बाबा मुझे अपने चरणों में बिठा ले तू पास बुला ले
कि और मेरा कोई नहीं
माना गुनहगार तू भूले भुला ले शरण में लगा ले
कि और मेरा कोई नहीं
भूलें जो हमारी है भूल जाओ बाबा
ऐसे कोई बच्चों से रूठ नहीं जाता
चरणों में गिरा हूँ तू मुझको उठाले गले से लगाले
कि और कोई नहीं
तू ही मेरी माँ है तू ही पिता है बाबा
तेरे सिवा दुनिया में कौन मेरा बाबा
माँ की तरह मुझको आँचल में छुपा ले गले से लगाले
कि और मेरा कोई नहीं
तू तो बाबा ज्ञानी है मै तो नादान हूँ
रूठो न यूं मुझसे मै बड़ा परेशान हूँ
ममता की छैंया में मुझको छुपा ले तू अपना बनाले
कि और मेरा कोई नहीं
_____________________***______________________
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें