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सोमवार, 11 मई 2015

गुरुदेव के भजन-257 (Gurudev Ke Bhajan257)




गाओ जी मंगल आज गुरुपूर्व आया 
लाया सौगातें है आज गुरुपूर्व आया 

आओ जी मिलकर गाये मन की मुरादें पायें 
बाबा ने खोले भंडार गुरुपूर्व आया 

खुशियों की घड़ियाँ आई कितनी सौगातें लाई 
बाबा जी पूरी करेंगे आस गुरुपूर्व आया 

फूलों की वर्षा होगी  अमृत की वर्षा होगी 
बाबा से मुक्ति पाओ आज गुरुपूर्व आया 


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