बिगड़ी मेरी बना दे ओ महानन्द बाबा
किस्मत मेरी जगा दे ओ महानन्द बाबा
अाये है जो सवाली लौटाना न तू खाली
विनती को सबकी सुनना भरना तू झोली खाली
भव पार तू लगादे ओ महानन्द बाबा
मै तो हूँ दासी तेरी करना न आज देरी
ये परीक्षा की घड़ी है तू बचाना लाज मेरी
मेरे भाग्य तू जगा दे ओ महानन्द बाबा
गम से भरा जहाँ है कुछ न मेरा यहाँ है
फरियाद सुनके काटो दुःख का नामोनिशां है
भव पार तू लगा दे ओ महानन्द बाबा
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