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सोमवार, 6 अप्रैल 2015

गुरुदेव के भजन -०१ (Gurudev Ke Bhajan-01)




गुरुदेव दया करके, मुझे तुम अपना लेना
तेरी शरण में आया हूँ, मुझे न ठुकरा देना। 

हूँ बहुत ही घबराया, पापो  ने घेरा है
भव पार करो बाबा, चौरासी का घेरा है
भव बंधन काटो तुम, मुझे पार लगा देना। 

मैने सौप दिया बाबा, ये जीवन अब तुमको
बनना ही पड़ेगा अब, मेरा खिवैया तुमको
मेरी डूब रही नैया,पतवार चला देना।  

मेरे बाबा जी हो तुम, करुणामय और भोले
करना मुझ पर कृपा, न मेरा मन डोले
मेरा हाथ पकड़कर तुम, रास्ता तो बता देना।  

कभी भूलूँ न तुमको, इतनी तो दया करना
तेरे नाम को रटते मरू, इतनी तो कृपा करना
जब जीवन तुमने दिया, न तुम बिसरा देना।  

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