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रविवार, 10 मई 2015

गुरुदेव के भजन-242 (Gurudev Ke Bhajan242)



बाबा जी मुझको अपने चरणों में तुम बुला लो 
बन्दा गुनहगार हूँ तुम  मुझको बख्श डालो 

तेरे दर्श की ख्वाहिश है ये मेरी गुज़ारिश है 
करो नाम का परवाना पापों से तुम बचा लो 

दिल में बड़ा अँधेरा दुनिया के गम ने घेरा 
फंदे छुड़ा के तुम मेरे चरणी ज़रा लगा लो 

किये पाप मैने लाखों बाबा तुमको भूलकर 
बच्चा हूँ मै तुम्हारा तुम गले से फिर लगा लो 

यही आस मेरी बाबा भव से उबार दो 
नैया पड़ी भंवर में पतवार तुम चला लो 


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