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रविवार, 10 मई 2015

गुरुदेव के भजन-240 (Gurudev Ke Bhajan240)




दिल करता ओ महानंद बाबा मेरा दिल करता 
दर तेरे पे आऊँ श्रद्धा से शीश झुकाऊं फूलों की माला पहनाऊँ 
ओ   ----खाली है झोली बाबा भरने को आया  ------दिल करता ------

सुन्दर प्यारा तेरा भवन रंगीला है 
खुशियो के मेले सजें अद्भुत लीला है 
ओ -----अजब निराला घाटगेट है बसाया --------दिल करता ---

सुनलो बाबा जी तेरे दर के भिखारी है 
माया और मोह में लिपटे नर नारी है 
ओ --------आज तेरे दर पे हमने डेरा है लगाया ----दिल करता ---

मेहर के खज़ाने खोलो करदो निहाल तुम 
शरण में आये बाबा करलो सम्भाल तुम 
ओ --------विनती को सुनलो बाबा दर तेरे आया ---दिल करता ---

सारा जग वैरी बाबा कैसे हम ध्याये 
हमे न भुलाना बाबा गुण तेरे गाये 
ओ -----चरणो की भक्ति देना आस लेके आया ----दिल करता ---

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