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सोमवार, 11 मई 2015

गुरुदेव के भजन-247 (Gurudev Ke Bhajan247)



हम तेरे द्वार पे बाबा मेरे आ ही गए आ ही गए 
अब न ठुकराना द्वार से द्वार से 

दुनिया के बंधन तोड़ सारे  दर पे तेरे चले आये 
नाते रिश्ते सब छोड़के शरण में तेरी हम चले आये 
अब तुमको  माना है तुझको ही सच्चा जाना है 
तेरे बिन मेरा कोई नही है ठुकराये हुए संसार से 

दुनिया थी सराय न जाना विषयों  में जीवन डूब गया 
गम ने भी  इतना तड़पाया दिल मेरा भंवर में डूब गया 
अब पार करो नैया मेरी मुझको तो आस हे इक तेरी 
तुझसे तो जहाँ में कोई नही है दिल टूटा इस संसार से 


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