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गुरुवार, 23 अप्रैल 2015

गुरुदेव के भजन-113 (Gurudev Ke Bhajan113)




हमें तार दे तार दे तार दे रे  -  भव से तार दे 
दर पे तेरे आये बाबा बनके आज सवाली 
भरदो बाबा झोली सबकी कोई न जाये खाली 
हमें तार दे तार दे तार दे रे  -  भव से तार दे 

दर पे सुना जो लोग है आते मन की मुरादें पाते 
खाली झोली भर ले जाते दिल की आस पुजाते 
दिल के खज़ाने खोले बाबा मालोमाल हो जाते 
रोते रोते जो भी आते हँसते हँसते जाते 
हमें तार दे तार दे तार दे रे  -  भव से तार दे 

सकल  सृष्टि के कण कण के क्रम तेरे इशारे पे चलते 
रैन दिवस सूरज ओ चंदा तेरे कहने से हिलते 
तुम सारे जग के मालिक हो जाने ये जग सारा 
तेरा द्वारा बाबा हमको लगता सबसे प्यारा 
हमें तार दे तार दे तार दे रे  -  भव से तार दे 


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