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मंगलवार, 12 मई 2015

गुरुदेव के भजन-260 (Gurudev Ke Bhajan260)



तेरे द्वार पे जो भी आता है वो मन की मुरादे पाता है 
भर देते मुरादों से झोली जो आशा लेके आता है 

बाबा तेरे द्वार से मैने तो जीवन में सब कुछ पाया है 
गम से डूबी इस किश्ती को तूने ही पार लगाया है 
खुशियो से भरे सबकी झोली जो भी इस द्वार पे आता है 

तेरे द्वार पे आने वालों की हर एक तमन्ना पूरी हो 
बाबा तेरा हाथ हो सर पे मेरे और दिल से न कभी दूरी हो 
दुःखियों के सहारे बाबा तुम दिल नाम तुम्हारा ही गाता है 

दुनिया के सहारे झूठे है इक नाम तुम्हारा अपना है 
देखी दुनिया की प्रीत यहाँ सब दुनिया भी इक सपना है 
तेरा नाम ही बाबा दिल में है जो बनके ज़ुबां छा जाता है 


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