घाटगेट धाम तेरा महानन्द नाम तेरा
सबके दुःख दूर हुए जिसने याद किया
भक्तो की लाज रखे सब विपदा टारे
जो भी पुकारे उसे भव से वो तारे
महिमा गाउँ तेरी जपे तेरा नाम जिया सबके दुःख दूर हुए जिसने याद किया
प्यारी तेरी सूरत है मोहिनी मूरत है
तेरी कृपा की बाबा सबको जरूरत है
प्रेम सुधा रस का मैने तो प्याला पिया सबके दुःख दूर हुए जिसने याद किया
आँखों में मस्ती है बड़ी ऊँची हस्ती है
अनाथों के नाथ तुम्ही दया बरसती है
सिर पर हाथ तेरा फिर क्यों डरपे जिया सबके दुःख दूर हुए जिसने याद किया
________________________****_______________________
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें