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गुरुवार, 21 मई 2015

गुरुदेव के भजन 362 (Gurudev Ke Bhajan 362)



बाबा जी तेरा दर न छोड़ेगे हम 
तेरे दर पे ही मेरा निकले ये दम 

यही आरजू है दर्श तेरा पाऊँ 
गीतों की माला तुझको पहनाऊँ 
जपूँ नाम तेरा जब तक है दम 

मेरी जिंदगी है तेरे हवाले 
डुबो दे मुझे चाहे पार लगाले 
झुके सिर मेरा जहाँ तेरे कदम 

तेरी छवि मेरे दिल में समाई 
रहना मेरे संग करना सहाई 
करना दया न भटके कदम 

दुनिया की माया से मुझको बचाना 
शरण में अपनी तुम मुझको लगाना 
रटूँ नाम तेरा न फिर हो जन्म 



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