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रविवार, 10 मई 2015

गुरुदेव के भजन-241 (Gurudev Ke Bhajan241)




दरबार है जग से निराला करदे सबके मन में उजाला
जग से ऊँची तेरी शान तेरी महिमा बड़ी महान
ओ बाबा घाटगेट वाला

तेरी सूरत प्यारी सबके दिल में उतर गई
पूजा जिसने भी तुमको उसकी किस्मत संवर गई
है कैसा सीधा साधा है कितना भोला भाला
तेरे ज्ञान का दीपक बाबा घर घर करे उजाला
गाये तेरा सब गुणगान पूजे तुझे ये सारा जहान
ओ बाबा घाटगेट वाला

सबकी किस्मत की रेखा देखो पल में पलट गई
मझधार में थी जो नैया वो किनारे उतर गई
 तू विपदा सबकी टारे हो दीन जो कोई पुकारे
बड़े बड़े धनवान भी  बाबा शीश झुकाएं द्वारे 
ओ बाबा घाटगेट वाला



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