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शनिवार, 18 अप्रैल 2015

गुरुदेव के भजन-72(Gurudev Ke Bhajan72))




मेरे बाबा जी जग से  निराला तेरा धाम रे ,मुझे प्यारा तेरा नाम रे 


झूठी दुनिया झूठे है बन्दे झूठी है ये माया ,झूठा सांस का आना जाना झूठी है ये काया 
हे बाबा साँचा तेरा नाम रे 


तेरे संग जबसे प्रीत है जोड़ी छोड़ दिया जग सारा ,हर पल बाबा तुमको ध्याऊ मन में बजे इकतारा 
सारे जग से निराली तेरी शान रे सारे 


काशी मथुरा ब्रज  गोवेर्धन और कैलाश के द्वारे ,कहाँ कहाँ नहीं भटके बाबा आये शरण तिहारे 
मुझे पार लगाना हे नाथ रे 


जबसे तेरी लगन लगी रे नाते सारे टूटे ,जान लिया पहचान लिया है  सारे  रिश्ते झूठे 
बाबा शरण पड़ा तेरी आन रे 


बाबा जी मुझको भक्ति शक्ति मोक्ष का ज्ञान कराओ ,यही वरदान मै तुमसे मांगू बुद्धिबल को बढ़ाओ 
मेरी लाज तुम्हारे हाथ रे 


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