बाबा तेरे चरणो में बहती है गंगाधारा
मुझको भी तार दो अब लाखों को तूने तारा
कबसे भटक रहे है सूझे नही किनारा
किश्ती मेरी बचाले दे दो मुझे सहारा
विषयों के नाग काले डसे शाम और सवेरे
काटो ये फन्द सारे मोहजाल ने है मारा
करदो दया की दृष्टि बदलो नसीब मेरा
करो माफ़ भूले मेरी मेटो गम का ये अँधेरा
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