम दोनों है ऐसे जुड़े जैसे सीप से मोती  जुड़े
कभी न होंगे हम जुदा ये है वादा  हमारा
@मीना गुलियानी 

समझ लो कि उसे जीना आ गया

प्यार में जिसको जलना  आ गया
समझ लो कि उसे जीना आ गया

उल्फ़त की यही रीत है यारो
कोई न किसी का मीत है यारो
प्रेम में जहर जिसे पीना आ गया
समझ लो कि उसे  जीना आ गया

कब  सुनते है  इश्क में जलने वाले
कब  सुनते है दिल के नाले दुनिया वाले
कांटो से गुजरके जिसे जीना आ गया
समझ लो कि उसे  जीना आ गया 

इश्क में करते खुद को फना भी दिल वाले
ये दिल वाले भी होते है कुछ तो मतवाले
मस्ती में लहू जिगर का पीना आ गया
समझ लो कि उसे  जीना आ गया
@मीना गुलियानी

Friday, 20 May 2016

जां अपनी लुटा देते है

दुनिया वाले भी सजा उनको सुना देते है 
जो मुहब्ब्त  में  जां अपनी लुटा देते है 

उनकी नज़रो में  पैसे का कोई मोल नहीं 
ताज़ और तख्त जवाहर  लुटा देते है 

इश्क वाले तो न सुनते है किसी भी भला 
दिल तो है दिल वो खुदाई भी लुटा देते है 

दिल में अरमान लिए फिरते है हर कूचे में 
हीर राँझा की तरह जान अपनी लुटा देते है 
@मीना गुलियानी 

Thursday, 19 May 2016

भजनमाला --- 5

प्रेम हो तो श्री हरि से प्रेम होना चाहिए

दिन बिताया ऐश और आराम में तुमने अगर
रात को सुमिरन हरि का करके सोना चाहिए

मखमली गद्दों पे सोये तुम यहाँ आराम से
सफर लम्बे के लिए भी कुछ बिछोना चाहिए

बीज बोकर बाग़ के फल खाये है तुमने अगर
वास्ते परलोक के भी कुछ तो बोना  चाहिए

हरि भजन से लौ लगा जंजाल दुनिया छोड़ दे
राम भज आनन्द पाके मगन  होना चाहिए
@मीना गुलियानी 

नैया मेरी ढूँढे किनारा

नैया मेरी ढूँढे किनारा
कहाँ हो प्रीतम आओ, मुझे क्यों बिसारा

तुम बिन मेरा कोई नहीं
साजन सुध क्यों लेते नहीं
तेरे बिना है सूना सूना आँगन हमारा

दिल को कैसे चैन मिले
जब तुमसे है नैन मिले
खो गया दिल का मेरे अब तो सुकूँ सारा
@मीना गुलियानी 

अकेले है पुकारें तुझे कहाँ हो

अकेले है पुकारें तुझे कहाँ हो
चले आओ सुनके सदा जहाँ हो

दिल तुझे ढूँढता है न तेरा कोई पता है
कहाँ खोजूँ मै जाऊँ मिले न रास्ता है

ये मदहोशी का आलम हुए है होश भी गुम
न जीते है न मरते बताओ क्या करें हम

दिन ये डूब रहा है अभी है रात बाकी
कहो कैसे बिताएं सुहानी शाम एकाकी

बहारों के है मेले मगर हम है अकेले
चले  आओ  अब तुम कहाँ तक गम ये झेलें
@ मीना गुलियानी 

भजनमाला - 4

यौवन के अन्धे समझ ज़रा ये रात गुज़रने वाली है 
बिजली सी चमक है मत इतरा ये रात गुज़रने वाली है 

तेरी आँखों में जाला छाएगा तेरे कानो में ताला पड़  जाएगा 
फिर कैसे सुनेगा शास्त्र बता ये रात गुज़रने वाली है 

चेहरा तेरा मुरझाएगा होठों की लाली उड़ जायेगी 
फिर देख किसे मुस्काएगा ये रात गुज़रने वाली है 

चमकीले बाल तेरे काले जिन पर तू फूला मतवाले 
बुढ़ापा सब नाज़ मिटाएगा ये रात गुज़रने वाली है 

तेरी काया कांपेगी पत्ते सी तेरे दाँत गिरेंगे फूलों से 
फिर कैसे जपेगा नाम बता ये रात गुज़रने वाली है 

अनमोल समय बीता जाए तू मन में जीवन जोत  जगा 
जो बन जाए तू उसको बना ये रात गुज़रने वाली है 
@मीना गुलियानी 

तुम्हारा इंतज़ार है

 तुम पुकार लो, तुम्हारा इंतज़ार है
रात ढल रही है  दिल बेकरार है

दिन गुज़र गया  मेरा इस ख्याल से
हाल मिलता है तुम्हारा मेरे हाल से
सिर्फ दिल  की बात है बेकरार है

आओगे यकीं मुझे है  तेरे वादे पर
क्यों दिलासा दे रहे हो कल न आने पर
 मुख़्तसर सी बात है तुमसे प्यार है

दिल बहल ही जाएगा तेरे आने से
क्यों करें हम भी शिकवा इस ज़माने से
जिंदगी बिताएं संग इख़्तेयार है
@मीना गुलियानी 

Wednesday, 18 May 2016

दिल का सलाम हो जाए

तेरे आने पर दिल का सलाम हो जाए
जुबां के खुलते ही बस तेरा नाम हो जाए

सुबह उठकर जब तेरा इंतख्वाब करते है
सुनहले पन्ने थे वो जिनको याद करते है
जिंदगी की वो घड़ी दिल के नाम हो जाए

हसींन वादी है वो जहाँ पर मिले थे दो दिल
था पल सुहाना वो जहाँ खिले थे दो दिल
आज का दिन भी उसी पल के नाम हो जाए

हसींन शाख वही फूल जहाँ खिलते है
हसींन वादी वो  प्यार भरे दिल मिलते है
सुहाना पल है वही जो दिल के नाम हो जाए
@मीना गुलियानी

तुम मुझे आवाज़ न देना

कैसी है रात आई तुम मुझे आवाज़ न देना
मै तेरा एहसास करलूँ सपनों से न जगा देना

तेरी खबर है मुझको तुझे भी खबर है या नहीं
तेरा हाल है मुझे पता तुझे मेरी खबर है या नहीं
मेरा दिल तेरा बनके तुझे जगाए तो बता देना

मेरी मंजिल भी तो तू है अब कैसे यकीं दिलाऊँ तुझे
तू हमेशा मुझमें थी शामिल कैसे ये समझाऊँ तुझे
मेरा दिल कैसे अब सम्भले मुझको तुम बता देना
@मीना गुलियानी 

भजनमाला -- 3

कर्मों की सारी माया है , कोई सुखी बना कोई दुखी बना 
जैसा किया वैसा पाया है  कोई सुखी बना कोई दुखी बना 

कोई लाल पलंग पर सोता है ,फूलों की सेज बिछाकर के 
कोई फटा टाट नहीं पाया है कोई सुखी बना कोई दुखी बना 

कोई राजा कोई भिखारी है ,कोई रानी कोई पनिहारी है 
कोई दासी दास कहाया है ,कोई सुखी बना कोई दुखी बना 

कोई ऊँचे महल में रहता है ,और किसे झोपड़ा नहीं मिला 
कोई मान प्रेम यश पाया है ,कोई सुखी बना कोई दुखी बना 

कोई करता अपनी मनमानी,आशाएँ किसी की उजड़ गई 
पाप पुण्य ने रंग दिखाया है ,कोई सुखी बना कोई दुखी बना 

लक्ष्मी वैभव खुशियाँ सारी है उनके सन्मुख ही आई 
जिसने  कर्म कमाया है ,कोई सुखी बना कोई दुखी बना
@मीना गुलियानी 

नैनो का दिल ये दीवाना है

पिया तेरे नैनो का दिल ये दीवाना है
तुझे इसने देखा है तुझे इसने जाना है

पिया तेरे नैनो से रोज़ बातें करते है
बिना खोले पलकों को मुलाक़ात करते है
कैसे बोले समझे ये दिल हुआ दीवाना है

पिया तेरे आने से रुत ये संवर जाए
होठों से बोलो जो तुम फूल ये निखर जाए
हर एक पंखुड़ी का समझो खिल जाना है

पिया तेरे लब पे हँसी जब कभी आती है
सोचो तुम कितना मेरे मन को भाती है
सदा मुस्कुराते रहो दिन भी सुहाना है
@मीना गुलियानी 

Tuesday, 17 May 2016

दूर होंगे साये ये गम के

मेरे हमदम तू मेरे संग चलना साया मेरा बनके
तेरे संग चलने से फिर दूर होंगे साये ये गम के

तू हमसफर है मेरा तो क्यों डरूँ इस जहाँ से मै
तू मुझे कहीं भी ले चल तेरे साथ ही रहूँगी मै
क्या अब दुनिया से डरना तू है बैठा मेहरबाँ बनके

मेरी धड़कनों में समाया  दिल और जिगर के करीब है तू
तू हे मेरा अब तो मुकददर जागा  हुआ नसीब है तू
तुझे अपना बनाया पाया तुझको राजदां बनके
@मीना गुलियानी 

और ख़ता क्या

तुझे देखा तुझे चाहा तुझे पूजा मैने
इक यही तो ख़ता है मेरी और ख़ता क्या

तेरी मेरी लगता है यूँ सदियों से पहचान है
दिल को भी तो ये यकीं है तू ही मेरी जान है

हमसफर है तू ही मेरा साथी मेरा तू ही तू
तू ही रब तू ही खुदा है तू ही मेरी ज़ुस्तज़ू

तेरे बिन कुछ भी न चाहा मैने तुझको चाह के
अब खुद से कुछ न माँगू तेरा साथ ही मांगके
@मीना गुलियानी 

चलना ज़रा सम्भल के

ये रास्ते है प्यार के चलना ज़रा सम्भल के
नज़रें ज़रा बचाना इस रास्ते पे चलके

ये रास्ता है ऐसा जिसका नहीं ठिका है
पाई उसी ने मंजिल जिसका हौंसला जवां है
खुशियाँ उसे मिलेंगी गया बचके जो निकल के

जो भी प्यार में है डूबा न उभर कभी वो पाया
चलता रहा हमेशा संग उसका बनके साया
हाथों में हाथ डाले हमसफर वो साथ चलके

जिसका है लक्ष्य ऊँचा उसको ही होगा हासिल
उसको फतेह मिलेगी हमराही जिसकी मंजिल
दिल को सुकूँ मिलेगा थोड़ा सा दूर चलके
@मीना गुलियानी 

Monday, 16 May 2016

भजनमाला - 2

जाके आता रहा, आते  जाता रहा 
यों ही चक़्कर चौरासी के खाता रहा 

खेल में तेरी बचपन कहानी गई 
जोश में होश खोकर जवानी गई 
बाद में ये दिया तेल के बिन  दिया 
टिमटिमाता रहा -------------------

जब सफर उम्र का खत्म होने लगा 
बैठ मंजिल के पास रोने लगा 
फिर क्यों ऐ पगले मन ये सांसो का धन 
क्यों लुटाता रहा -----------------------

घर के साथी व् सब हाथी घोड़े यहाँ 
और नोटों के बण्डल जो जोड़े यहाँ 
छोड़ सामान सब तलियाँ मल मल के तब 
तिलमिलाता रहा -----------------------------
@मीना गुलियानी 

प्रेम में होते धोखे हज़ार

प्रेम में होते धोखे हज़ार
इसमें खुशियाँ है कम
बेशुमार है गम
 इक हँसी और आँसु  हज़ार

तपते साये मिले गम के नाले मिले
जिस जगह भी  देखा दिल में छाले मिले
पर मिला न कहीं भी करार

आँसु आहें मिली शीतल छाँव न मिली
गर्मी छलती रही ठंडी राह न मिली
दुःख भरे दिखे सपने हज़ार

दिखे रोते  हुए गम को ढोते हुए
बालू की रेत पर दुःख समोते हुए
इस समुन्द्र का कोई न पार
@मीना गुलियानी


रंग ली चुनरिया

प्रेम में तेरे मैने रंग ली चुनरिया
भई बावरिया मै तो प्रेम में तेरे
मै तो भई रे बावरिया

साजन तेरे गाँव में मै तो जबसे आई रे
प्रेम भरी चुनरी तूने ही तो ओढ़ाई रे
रंग गई मै तो अब प्रेम में तेरे
मै तो भई रे बावरिया

ऐसा चढ़ा रंग ये उतर नहीं पाया रे
जितना उतारा उतना गहरा होता पाया रे
दुनिया के जाल से छूटी हिरनिया
मै तो भई रे बावरिया

तेरे संग मैने प्रीत अपनी ये जोड़ी रे
दुनिया से नाता तोडा तेरे संग जोड़ी रे
भूल गई जग सारा सावरिया
मै तो भई रे बावरिया
@मीना गुलियानी 

Sunday, 15 May 2016

भजनमाला - 1

क्यों अभिमान करें प्राणी थोड़े दिन की ज़िंदगानी 

झूठी काया माया है  बादल की सी छाया है 
छाया हुई किसकी रानी 

सब कुछ छोड़के जाना है  प्रीत तोड़के जाना है 
भूल न जाना अभिमानी 

जो आता है जाता है फूल खिले मुरझाता है 
दुनिया है आनी -जानी 

गीत प्रभु का गए लेना जीवन सफल बना लेना 
प्रभु भक्ति है सुखदानी 
@मीना गुलियानी 

हम तुझे कभी न भूलें

ये कसम ली आज हमने हम तुझे कभी न भूलें
मिट जाएंगे वफ़ा पर तेरा प्यार हम न भूलें

दिल में तेरी मुहब्ब्त हर पल जवां रहेगी
मर भी ये तो गम क्या दुनिया यही कहेगी
पूरा करेंगे वादा तेरा प्यार हम न भूलें

तेरे दर पे आएंगे हम दुनिया के गम भुलाने
तू देखे या न देखे तू जाने या न जाने
दिल को करेंगे कुर्बां हम तुझे कभी न भूलें

रुसवाइयों से हमको न कभी भी खोफ आया
हर इक कदम पे हमने अपना तुझी को पाया
तू साथ है हमेशा वादा कभी न भूलें
@मीना गुलियानी 

याद आ गया कोई

फिर सुहानी शाम को याद आ गया कोई
मीठे मीठे सपनों को फिर दिखा गया कोई

चाँदनी ये रात है गुमसुम सा आसमान है
मधुर मीठी नींद में सो रहा जहान है
थपकियाँ दे दे के फिर मुझको सुला गया कोई

दिल में तेरी याद है उमंगों भरा जहान है
धीमी पवन में झूम रहा फूलों का गुलिस्तान है
खुशबु अपनी फिर से मुझ पर लुटा गया कोई

सोने दो पलकों की छाँव में इस सुहाने गाँव में
कहदो हवाओं से ज़रा झूमें चंचल घटाओं में
वादियों में प्रेम के गीत गा गया कोई
@मीना गुलियानी

जीवन भर तेरा साथ रहे

जीवन भर  तेरा  ही साथ रहे
सुख दुःख में तू मेरे साथ रहे

जब तक सूरज  और चाँद रहे
तुम हमारे रहो  हम तुम्हारे रहें
जीवन भर का रहे नाता अमर
तेरे प्यार में कट जाए सारी उम्र
जिंदगी भर तेरा ही साथ रहे

तेरा मेरा तो ये नाता पिया
न टूटे कभी चाहे जाए जिया
मिला प्यार  तेरा तो लगा ये मुझे
मेरी माँग में तारे आज सजे
पिया याद तेरी मेरे साथ रहे

दुनिया वाले चाहे कुछ भी कहें
हम राहें प्यार की न बदलें
तेरे मिलने से ये तकदीर जगी
मेरे प्यार की दुनिया भी आज सजी
मरते दम तक तेरा साथ रहे
@मीना गुलियानी

Saturday, 14 May 2016

न लागे मोरा जिया

आजा ओ पिया न लागे मोरा जिया
आजा चोरी चोरी न कर तू अब बरजोरी
तरसे है दिल तेरे प्यार को -------पिया --

तुम जल्दी जल्दी आना सजना न देर लगाना
मनवा ये मोरा तड़पे तुम दिल की लगी बुझाना
आना जी आना - जल्दी से आना
आना ओ मेरे पिया जी ------------------------पिया

मै तेरी प्रेम पुजारिन आई हूँ तुझसे मिलने
पंछी सी उड़ती जाऊँ मै तेरे प्रेम गगन में
मिलने जी मिलने -तुझसे ही मिलने
अपना बना लो पिया जी -----------------------पिया

तुम वादा भूल न जाना दिल मेरा तोड़ न जाना
मै जब भी तुझे पुकारूँ तुम दौड़े दौड़े आना
आना जी आना - वादा निभाना
आना ओ मेरे पिया जी --------------------------पिया
@मीना गुलियानी 

फूल है जैसे चमन में

पिया जी तुम हो मेरे जीवन में
जैसे है चंदा इस गगन में
छाये हो मेरे तुम इस जहाँ में
फूल ही फूल है जैसे चमन में

तुम मिले तो मुझको ये जहान मिल गया
सपनों की मंजिल मिली हर ख्वाब मिल गया
तुम ही तुम हो मेरे जहाँ में
खुशबु है फैली इस जीवन में

चाँद आसमान का और तारे खो गए
तुम मिले तो सपने सारे पूरे हो गए
प्यार भरा है मेरे जीवन में
हरियाली छाई है इस मधुबन में

दीप तेरे प्यार के देखो जी जल गए
तुम चले जो संग मेरे लोग जल गए
क्या है परवाह जो संग न दुनिया
तुम ही संग हो मेरे जीवन में
@मीना गुलियानी 

हाथों में तेरे मेरा हाथ रहे

पिया मेरा तेरा यूँ ही साथ रहे
हाथों में तेरे मेरा हाथ रहे

रहे प्यार तेरा मेरे जीवन में
खुशियाँ ही रहें तेरे संग संग में
हो मेले सदा इस जीवन में
दुःख दूर रहें न हो कभी संग में
वरदान प्रभु का तेरे साथ रहे

तुझे सौंप दिया जीवन अपना
तेरी प्रीत मिली है जबसे सनम
अपनाया तेरा दुःख सुख मैने
संग चलूँगी सदा मै तेरी हमकदम
हमसे दूर अमावस की रात रहे
@मीना गुलियानी

जी न लगे

पिया अब तू नहीं जाना कि जी न लगे
मौसम है सुहाना कि जी न लगे

जाओ न यूँ छोड़कर मुझसे मुँह मोड़कर
ऐसे पिया तो  तुम जाओ ना
कैसे रहूँगी मै तेरे बिना साजना
मुझसे तो ऐसे जिया जाए ना
अब काहे को जाना  कि जी न लगे

रोज़ तुम जाओगे जी मेरा जलाओगे
मुझसे तो सहा ये जाए ना
अभी तुम आये थे अभी फिर जाओगे
रुत बदले तो फिर आये ना
छोडो आना जाना  कि जी न लगे
@मीना गुलियानी

रहूँगी मै पिया तेरे ही संग

तेरे संग पिया जीवन ये बाँध लिया है
संग तेरे चलूँ मै तो हरदम
तेरे नाम को मैने भी जान लिया है
 रहूँगी मै पिया तेरे ही संग

चाहे दुश्मन ये सारा ज़माना बने
चाहे जीवन  फ़साना बने
तेरे हाथों में में सौंपी है मैने डोरी
पिया ले चल तू संग

मैने खुशियाँ भी पाई है तुझसे सनम
तू ही धरती है मेरी तो तू ही गगन
बोलो कैसे छिपाऊंगी दुनिया से अब
तेरी उल्फ़त सनम
@मीना गुलियानी  

Friday, 13 May 2016

ऐसे रूठा न करो

देखो अब मेरी सुनो ऐसे रूठा न करो
माफ़ भी करदो हमें यूँ सताया न करो

जान पर मेरे बनी आपकी ठहरी हँसी
क्या करूँ तेरे लिए लब पे आ जाए हँसी
बात करलूं मै ज़रा दूर जाया न करो

आपकी नज़रों ने जाने क्या जादू किया
दिल मेरा छीन लिया तेरे पहलू में गिरा
मान लो कहना मेरा दिल जलाया न करो

प्यार ही  प्यार में हम जाने कहाँ तक आए
दूर ही दूर रहे फिर भी हम खिंचे ही आये
अपनी पायल की झनक यूँ सुनाया न करो
@मीना गुलियानी 

तेरा दीदार मिल जाए

हमसे यूँ न आँखे मिलाओ जादू है इनमे प्यार का
हल्का हल्का कुछ होने लगा है सुरूर इसके खुमार का

जब भी तुम देखो इधर रुत ये बदल जाए
आंचल जो उड़ जाए तो दिल भी मचल जाए
रुत ये बदलने दो ,दिल को मचलने दो
ज़रा देखे ये भी जलवे तमन्ना इनकी निकल जाए

फूलों की रुत आ गई लेकर नज़राने
हसरत दिल में लेके हम आये दीवाने
यही है जुस्तजू यही है आरज़ू
हो जाएँ नज़रें चार तेरा दीदार मिल जाए
@मीना गुलियानी 

Thursday, 12 May 2016

दिल मै कैसे अता करूँ

तेरा प्यार ही मेरी जुस्तजू तू समझ न पाए तो क्या करूँ
चाहे गम दे मुझको या दे ख़ुशी मै कभी न तुझसे जुदा रहूँ

तू ही मेरे इतने करीब है मेरा दिल बड़ा खुशनसीब है
पर तुमको ही ये पता नहीं तुझे क्या मै इसका गिला करूँ

मेरे दिल ने तुझको ही दी सदा तू न होना मुझसे कभी खफा
तेरे दिल का भी तो पता चले तुझे कैसे इसकी खबर करूँ

तू ही मेरा सारा जहान है तू ज़मी मेरी आसमान है
तू ही रूबरू है मेरे तो क्या तुझे दिल मै कैसे अता करूँ
@मीना गुलियानी 

कर दिया घायल हमें

सैंया तेरी नज़रों  ने कर  दिया घायल हमें
छेड़े मुझे सब सखियाँ हैरान कर दे हमें

इक तेरी प्यारी छवि दूजी तेरी मुस्कान है
देखूँ जब मै इक पल तुझे भूलूँ सारा जहान है
सैंया तेरी कातिल अदा मार डालेगी हमें

फूलों जैसी तेरी हँसी सागर से गहरी हुई
जब जब चलती पवन खुशबु सी उड़ती हुई
करें दिल दीवाना जग से छुड़ा दे हमें
@मीना गुलियानी 

आज मेरे ज़मीं पे नहीं है कदम

मिल गए है मुझे आज मेरे सनम
आज मेरे ज़मीं पे नहीं है कदम

ओ बहारो  सुनो आज ठहरो ज़रा
फूल मुस्कानों के आज दो तुम सजा
रौशनी से तुम अपनी जलाओ दीये
बुझ न पाएँ हवा से जो जले थे दीये
होगी ये आँखे अब तो कभी भी न नम

आएंगे वो सनम तुम संवारो मुझे
फूलों कलियों से कहदो  निखारें मुझे
मेरी किस्मत जगी आज आएंगे वो
आशियाँ मेरा फिर से सजाएंगे वो
आज चल दूँ जिधर ले चलें ये कदम

जादू छाया हवा में सम्भालो मुझे
उड़ती जाऊँ हवाओं में थामो मुझे
आज दिल में मेरे अरमा है जगे
कबसे सोये थे सपने लगा फिर जगे
दिल बहकने लगा होश खोएं न हम
@मीना गुलियान

Thursday, 5 May 2016

कौन आया

कौन आया कि हवाओं में महक जाग उठी
दिल के शोलों में हवाओं से अगन जाग उठी

किसके आने की खबर से मेरा दिल धड़का है
किसके आने से ही दरवाज़ा मेरा खडका है
कान बजने  लगे साँसों में खनक जाग उठी

तेरे आने की आहट पे निगाहें उठीं
तेरे आने से हवाएँ भी लो महक उठीं
दिल में अरमान जगे मन में तड़प जाग उठी

मेरे दिल ने कुछ सपने से सजा रखे है
फूल तेरे कदमों में मैने तो बिछा रखे है
पाँव रखो जो ज़मीं पर तो धमक जाग उठी
@मीना गुलियानी 

जल उठी शमा तेरे नाम से

ये कौन आया महफ़िल में जल उठी शमा तेरे नाम से
धीरे धीरे चुपके चुपके किसी ने पुकारा मेरे नाम से

यादें है कुछ जागी सी अलबेली इठलाती सी
अरमानो की बस्ती में आई है रुत ये सुहानी सी
पूछा पता फिर आते आते किसने मेरे नाम से

रुत ये सुहानी आई है पुरवाई लहराई है
चम्पा चमेली और महुआ ने ली फिर अंगड़ाई है
ऐसे भला राधा कोई रूठे कैसे श्याम से

सावन की बरखा आई संग में बिजुरी ले आई
उड़ता आंचल गोरी का गेसू की लट बलखाई
पनघट पे गोरी कैसे ठारि मटकी थाम के
@मीना गुलियानी

मेरा दिल तो तेरे ही पास है

मुझे तेरे दिल का पता नहीं , मेरा दिल तो तेरे ही पास है
कहीं टूट जाए न दिल मेरा , रहता बड़ा ही उदास है

कभी भूल न जाओ ये तुम कभी हम मिले  थे बहार में
गिले शिकवे सारे भुला  दो तुम यहीं भूल जाओ प्यार में
दिल जो न तुमसे ये कह स्का उसे तेरे प्यार की प्यास है

मेरी धड़कनो में रहे सदा अब वादे सारे भुला दिए
चले साथ मेरे हम कदम फिर रिश्ते क्यों ये भुला दिए
मिला गम तो भी सर आँखों पर क्योंकि वो ही तेरे पास है

हम न भूल पाएंगे तुम कभी चाहे भूले से भी भुला दो तुम
दर्दे दिल ही पाया नसीब में तो है क्या गिला ये भुला दो तुम
मै हूँ वो शमा जो जली नहीं मेरी रौशनी तेरे पास है
@मीना गुलियानी 

Wednesday, 4 May 2016

मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो

मुझे तुमसे कुछ भी गिला नहीं
मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो
दिल आज तो है बुझा हुआ
इसे क्यों न अपने से जोड़ दो

कभी दिल का गुंचा भी खिल उठे सोचा था तेरे प्यार में
न फूल मुरझाएगा यूँ तेरे साये में इस बहार में
करूँ कैसे तुम पे यकीन मै कहीं साथ मेरा न छोड़ दो

है ये हादसा भी तो कम नहीं मिले  दो दिल और जुदा हुए
कैसा  मोड़ जिंदगी में आया फिर कभी मिल सके जो खफा हुए
दिल टूटा है तो क्या हुआ इसे सामने मेरे जोड़ दो

तुम भूल जाओ खता  मेरी और मान भी लो मेरा कहा
तेरे प्यार में मेरा हाल है जो न हो सके हम कभी जुदा
तेरे गम ने जो भी दिया मुझे उसे भूल जाओ छोड़ दो
@मीना गुलियानी

याद आ गया कोई

झूमती हवा चली याद आ गया कोई
बुझती बुझती ये  शमा फिर  जला गया कोई

चाँदनी ये रात है चुप ये आसमान है
इक नशीली याद में गुम सारा जहान है
आज  भूली याद को फिर जगा गया कोई

सोई सोई है ज़मी सोया आसमान है
नींद में ही खो गया सपनो का जहान है
मीठे मीठे सपनो से फिर जगा गया कोई

याद तेरी आई जब खोये हुए कहीं थे हम
आके मुझे जगा दिया वो ख़्वाब  सारे हो गए गुम
दिल के तार बज उठे राग गा  गया कोई
@मीना गुलियानी


Tuesday, 3 May 2016

मेरा दिल टूट जाएगा

न ऐसे रूठो हमसे तुम मेरा दिल टूट जाएगा
तुम्हारा कुछ न बिगड़ेगा ज़माना छूट जाएगा

हमारी जान ले लेंगी तुम्हारी मस्त ये आँखे
तुम्हारी हर अदा प्यारी हमें भा गईं तेरी बातें
अगर तुम बातें दो करलो पीछा गमों से छूट जाएगा

तुम्हारी जुल्फें ये बिखरी गज़ब फिर उसपे शर्माना
करें गेसू हमें घायल तो चेहरा करता परवाना
अदा ये तेरी मतवाली दीवाना लुट ही जाएगा

तेरी बाँकी सी ये चितवन न जाने क्या कहें मुझसे
तुम अपने आप ही कहदो पता ये पूछती मुझसे
चलो जिद छोड़ दो अपनी दीवाना फिर न आएगा
@मीना गुलियानी 

तुम मुझको बताने आ जाओ

मेरे दिल का नहीं अब मुझको पता
कहाँ ढूँढूँ इसे तू मुझको बता
तुम मुझको बताने आ जाओ -आ जाओ

बादल से बरसे पानी दिल मेरा धड़कता है
शोला सा इक दिल में जाने क्यों भभकता है
दिल पाने की ख्वाहिश क्यों हमेशा ही करता है

मेरी आँखों में तुम ही छाये हुए रहते हो
कैसे बताएं तुमको क्या क्या नहीं कहते हो
दिल कैसे हो ये काबू तुम कुछ नहीं कहते हो

तुम ही हो मेरी मंजिल तुम्हें पाना  चाहता हूँ
तेरी याद में हर दुःख मै भुलाना चाहता हूँ
मन मंदिर में तुमको मै बिठाना चाहता हूँ
@मीना गुलियानी


थोड़ा प्यार है कि नहीं

तेरी झुकी सी नज़र बेकरार है कि  नहीं
दिल में तेरे भी मगर थोड़ा प्यार है कि नहीं

हमे तो वक्त लगेगा ये बात कहने में
तुम्हीं कहो कि तुम्हें हमसे प्यार है कि नहीं

 तेरे चेहरे पे उदासी सही नहीं जाती
लबों से कहदो तुम्हें इन्तजार है कि नहीं

तेरे आने से ये रुत खुद-ब-खुद संवर जाए
गुलों से पूछो कि तुम इनका प्यार हो कि नहीं

तेरे जाने की बात सुनके दिल ये टूटेगा
तुम एक बार कहो जाऊँगा उम्र भर मै नहीं
@मीना गुलियानी 

Monday, 2 May 2016

दिल में तेरे आऊँगा

 दिल में तेरे आऊँगा - घर इक बसाऊंगा
अपना बनाऊँगा दिल में तेरे आके

दिल में किसी के कैसे घर तुम बसाओगे
यह भी बतादो कैसे घर मेरे आओगे
सपने सजाऊँगा तेरे दिल में आके
तारे तोड़ लाऊँगा तेरे दिल में आके -----------------  दिल में तेरे आऊँगा

दिल में तूफां हज़ारों कैसे झेल पाओगे
ये भी बतादूँ जां भी कैसे बचाओगे
जन्नत बसाऊंगा तेरे दिल में आके
गीत गुनगुनाऊंगा तेरे दिल में आके ----------------- दिल में तेरे आऊँगा

सुनते है सपने भी दुश्वार होगा  देखना
हकीकत में तुमको भी पड़ेगा ये सोचना
अपना बनाऊंगा तेरे दिल में आके
तन मन लुटाऊँगा तेरे दिल में आके ------------------ दिल में तेरे आऊँगा
@मीना गुलियानी 

प्यार हम करें


आ पेड़ों की छाँव तले प्यार हम करें
हिलमिल के प्यार का इज़हार हम करें

                       तू मांग का सूरज है तो मै उसकी हूँ लाली
                       मिल जाए तू जो मुझको हो जाए दीवाली
                       प्यार का सिन्दूर है तू मांग हम भरें

दिल मेरा धड़कता है तेरे नाम के सदके
आ जाए इधर तू कहीं दीवाना ही बनके
तेरे रास्ते में दिल निसार हम करें

                     ले थाम ले बाहें मेरी तू आँख का काजल
                     देखे न जमाने में कोई दूर तू लेके चल
                     इन दिलों में प्यार की झंकार हम करें
@मीना गुलियानी 

मन में बसे बालमा

पंख लगाके उड़ आती रे मन में बसे बालमा
तुझे दिल के राज़ बतलाती रे -----------

 दिल ये मेरा घायल है ऐसे
जैसे व्याकुल हिरणी हो जैसे
पापी पपीहा भी शोर मचाए
मेरा जियरा उड़ाके ले जाए ------------------ मन में बसे बालमा

 बन में डोलूं बनके हिरनिया
बोले छमछम  मोरी पायलिया
दिल की धड़कन बढ़ती  ही जाए
प्यास ये दिल की कौन बुझाए -------------- मन में बसे बालमा

कासे  कहूँ पीर अपने जिया की
सीने में उठती हूक पिया की
वन में नाचे गए मयूरवा
देखो मोरा व्याकुल जियरवा -------------- मन में बसे बालमा
@मीना गुलियानी

यूँ सताया न करो

देखो जी मानो पिया यूँ सताया न करो
बात नज़रों की सुनो जी जलाया न करो

                      ऐसा क्या कसूर हुआ क्यों भला रूठ गए
                      हमने ही पाई सज़ा बुरे भी हम ही बने
                      तुम ही अच्छे हो सनम अब तो झगड़ा न करो

बातो ही बातों में कितनी ही बात बढ़ी
कैसे में मनाऊँ तुम्हे हो बड़े तुम तो हठी
अब तो मै हार गई तुम सताया न करो

                    नज़रें क्यों फेर ली है देखो कुछ बात करो
                    यूं न रूठे ही रहो हमसे मुलाक़ात करो
                    नज़रे झुकाए हो क्यों वो मिलाया भी करो
@मीना गुलियानी 

Sunday, 1 May 2016

जियरा मोरा तड़पत आज


आज पिया जी मिलने को आओ
नैनन की मोरी प्यास बुझाओ
जियरा मोरा तड़पत आज -----------------------सैंया

देखो गगन पे छाये है मेघ
बरखा बहार लाई है वेग
झूमे धरती झूमे आकाश
आओ खेलें मधुबन में रास ---------------------सैंया

नैया है मेरी आई मँझधार
किश्ती के तुम ही खेवनहार
तुम बिन नैया उतरे न पार
डोले इत उत सूझे न द्वार ---------------------सैंया

जीवन का मेरे तुम ही संगीत
वीणा ये मेरी गाए है गीत
हम दोनों में हो गई प्रीत
देखो हमारी हो गई जीत ------------------------सैंया
@मीना गुलियानी