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रविवार, 31 मई 2015

माता की भेंट - 39


सुआ चोला ते दुपट्टा नाबी रंग दा 
मत्थे उते चंद चमके शेरा वालिये 

तेरा किसने भवन बनाया , नी  कोण  तेरा झंवर झोले शेरा वालिये 

पंजा पांडवा ने भवन बनाया , अर्जुन झंवर झोले शेरा वालिये 

तेरे दर्शन दी अभिलाषा ,  माँ भगता नू दे दर्शन शेरा वालिये 

तेरा आद क्वारी  डेरा , कि कटरयो पया दिसदा शेरा वालिये 

पान सुपारी ते ध्वजा नरेला , भेंट पहली भेंट चढ़े शेरा वालिये 

ओखी घाटी ते बिखड़ा पेन्डा ,  नी पैरा विच रोड़े चुबदे शेरा वालिये 

चिटे चावल ते दुध माजा , नी क्न्ज्का नू भोग लगे शेरा वालिये 

शेरा वालिये पहाड़ा वालिये , कि जगमग जोत जगदी शेरा वालिये 

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