मै तो आई बाबा दर पर तेरे , करो पूर्ण मनोरथ मेरे
काटो माया के ये बंधन मेरे ,नित रहें मेरा रास्ता जो घेरे
मै तो हूँ बाबा अज्ञानी, तुम हो दयालु बाबा
मन मेरा तो नित डोले ,करना कृपा ओ बाबा
मै तो पड़ा हूँ शरण आज तेरे करो पूर्ण मनोरथ मेरे
दिल में बसा लूँ बाबा तुम्हें ,इतनी कृपा तो करना
नाम तेरा रटती ही रहूँ, हाथ तू सिर पे धरना
तेरे दर पे लगालूँ मै डेरे करो पूर्ण मनोरथ मेरे
जब भी मै बाबा पुकारू तुझे ,लाज तू मेरी बचाना
मै तो हूँ बाबा तेरी दासी ,कभी न तू मुझको भुलाना
मैंने पकडे चरण आज तेरे करो पूर्ण मनोरथ मेरे
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