यह ब्लॉग खोजें

बुधवार, 13 मई 2015

गुरुदेव के भजन-274 (Gurudev Ke Bhajan 274)



तेरी जोत का दिल बने परवाना मुझे न भुलाना बाबा चरणी लगाना 

क्या बतलाऊँ अपनी कहानी होठों पे हँसी और आँखों में पानी 
दिल न दुखाना बाबा न ठुकराना 

हमने सुना है नाम तुम्हारा करे दूर गम का जो भी हो सारा 
टूटे हुए दिल का भी बने आशियाना 

चरणों में रखना दिल में बसाना प्रीत मेरी बाबा न ठुकराना 
बंदगी में तेरी मै तो भूलूँ ज़माना 


________________________****____________________

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें