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मंगलवार, 12 मई 2015

गुरुदेव के भजन-270 (Gurudev Ke Bhajan 270)



आओ दीनानाथ तुझे दिल ने पुकारा है आओ दीनानाथ तुझे दिल ने पुकारा है
 तू ही मेरा सहारा है  ------------------- आओ दीनानाथ तुझे दिल ने पुकारा है

सब ये कहते है बाबा जी भक्तों की मुरादें पूरी करें 
मै भी आया हूँ दर्शन का भिखारी झोली मेरी आज भरें 
आओ बाबा जी दर्शन मुझे भी दो
 क्या घटता तुम्हारा है आओ दीनानाथ तुझे दिल ने पुकारा है

कहते है जग वाले मै तो हूँ दीवानी तेरे ही गुण गाउँ 
जाऊँ न खाली ये हठ भी है ठानी तेरा ही ध्यान लगाऊँ 
कृपा करदो तुम झोली मेरी भरदो 
भरा तेरा भंडारा है आओ दीनानाथ तुझे दिल ने पुकारा है



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