तेरे दर पे आते है लाखों सवाली
मै भी दर पे आया हूँ जाऊ न खाली
तू ही मेरी मुश्किल को आसान करदे
उमीदों की झोली मेरी आज भर दे
खड़ा हूँ मै सज़दे में बनके सवाली
तेरा नूर दुनिया पे बाबा है छाया
जो माँगा,किसी ने वो तुझसे है पाया
तेरे नूर की मुझपे चढ़ जाये लाली
ज़मी चाँद सूरज ये अम्बर के तारे
सभी आके झुकते है तेरे द्वारे
मै दर पे खड़ा आज बनके भिखारी
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