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सोमवार, 1 जून 2015

माता की भेंट - 50



शेरो वाली मैया आके दर्श दिखा दे , 
नैनो की आके मेरी प्यास बुझा दे 

दर तेरे आया मैया बनके भिखारी 
दर्श की भिक्षा  दे दो हे शेरा वाली 
दिल में प्रेम वाली जोत जगा दे 

इक पल मैया न मै तुझको बिसारू 
तेरा दर छोड़ माता किसको पुकारू 
दुखी भक्तो के आके दुखड़े मिटादे 

दूर से चलके दर  पे  तेरे आवे 
अष्टमी के दिन मैया जोत आ जगायें 
बिगड़ी तकदीर मैया आके बना दे 

पांडवो ने मैया तेरा भवन बनाया 
अकबर ने आके तेरी जोत को बुझाया 
अकबर को आके मैया ज्ञान सिखा  दे 

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